कौन कर सकता है आवेदन और क्या हैं फायदे? दिल्ली सरकार की सबसे बड़ी हेल्थ स्कीम का पूरा विवरण! | BPL Card Hospital List In Delhi | Delhi Arogya Kosh Helpline Number | Delhi Arogya Kosh Hospital List | Delhi Arogya Kosh scheme | Delhi government health scheme, Arogya Kosh benefits
परिचय
Delhi Arogya Kosh Yojana: दिल्ली में रहने वाले लोगों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना यहां क्यों नहीं लागू है? अगर कोई गंभीर बीमारी हो जाए तो मुफ्त इलाज का इंतजाम कैसे किया जाए? चिंता की कोई बात नहीं है। दिल्ली सरकार ने अपने निवासियों के लिए एक विशेष योजना शुरू की है, जिसका नाम है दिल्ली आरोग्य कोष योजना (Delhi Arogya Kosh Yojana 2025)। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर लोग प्राइवेट अस्पतालों में सर्जरी, इम्प्लांट या महंगे टेस्ट करवा सकते हैं, और सरकार 5 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद देती है। यह योजना दिल्ली-एनसीआर के प्राइवेट अस्पतालों में भी इलाज की सुविधा उपलब्ध कराती है।
यह योजना 2017 में शुरू की गई थी, जब दिल्ली सरकार ने देखा कि सरकारी अस्पतालों में कुछ उन्नत इलाज उपलब्ध नहीं होते। इसलिए, जरूरतमंदों को प्राइवेट सेक्टर में इलाज कराने के लिए वित्तीय सहायता देने का फैसला लिया गया। आयुष्मान भारत योजना दिल्ली में लागू नहीं है (आयुष्मान भारत योजना, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) दिल्ली, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल राज्यों में लागू नहीं की जा रही है।) क्योंकि दिल्ली सरकार ने अपनी खुद की स्वास्थ्य योजनाओं पर फोकस किया है, जैसे कि यह योजना और दिल्ली आरोग्य निधि । आयुष्मान योजना राष्ट्रीय स्तर की है, लेकिन दिल्ली जैसे संघ राज्य क्षेत्र में राज्य सरकार की योजनाएं प्राथमिकता पाती हैं। इससे दिल्लीवासियों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार बेहतर मदद मिलती है। उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति हृदय रोग से पीड़ित है और सरकारी अस्पताल में लंबी वेटिंग लिस्ट है, तो इस योजना से वह प्राइवेट अस्पताल में जल्दी इलाज करवा सकता है।
2025 तक यह योजना अभी भी पूरी तरह से सक्रिय है, और हाल ही में जनवरी 2025 में दिल्ली आरोग्य कोष में अकाउंट्स ऑफिसर की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था, जो दर्शाता है कि योजना का संचालन सुचारू रूप से चल रहा है। इस ब्लॉग में हम इस योजना के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे|
दिल्ली आरोग्य कोष योजना क्या है? | What is Delhi Arogya Kosh Scheme?
दिल्ली आरोग्य कोष योजना दिल्ली सरकार की एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज में मदद करती है। इस योजना की शुरुआत 2017 में हुई थी, और इसका मुख्य उद्देश्य है कि दिल्ली के निवासियों को सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध न होने वाले इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों में वित्तीय सहायता प्रदान करना। योजना के तहत सरकार 5 लाख रुपये तक का खर्च वहन करती है, जिसमें सर्जरी, डायग्नोस्टिक टेस्ट और अन्य महंगे उपचार शामिल हैं।
योजना का शासी निकाय (Governing Body) 28 फरवरी 2017 को अपनी 13वीं बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे। इसमें अल्ट्रासाउंड, डॉपलर स्टडीज, मैमोग्राफी, ईईजी, ईएमजी, टीएमटी और ईसीएचओ जैसे टेस्ट के लिए गैर-एनएबीएच और एनएबीएच मान्यता प्राप्त डीजीईएचएस पैनलबद्ध स्टैंडअलोन डायग्नोस्टिक केंद्रों से वित्तीय सहायता प्रदान करने का फैसला शामिल था। इसके अलावा, पीईटी और रेडियो-न्यूक्लियोटाइड स्कैन जैसी उन्नत जांचों के लिए भी मदद दी जाती है, खासकर सात विशेष अस्पतालों (GBPH, LNH, GTBH, DDUH, BSAH, JSSH and RGSSH) में इलाज करा रहे मरीजों को।
यह योजना दिल्ली सरकार के 25 स्वामित्व वाले अस्पतालों, 23 पॉलीक्लिनिकों और 5 स्वायत्त अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों के लिए उपलब्ध है। अगर सरकारी अस्पताल में सुविधा नहीं है, तो मरीज को प्राइवेट में रेफर किया जाता है। योजना का फोकस है कि कोई भी जरूरतमंद इलाज से वंचित न रहे। उदाहरण स्वरूप, अगर किसी को किडनी स्टोन या प्रोस्टेट की समस्या है और सरकारी अस्पताल में वेटिंग है, तो इस योजना से प्राइवेट में सर्जरी हो सकती है। 2025 में योजना में डायलिसिस सेंटर्स को भी एम्पैनल किया गया है, जिसकी लिस्ट आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। इससे क्रॉनिक किडनी डिजीज वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलती है।
प्रक्रिया कैसे काम करती है? | How does the process work?
मान लीजिए कि सीमा (एक काल्पनिक पात्र मरीज) का इलाज लोकल सरकारी अस्पताल में चल रहा है और उसे हार्ट के लिए महंगा इम्प्लांट/सर्जरी चाहिए। सीमा की पारिवारिक आय ₹2,50,000 है और वह पिछले पाँच वर्षों से दिल्ली की निवासी है। वह DAK के लिए पात्र हो सकती है। प्रक्रिया कुछ इस प्रकार होगी:
- सीमा अपने इलाज कर रहे सरकारी अस्पताल के Patient Welfare Cell से बात करेगी और वहां से उसे DAK के लिये आवेदन फॉर्म मिलेगा या अस्पताल अधिकारी फॉर्म डाउनलोड कर देंगे।
- वह अपने और परिवार के आय प्रमाण, निवास प्रमाण और मेडिकल रिपोर्ट्स इकट्ठा कर लेगी — जैसे राशन कार्ड, वोटर आईडी, SDM द्वारा जारी इनकम सर्टिफिकेट (यदि आवश्यक), डॉक्टर की रिपोर्ट और इलाज का अनुमानित खर्च।
- फॉर्म भरने के बाद अस्पताल के Medical Superintendent उस फॉर्म पर Attest करेंगे और फॉर्म पर डॉक्टर की सत्यापित फोटो भी लगेगी। उसके बाद अस्पताल यह पूरा दस्तावेज़ DGHS के पास भेजेगा।
- DGHS और वित्त विभाग द्वारा जाँच एवं मंजूरी के बाद (यदि राशि ₹1,50,000 से ऊपर है तो DAK चेयरमैन की मंजूरी भी आवश्यक होगी) अस्पताल के खाते में ECS के जरिये राशि भेज दी जाएगी। अस्पताल तब सर्जरी/इम्प्लांट करवाएगा और मरीज को आगे के निर्देश देगा।
कुछ महत्वपूर्ण नियम और संशोधन | Some important rules and amendments
-
DAK की शासी निकाय ने 28 फ़रवरी 2017 की बैठक में कुछ स्पष्ट प्रावधान रखे कि Ultrasound, Doppler, Mammography, EEG, EMG, TMT and Echo जैसी इमेजिंग सेवाओं के लिए गैर-एनएबीएच तथा एनएबीएच मान्यता प्राप्त पैनलबद्ध स्टैंडअलोन डायग्नोस्टिक सेंटरों से भी धनराशि ली जा सकती है।
-
कुछ विशेष परीक्षणों के लिए (जैसे PET/रेडियो-न्यूक्लियोटाइड स्कैन) केवल सात नामित अस्पतालों में ही वित्तीय मदद दी जाती है; यदि किसी अन्य सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है और रोगी को ऐसी जाँच की आवश्यकता है, तो उसे उपयुक्त अस्पताल में रेफर किया जा सकता है।
-
NABH मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में निःशुल्क चिन्हित सर्जरी के लिए पात्रता मापदण्ड में संशोधन समय-समय पर किये जाते रहे हैं; इसलिए आवेदन से पहले सूची व शर्तों की पुष्टि ज़रूर कर लें।
कौन-कौन से अस्पताल तथा डायग्नोस्टिक सेंटर सूचीबद्ध हैं? | Which hospitals and diagnostic centres are listed?
दिल्ली सरकार ने कई सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ कुछ निजी और डीजीईएचएस-पैनलबद्ध डायग्नोस्टिक सेंटरों को DAK के तहत सूचीबद्ध किया है। इन सूचीबद्ध अस्पतालों की पूरी सूची DGEHS की साइट पर PDF के रूप में उपलब्ध है, जिसमें 25 से अधिक सरकारी अस्पताल और जुड़े 23 पॉलीक्लिनिकों का जिक्र मिलता है, साथ ही कई निजी और NABH मान्यता प्राप्त डायग्नोस्टिक केंद्रों की सूची भी शेयर की जाती है। लाभार्थी मरीजों को यह देखना चाहिए कि ठहराव और रेफरल किस प्रकार से होगा और किस-सी सेवा के लिए किस टाइप सेंटर से सहायता मिलेगी।
दिल्ली आरोग्य कोष योजना पात्रता मानदंड | Delhi Arogya Kosh Yojana Eligibility Criteria
इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ स्पष्ट पात्रता मानदंड हैं, जो सुनिश्चित करते हैं कि मदद सही लोगों तक पहुंचे। यहां हम इन्हें points में समझाते हैं:
- आय सीमा: परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए है।
- निवास की शर्त: आवेदक को आवेदन की तारीख से कम से कम 3 साल से दिल्ली का वास्तविक निवासी होना चाहिए। यह प्रमाणित करने के लिए दस्तावेज जरूरी हैं।
- इलाज की जगह: मरीज को दिल्ली सरकार के स्वामित्व वाले सरकारी अस्पताल, पॉलीक्लिनिक या स्वायत्त अस्पताल में इलाज करा रहा होना चाहिए। योजना केवल उन उपचारों के लिए है जो सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध नहीं हैं।
- अन्य शर्तें: NABH मान्यता प्राप्त प्राइवेट अस्पतालों में सर्जरी के लिए, मरीज को प्री-एनेस्थीसिया क्लीयरेंस (PAC) के बाद एक महीने की वेटिंग के बाद रेफर किया जाता है। CABG (कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग) जैसे विशेष मामलों में GIPMER से रेफरल जरूरी है।
- बच्चों के लिए: 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए माता-पिता में से किसी एक का पहचान प्रमाण और जन्म प्रमाण पत्र पर्याप्त है। 18 साल से कम उम्र के लिए दिल्ली का जन्म प्रमाण पत्र या माता-पिता का डोमिसाइल सर्टिफिकेट।
ये मानदंड 2017 से ही लागू हैं, लेकिन 2025 में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। अगर आपकी आय 3 लाख से ज्यादा है, तो आप दिल्ली आरोग्य निधि जैसी अन्य योजनाओं के लिए योग्य हो सकते हैं, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्ड धारकों के लिए 1.5 लाख तक मदद देती है। यह योजना सभी धर्म, जाति के लोगों के लिए खुली है, बस पात्रता पूरी होनी चाहिए।
दिल्ली आरोग्य कोष योजना आवश्यक दस्तावेज | Delhi Arogya Kosh Yojana Required Documents
योजना के लिए आवेदन करते समय सही दस्तावेज जमा करना बहुत महत्वपूर्ण है। यहां हम इन्हें एक table में प्रस्तुत कर रहे हैं ताकि समझना आसान हो:
दस्तावेज का प्रकार | विवरण |
---|---|
आय प्रमाण पत्र (Income Certificate) | अगर सालाना आय 1 लाख से कम है तो राशन कार्ड। 1-3 लाख के बीच तो SDM से जारी इनकम सर्टिफिकेट। |
निवास प्रमाण (Residency Proof) – कोई एक | SDM से डोमिसाइल सर्टिफिकेट, राशन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, मतदाता सूची में नाम, आधार कार्ड। |
बच्चों के लिए (18 साल से कम) | दिल्ली का जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता में से एक का डोमिसाइल सर्टिफिकेट। |
अन्य दस्तावेज | 2 पासपोर्ट साइज फोटो, मरीज के इलाज रिकॉर्ड की फोटोकॉपी। |
ये दस्तावेज योजना की पात्रता साबित करने के लिए जरूरी हैं। आधार कार्ड या वोटर आईडी जैसे दस्तावेज दिल्ली का निवास प्रमाणित करते हैं। अगर दस्तावेज अधूरे हैं, तो आवेदन रिजेक्ट हो सकता है। अतिरिक्त रूप से, इलाज करने वाले डॉक्टर का रेफरल लेटर और अस्पताल का अनुमानित खर्च का एस्टीमेट भी लगाना पड़ सकता है। 2025 में डिजिटल दस्तावेजों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, लेकिन फॉर्म अभी भी ऑफलाइन जमा होता है।
क्या यह योजना अभी भी चल रही है? — स्थिति और अपडेट | Is this plan still running? — Status and Updates
सरकारी वेबपेजों और आधिकारिक PDFs पर DAK का विवरण उपलब्ध है और scheme को लेकर समय-समय पर रिपोर्ट्स तथा सरकारी आँकड़े जारी होते रहे हैं। हालाँकि किसी भी योजनात्मक जानकारी में वित्तीय आवंटन और सूचीबद्धता पर राजनीतिक व प्रशासनिक परिवर्तन भी प्रभाव डाल सकते हैं। अतः अंतिम और ताजातरीन जानकारी के लिये DGEHS की आधिकारिक साइट, UMANG पोर्टल या Delhi Health के Publication सेक्शन को चेक करना बेहतर रहता है।
दिल्ली आरोग्य कोष योजना आवेदन प्रक्रिया | Delhi Arogya Kosh Yojana Application Process
दिल्ली आरोग्य कोष में आवेदन करना एक स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया है। यहां हम इसे points में समझाते हैं:
यदि आपको या आपके परिवार के किसी सदस्य को DAK के तहत सहायता चाहिए तो नीचे बताये गए स्टेप्स का पालन करें:
- जिस सरकारी अस्पताल में आपका इलाज चल रहा है वहाँ के Patient Welfare Cell / Medical Superintendent से संपर्क करें। अधिकांश मामलों में अस्पताल आपका Application Form प्रोसेस करेगा।
- DGHS की आधिकारिक साइट से Application Form डाउनलोड करें या अस्पताल से फॉर्म लें। आधिकारिक फॉर्म का एक उदाहरण DAK के Application PDF में मौजूद है।
- फॉर्म को ठीक से भरें — इसमें मरीज का नाम, उम्र, रोग/उपचार का विवरण, अस्पताल का नाम, आर्थिक स्थिति का ब्योरा और आवश्यक दस्तावेज़ संलग्न होते हैं। फॉर्म पर दो गवाहों के हस्ताक्षर भी जरूरी होते हैं।
- फॉर्म की सत्यापन प्रक्रिया: अस्पताल का Medical Superintendent या Medical Director फॉर्म पर Attest करेगा। मरीज की फोटो और डॉक्टर का सत्यापन भी आवश्यक है।
- फॉर्म संबंधित विभाग द्वारा ऑन-फाइल प्रोसेस करके ई-ऑफिस/Directorate General Health Services को मंजूरी के लिए भेजा जाता है। आवेदन को वित्त विभाग व DAK के चेयरमैन तक कई स्तरों पर वैरिफाई किया जाता है।
- एक बार मंजूरी मिल जाने पर धनराशि अस्पताल के खाते में ECS के माध्यम से भेज दी जाती है और अस्पताल इलाज की आगे की प्रक्रिया शुरू कर देता है। मरीज को मंजूरी की सूचना स्पीड पोस्ट या फोन पर दी जाती है (यदि नंबर उपलब्ध हो)।
आवेदन मंजूर होने पर राशि ECS से अस्पताल को ट्रांसफर हो जाती है, और मरीज को स्पीड पोस्ट या फोन से सूचित किया जाता है। प्रक्रिया में 2-4 सप्ताह लग सकते हैं, इसलिए जल्दी आवेदन करें। अगर रिजेक्ट हो, तो कारण जानकर दोबारा ट्राई कर सकते हैं।
फॉर्म भरते समय ध्यान देने योग्य बिंदु | Points to note while filling the form
- फॉर्म में मरीज का दुरुस्त नाम, उम्र और पहचान पत्र के अनुसार पते भरें। छोटे से छोटे गलती से आवेदन में विलंब हो सकता है।
- फॉर्म पर दो गवाहों के हस्ताक्षर और अस्पताल के Medical Superintendent के Attestation को सुनिश्चित करें।
- डॉक्टर द्वारा इलाज के अनुमान (Estimate) और प्री-एनेस्थीसिया क्लियरेंस (यदि आवश्यक) पहले से तैयार रखें।
- यदि इलाज में इम्प्लांट शामिल है तो इम्प्लांट का ब्रांड/मॉडल और अनुमानित कीमत की स्पष्ट जानकारी संलग्न करें।
आवेदन अस्वीकार होने के सामान्य कारण और समाधान | Common reasons for application rejection and solutions
- दस्तावेज़ अपूर्ण या गलत हों: अधिकतर आवेदनों का रिजेक्शन अनुपूरक दस्तावेजों के कारण होता है। समाधान: फॉर्म जमा करने से पहले डॉक्युमेंट्स की सूची दो बार जाँच लें और आवश्यक प्रमाण पत्र अपनी SDM से पहले से बनवाकर रखें।
- आय-सीमा से अधिक हो: यदि परिवार की आय ₹3 लाख से अधिक है तो आवेदन अस्वीकार हो सकता है। समाधान: किसी समय-पीड़ित आय प्रमाण में विसंगति हो तो SDM या संबंधित प्राधिकारी से आय प्रमाण को चेक कराएं।
- इलाज सरकारी अस्पताल में न चल रहा हो: DAK के लिये यह अनिवार्य है कि मरीज का इलाज किसी पात्र सरकारी अस्पताल में चल रहा हो। यदि आप प्राइवेट से सीधे आवेदन करते हैं तो वह अस्वीकार हो सकता है। समाधान: पहले सरकारी अस्पताल में रेफरल या इलाज प्रारम्भ कराएँ और फिर आवेदन करें।
दिल्ली आरोग्य कोष योजना अनुमोदन स्तर और वित्तीय सहायता | Delhi Arogya Kosh Yojana Approval Level and Financial Assistance
वित्तीय मदद की राशि के आधार पर अनुमोदन अलग-अलग स्तरों पर होता है। यहां एक table है:
राशि | अनुमोदन कहां से | कैसे मिलेगा पैसा |
---|---|---|
25,000 तक | DGHS | ECS से अस्पताल को |
25,001-1,50,000 | DGHS (वित्त विभाग से मंजूरी के बाद) | ECS से अस्पताल को |
1,50,001-5,00,000 | चेयरमैन, दिल्ली आरोग्य कोष | ECS से अस्पताल को |
यह सिस्टम सुनिश्चित करता है कि बड़ी राशियों के लिए उच्च स्तर का चेक हो। मदद केवल इलाज के खर्च पर दी जाती है, नकद नहीं।
किन चीज़ों के लिये सहायता मिलती है? | What are the things for which help is available?
DAK के तहत वित्तीय सहायता सर्जरी, महंगे इम्प्लांट, विशेष जांच-परीक्षाओं (जैसे PET स्कैन, रेडियो-न्यूक्लियोटाइड स्कैन आदि) और कुछ विशेष इमेजिंग/डायग्नोस्टिक सेवाओं के लिए दी जाती है। राज्य ने यह व्यवस्था की है कि कुछ जाँचों के लिये मान्यता प्राप्त डीजीईएचएस पैनलबद्ध स्टैंडअलोन डायग्नोस्टिक सेंटरों से भी वित्तीय सहायता ली जा सके। विशेषता यह है कि सात प्रमुख अस्पतालों के मरीजों को PET और रेडियो-न्यूक्लियोटाइड स्कैन के लिये भी सहायता प्रदान की जाती है।
दिल्ली आरोग्य कोष योजना अस्पतालों की सूची और लाभ | Delhi Arogya Kosh Yojana Hospitals List and Benefits
- योजना के तहत दिल्ली सरकार के 25 अस्पताल, 23 पॉलीक्लिनिक और 5 स्वायत्त अस्पताल शामिल हैं। प्राइवेट अस्पतालों की लिस्ट DGHS वेबसाइट पर PDF में उपलब्ध है।
- कुछ प्रमुख: लोक नायक अस्पताल, जीटीबी अस्पताल आदि।
- लाभों में मुफ्त रेडियोलॉजिकल जांच, सर्जरी, डायलिसिस शामिल हैं।
- यह योजना समाज के कमजोर वर्ग को मजबूत बनाती है, जैसे कि एक परिवार जहां कमाने वाला बीमार हो, तो इलाज से आर्थिक बोझ कम होता है।
अगर डायग्नोस्टिक सेंटर का बिल बहुत महंगा हो? | What if the diagnostic centre bill is very expensive?
यदि आपके द्वारा चुनित डायग्नोस्टिक टेस्ट का बिल अधिक आता है और सूचीबद्ध पैनलबद्ध सेंटर ने उसे अधिक बताया है, तो अस्पताल और Patient Welfare Cell की मदद से अनुरोध करें कि वैकल्पिक सूचीबद्ध सेंटर या सरकारी सेंटर में टेस्ट करवा कर आवश्यक खर्च घटाया जाए। कई बार DAK एडमिनिस्ट्रेशन स्थानीय सूचीबद्ध सर्विसेस के अनुसार भुगतान तय करता है।
दिल्ली आरोग्य कोष योजना संपर्क और उपयोगी कार्यालय पता | Delhi Arogya Kosh Yojana Contact and Useful Office Address
- Delhi Government Dispensary Building, S-1, 3rd Floor, School Block, Shakarpur, Delhi – 110092 (DAK/Patient Welfare Office).
- संबंधित सरकारी अस्पताल के Medical Superintendent/Medical Director के कार्यालय जहां आपका इलाज चल रहा है — सामान्यत: यहां फॉर्म जमा कराये जा सकते हैं।
- DGHS Contact Page और आधिकारिक DAK पेज पर ईमेल और अन्य संपर्क विवरण उपलब्ध हैं — यदि आवश्यक हो, आधिकारिक पते पर मेल/ईमेल भेजकर स्पष्टीकरण माँगा जा सकता है।
अंतिम सुझाव (Quick Tips)
- आवेदन जमा करने से पहले हमेशा आधिकारिक PDF और अस्पताल द्वारा जारी बतायी गयी सूची की सत्यता जाँच लें। DAK के Application Form और Empanelled Hospital List आधिकारिक DGEHS साइट पर मौजूद रहते हैं — इन्हें डाउनलोड करके रखें।
- अस्पताल के Patient Welfare Cell से सहयोग लें—वे अनुभविक मामलों में सही मार्गदर्शन देते हैं और फार्म प्रोसेसिंग में मदद करते हैं।
- यदि आपकी स्थिति जटिल है या बड़े इम्प्लांट की आवश्यकता है, तो पहले डॉक्टर से अनुमान (estimation) और प्री-ऑप अनुवीक्षण सुनिश्चित कर लें ताकि बाद में मंजूरी में देरी न हो।
अन्ततः, दिल्ली आरोग्य कोष उन नागरिकों के लिये उम्मीद की किरण है। आवश्यक तैयारी और सही दस्तावेज़ों से आप इस योजना का अधिकतम लाभ उठा सकते हैं। अपना आवेदन समय पर और पूर्णता से जमा करें।
DAK बनाम अन्य स्वास्थ्य योजनाएँ | DAK vs. Other Health Plans
-
PM-JAY (Ayushman Bharat): यह राष्ट्रीय स्तर की बड़ी योजना है जो कई राज्यों में लागू है परन्तु दिल्ली में यह योजना सीमित रूप में लागू होती है; इसलिए दिल्ली सरकार ने स्थानीय जरूरतों को पूरा करने हेतु DAK जैसी योजनाएँ चलाईं। DAK विशेष तौर पर दिल्ली के निवासियों के लिये लक्षित है।
-
EWS/Free Treatment Schemes: दिल्ली सरकार की अन्य योजनाएँ जैसे EWS मुफ्त इलाज भी चलती हैं जो प्राथमिक और द्वितीयक स्तर के इलाज में सहायता देती हैं; DAK इन्हें पूर्ण करती हुई उच्च लागत वाली सर्जरी और इम्प्लांट जैसे खर्चों की भरपाई करती है।
FAQs – Delhi Arogya Kosh Yojana
1. दिल्ली आरोग्य कोष का लाभ पाने के लिए आय सीमा क्या है?
लाभार्थी परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम होनी चाहिए और मरीज का इलाज दिल्ली के किसी सरकारी अस्पताल में होना जरूरी है।
2. क्या इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
नहीं। आवेदन पत्र ऑनलाइन डाउनलोड किया जा सकता है, लेकिन फॉर्म और आवश्यक दस्तावेज संबंधित कार्यालय में जाकर जमा कराने होंगे।
3. दिल्ली आरोग्य कोष से अधिकतम कितनी आर्थिक मदद मिल सकती है?
इस योजना के तहत मरीज को सर्जरी, इम्प्लांट या टेस्ट के लिए अधिकतम 5 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है।
4. क्या 5 लाख रुपये सीधे मरीज के खाते में आते हैं?
नहीं। यह राशि सीधे उस अस्पताल को दी जाती है जहां मरीज का इलाज हो रहा है।
5. इस योजना का लाभ उठाने के लिए इलाज कहां होना चाहिए?
मरीज का इलाज दिल्ली में किसी भी सरकारी अस्पताल में होना आवश्यक है। यह अस्पताल दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, एमसीडी, एनडीएमसी, दिल्ली छावनी बोर्ड या स्वायत्त संस्थान के अंतर्गत आ सकता है।
6. क्या दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में सर्जरी मुफ्त होती है?
हाँ। योजना के तहत पात्र मरीज को आवेदन करना होता है। स्वीकृति के बाद सरकार सर्जरी, इम्प्लांट और अन्य चिकित्सा खर्च 5 लाख रुपये तक वहन करती है। यह पूरी तरह कैशलेस सुविधा है।
7. इस योजना के अंतर्गत कौन से अस्पताल शामिल हैं?
दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार और उनके अधीन कार्यरत सभी सरकारी अस्पताल/औषधालय इस योजना में आते हैं। इसके अलावा कुछ निजी अस्पताल और डायग्नोस्टिक सेंटर भी सूचीबद्ध हैं।
8. क्या सरकारी अस्पतालों में इलाज पूरी तरह मुफ्त होता है?
हाँ। सरकारी अस्पतालों में दवा, जांच और भोजन निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं।
9. इस योजना का लाभ किसे मिल सकता है?
वे सभी मरीज जिनकी पारिवारिक आय 3 लाख रुपये प्रतिवर्ष से कम है और जिन्हें दिल्ली स्थित सरकारी अस्पताल में किसी भी तरह के इलाज या हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
10. आवेदन कौन और कैसे कर सकता है?
- आवेदन पत्र डाउनलोड कर उसे भरें।
- आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें।
- अस्पताल संबंधित विभाग के जरिए इसे आगे निदेशक (स्वास्थ्य सेवाएं) को भेजता है, जहां से अनुमोदन मिलता है।
11. आय का प्रमाण देने के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
- जिनकी आय 1 लाख रुपये प्रतिवर्ष से कम है: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्ड।
- जिनकी आय 3 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक है: एसडीएम या राजस्व विभाग के अधिकृत अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र।
12. अगर मरीज नाबालिग हो तो कौन से दस्तावेज लगेंगे?
मरीज का जन्म प्रमाण पत्र और माता-पिता में से किसी एक का निवास प्रमाण पत्र।
13. इस योजना के प्रमुख लाभ क्या हैं?
जरूरतमंद मरीज को सरकारी अस्पतालों में किसी भी गंभीर बीमारी या उपचार के लिए अधिकतम 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है।
14. आवेदन पत्र कहां से मिलेगा?
आवेदन पत्र योजना से संबंधित पोर्टल या अस्पताल से प्राप्त किया जा सकता है।
15. अस्पतालों की सूची कैसे प्राप्त होगी?
मान्यता प्राप्त अस्पतालों और जांच केंद्रों की सूची संबंधित स्वास्थ्य विभाग या अस्पताल से ली जा सकती है।
16. आयुष्मान भारत के लिए कौन से राज्य स्वीकार नहीं हैं?
17. क्या आयुष्मान भारत योजना दिल्ली में लागू है या नहीं?
हालिया अपडेट और निष्कर्ष | Recent updates and Conclusion
2025 में योजना में कोई बड़ा बदलाव नहीं, लेकिन डायलिसिस सेंटर्स की एम्पैनलमेंट बढ़ी है। निष्कर्ष में, यह योजना दिल्लीवासियों के लिए जीवनरक्षक है। अगर जरूरत हो, तो तुरंत आवेदन करें और अपनों की देखभाल करें। सरकारी वेबपेजों और आधिकारिक PDFs पर DAK का विवरण उपलब्ध है और scheme को लेकर समय-समय पर रिपोर्ट्स तथा सरकारी आँकड़े जारी होते रहे हैं। हालाँकि किसी भी योजनात्मक जानकारी में वित्तीय आवंटन और सूचीबद्धता पर राजनीतिक व प्रशासनिक परिवर्तन भी प्रभाव डाल सकते हैं। अतः अंतिम और ताजातरीन जानकारी के लिये DGEHS की आधिकारिक साइट, UMANG पोर्टल या Delhi Health के Publication सेक्शन को चेक करना बेहतर रहता है।
Important Links
Delhi Arogya Kosh Hospital List