सीआईएसएफ (CISF) स्थापना दिवस: राष्ट्र की औद्योगिक प्रगति का सुरक्षा कवच! | CISF Foundation Day – 10 March 1969
भारत की आर्थिक शक्ति और औद्योगिक विकास की रीढ़ कहे जाने वाले केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) का हमारे देश की सुरक्षा व्यवस्था में एक अद्वितीय स्थान है। हर साल 10 मार्च को पूरा देश गर्व के साथ ‘सीआईएसएफ स्थापना दिवस’ CISF Foundation Day – 10 March 1969 मनाता है। यह दिन उन वीर जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर है, जो चौबीसों घंटे हमारे महत्वपूर्ण संस्थानों, हवाई अड्डों और औद्योगिक इकाइयों की रक्षा करते हैं।
CISF स्थापना दिवस का इतिहास और पृष्ठभूमि
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की स्थापना 10 मार्च, 1969 को भारत की संसद के एक अधिनियम (CISF अधिनियम 1968) के तहत की गई थी। उस समय इसकी शुरुआत मात्र 2,800 कर्मियों के साथ हुई थी।
मुख्य ऐतिहासिक पड़ाव:
- स्थापना: 10 मार्च 1969।
- सशस्त्र बल का दर्जा: शुरुआत में यह एक सुरक्षा बल था, लेकिन 15 जून 1983 को संसद द्वारा पारित एक अन्य अधिनियम के माध्यम से इसे भारत गणराज्य का एक “सशस्त्र बल” बना दिया गया।
- मुख्यालय: इसका मुख्यालय देश की राजधानी नई दिल्ली में स्थित है।
- मंत्रालय: यह सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
CISF स्थापना दिवस क्यों मनाया जाता है?
हर साल 10 मार्च को CISF के स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन बल के साहस, समर्पण और सेवा को सम्मान देने का अवसर होता है।
इस दिन देशभर में:
- परेड आयोजित की जाती है
- सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं
- शहीद और सेवारत जवानों को श्रद्धांजलि दी जाती है
वर्ष 2025 में CISF का 56वाँ स्थापना दिवस तमिलनाडु के ठक्कोलम में मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah उपस्थित रहे। उनके साथ केंद्रीय मंत्री L. Murugan और CISF के महानिदेशक Rajwinder Singh Bhatti भी मौजूद थे।
CISF का आदर्श वाक्य और उद्देश्य
किसी भी संगठन की पहचान उसके सिद्धांतों से होती है। CISF के दो प्रमुख नारे और आदर्श वाक्य हैं जो उनके समर्पण को दर्शाते हैं:
- आदर्श वाक्य (Motto): “संरक्षण एवं सुरक्षा” (Protection and Security)।
- प्रमुख नारा: “सेवा, सुरक्षा, भाईचारा”।
- विस्तृत संकल्प: “सुरक्षित उद्योग-समृद्ध राष्ट्र”।
इनका मुख्य उद्देश्य न केवल भौतिक सुरक्षा प्रदान करना है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाले उद्योगों को एक भयमुक्त वातावरण प्रदान करना भी है।
CISF की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियां
CISF दुनिया के सबसे बड़े औद्योगिक सुरक्षा बलों में से एक है। इसकी कार्यक्षमता और विविधता इसे अन्य अर्धसैनिक बलों से अलग बनाती है।
औद्योगिक और रणनीतिक सुरक्षा
CISF वर्तमान में भारत भर में 300 से अधिक औद्योगिक इकाइयों और प्रतिष्ठानों को सुरक्षा कवर प्रदान करता है। इनके दायरे में निम्नलिखित महत्वपूर्ण स्थल आते हैं:
- परमाणु ऊर्जा संयंत्र और अंतरिक्ष प्रतिष्ठान: देश की वैज्ञानिक प्रगति के केंद्र।
- तेल क्षेत्र और रिफाइनरी: भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले स्थान।
- प्रमुख बंदरगाह और भारी इंजीनियरिंग इकाइयां।
- मुद्रा प्रेस और टकसाल: जहाँ भारतीय नोटों और सिक्कों का उत्पादन होता है।
हवाई अड्डा और मेट्रो सुरक्षा
आज यदि आप हवाई यात्रा करते हैं या दिल्ली मेट्रो में सफर करते हैं, तो सुरक्षा की पहली कमान CISF के हाथों में होती है। यह बल देशभर के 60 से अधिक हवाई अड्डों और दिल्ली मेट्रो जैसे महत्वपूर्ण परिवहन नेटवर्कों की सुरक्षा करता है।
आपदा प्रबंधन और वीआईपी सुरक्षा
CISF केवल उद्योगों तक सीमित नहीं है। इसके कर्मी NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) के रूप में भी प्रशिक्षित होते हैं। आपदा प्रबंधन के लिए कर्मियों को हैदराबाद स्थित NISA (राष्ट्रीय औद्योगिक सुरक्षा अकादमी) में कठोर प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा, यह बल विशिष्ट व्यक्तियों (VIPs), बड़े खेल आयोजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी सुरक्षा प्रदान करता है।
परामर्श सेवाएं (Consultancy Services)
CISF की एक अनूठी विशेषता इसकी सुरक्षा परामर्श विंग है। यह न केवल सरकारी बल्कि निजी क्षेत्रों को भी सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा से संबंधित परामर्श देता है। इसके कुछ प्रतिष्ठित क्लाइंट्स में शामिल हैं:
- TISCO (जमशेदपुर)
- SEBI मुख्यालय (मुंबई)
- बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन
- इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी (बेंगलुरु)
बल की संरचना और संगठन
CISF का नेतृत्व महानिदेशक (Director General) रैंक के एक भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी करते हैं। संगठन की सुचारू कार्यप्रणाली के लिए इसे सात प्रमुख सेक्टरों में विभाजित किया गया है:
- हवाई अड्डा (Airport)
- उत्तर (North)
- उत्तर-पूर्व (North-East)
- पूर्व (East)
- पश्चिम (West)
- दक्षिण (South)
- प्रशिक्षण (Training)
बल में एक समर्पित अग्निशमन विंग (Fire Wing) भी है, जो उद्योगों में आग लगने की घटनाओं के समय त्वरित सहायता प्रदान करती है। यह किसी भी अर्धसैनिक बल में अपनी तरह की एकमात्र विशेष विंग है।
56वां स्थापना दिवस (2025) और वर्तमान स्थिति
वर्ष 2025 में, CISF ने अपना 56वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। इस वर्ष मुख्य समारोह तमिलनाडु के ठक्कोलम में आयोजित किया गया।
- मुख्य अतिथि: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह।
- प्रमुख उपस्थिति: केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन और महानिदेशक रजविंदर सिंह भट्टी।
बढ़ती ताकत: 1969 में 3,129 कर्मियों से शुरू हुआ यह बल आज बढ़कर लगभग 1.77 लाख (1,77,713) कर्मियों तक पहुंच चुका है। यह विस्तार भारत की बढ़ती सुरक्षा आवश्यकताओं का प्रमाण है।
निष्कर्ष: CISF Foundation Day – 10 March 1969
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) देश की औद्योगिक, आर्थिक और रणनीतिक सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ है। 10 मार्च 1969 को स्थापित यह बल आज हवाई अड्डों, मेट्रो नेटवर्क, ऊर्जा संयंत्रों, बंदरगाहों और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है। CISF का समर्पण, अनुशासन और आधुनिक प्रशिक्षण भारत की प्रगति को सुरक्षित आधार प्रदान करते हैं। स्थापना दिवस हमें उन वीर जवानों के योगदान को याद करने का अवसर देता है जो हर परिस्थिति में राष्ट्र की संपत्तियों की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। “सेवा, सुरक्षा, भाईचारा” के मूल मंत्र के साथ CISF देश के सुरक्षित भविष्य की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।
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