तमिलनाडु सरकार ने केएमयूटी योजना के तहत कमजोर समूहों को 2,000 रुपये और मासिक पेंशन प्रदान की। | TN credits special grant of ₹2,000 | KMUT scheme Updates 2026
KMUT scheme Updates 2026: तमिलनाडु सरकार ने 2026 में Kalaignar Magalir Urimai Thittam (KMUT) के दायरे को बढ़ाते हुए हाशिए पर रह रहे वर्गों — बुजुर्ग, विधवाएं, ट्रांसजेंडर वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांगजनों — के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। सरकार ने कुल 37.79 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में ₹2,000 की विशेष अनुदान राशि, उनकी नियमित मासिक पेंशन के साथ जमा कर दी है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने बताया कि यह सहायता मार्च माह की पेंशन के साथ ही सीधे डीबीटी के माध्यम से जारी कर दी गई है। सरकार का कहना है कि फरवरी में महिलाओं को KMUT योजना के तहत दिए गए “ग्रीष्मकालीन विशेष पैकेज” की तरह ही कमजोर समूहों ने भी राहत की मांग की थी, जिसे अब पूरा किया गया है।
कितने लोगों को कितनी राशि मिली? — पूरा विवरण
सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:
- 29.29 लाख बुजुर्गों और विधवाओं को — ₹3,200 प्रति लाभार्थी
(₹2,000 विशेष अनुदान + नियमित पेंशन) - 5.92 लाख दिव्यांग व्यक्तियों को — ₹3,500 प्रति लाभार्थी
- 2.58 लाख देखभाल सहायता प्राप्त करने वाले दिव्यांग लाभार्थियों को — ₹4,000 प्रति परिवार
मुख्यमंत्री स्टालिन के अनुसार, “यह विशेष सहायता उन कमजोर वर्गों की कठिनाइयों को कम करने के लिए है, जो पहले से ही सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत पेंशन प्राप्त कर रहे हैं।”
KMUT योजना के दायरे का विस्तार – KMUT scheme Updates 2026
स्टालिन ने X (पूर्व में ट्विटर) पर बताया कि KMUT योजना, जो मूल रूप से महिलाओं के लिए तैयार की गई थी, अब कई संवेदनशील वर्गों तक विस्तारित कर दी गई है। उन्होंने लिखा:
“हमने हाशिए पर रहने वाले प्रत्येक बुजुर्ग, विधवा, वृद्ध ट्रांसजेंडर व्यक्ति और दिव्यांग व्यक्ति की आवाज़ सुनी है। आज उनकी उम्मीदों को पूरा करते हुए ₹2,000 की विशेष अनुदान राशि जमा की गई है।”
मछुआरों और चाय किसानों के लिए अतिरिक्त राहत – KMUT scheme Updates 2026
कमजोर वर्गों के साथ-साथ तमिलनाडु सरकार ने अन्य क्षेत्रों के लिए भी राहत पैकेज घोषित किए हैं:
मछुआरों को सहायता
- अप्रैल से जून तक मछली पकड़ने पर प्रतिबंध के दौरान
- 1,62,900 मछुआरा परिवारों को
- ₹8,000 प्रति परिवार सहायता प्रदान की गई।
चाय किसानों के लिए मदद
- नीलगिरि जिले के 14,870 चाय किसानों को
- न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के रूप में
- ₹8.53 करोड़ की राशि प्रदान की गई।
- यह भुगतान 15 सहकारी चाय कारखानों द्वारा खरीदी गई हरी पत्तियों पर ₹2 प्रति किलो के आधार मूल्य के रूप में दिया गया।
स्टालिन ने कहा,
“तमिलनाडु के विकास की राह में हम किसी एक भी व्यक्ति को पीछे नहीं छोड़ेंगे।”
राजनीतिक संदर्भ और आगामी चुनाव
यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। सरकार इसे “वंचितों के लिए विशेष अनुदान” बता रही है, जबकि राजनीतिक विश्लेषक इसे सामाजिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने और कमजोर समूहों को राहत सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।
निष्कर्ष: KMUT scheme Updates 2026
कलाइग्नर मगलीर उरिमाई थिट्टम (KMUT SCHEME) का यह विस्तारित रूप तमिलनाडु के सामाजिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करता है। लाखों बुजुर्ग, विधवाएं, ट्रांसजेंडर व्यक्ति, दिव्यांगजन, मछुआरे और चाय किसान इससे सीधे लाभान्वित हुए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले महीनों में कोई भी जरूरतमंद आर्थिक कठिनाई का सामना न करे।