PM e-VIDYA Scheme: Online पढ़ाई और Exam Preparation का पूरा Guide

PM e-VIDYA योजना 2026: डिजिटल शिक्षा, चैनल, लाभ और ऑनलाइन कोचिंग! | PM e-VIDYA scheme

क्या आपके बच्चे के पास महंगा coaching subscription या तेज़ internet नहीं है? फिर भी वह JEE, NEET से लेकर school education तक डिजिटल पढ़ाई कर सकता है। PM e-VIDYA scheme भारत सरकार की ऐसी पहल है, जो TV channels, DIKSHA, SWAYAM, radio, podcasts और competitive-exam resources के जरिए शिक्षा को ज्यादा लोगों तक पहुंचाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह योजना सिर्फ “online classes” तक सीमित नहीं है? 2026 में PM e-VIDYA का ecosystem पहले से कहीं बड़ा हो चुका है। जानिए यह योजना कैसे काम करती है, कौन इसका लाभ उठा सकता है और विद्यार्थियों के लिए इसमें क्या-क्या मुफ्त सुविधाएं उपलब्ध हैं।

PM e-VIDYA योजना क्या है?

PM e-VIDYA scheme भारत सरकार की एक व्यापक डिजिटल शिक्षा पहल है, जिसका उद्देश्य छात्रों को ऑनलाइन, डिजिटल और ऑन-एयर माध्यमों से शिक्षा उपलब्ध कराना है। यह पहल विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जिन्हें भौगोलिक दूरी, इंटरनेट की कमी या अन्य सामाजिक-आर्थिक कारणों से नियमित कक्षा तक पहुंचने में कठिनाई होती है।

PM e-VIDYA को कोविड-19 के दौरान शिक्षा का नुकसान कम करने के लिए एक बहु-माध्यमीय व्यवस्था के रूप में शुरू किया गया था। PIB के मार्च 2026 के अपडेट के अनुसार, यह अब केवल आपातकालीन योजना नहीं रह गई है, बल्कि DIKSHA, SWAYAM, SWAYAM Prabha, रेडियो, पॉडकास्ट, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुलभ सामग्री और प्रतियोगी परीक्षाओं की ऑनलाइन तैयारी को जोड़ने वाला एक व्यापक डिजिटल शिक्षा ढांचा बन चुकी है।

2026 में इसकी प्रासंगिकता इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि भारत में ऑनलाइन शिक्षा अब केवल महामारी की जरूरत नहीं, बल्कि स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण और प्रतियोगी परीक्षा तैयारी का स्थायी हिस्सा बन चुकी है।

DISHA 2.0 Scheme

PM e-VIDYA योजना कब शुरू हुई?

PM e-VIDYA को 17 मई 2020 को प्रारंभ किया गया था। PIB के अनुसार, इसे कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान शिक्षा की निरंतरता बनाए रखने के लिए आपातकालीन बहु-माध्यमीय डिजिटल शिक्षा प्रतिक्रिया के रूप में शुरू किया गया था। बाद में 7 अगस्त 2020 को इसे औपचारिक रूप से Atmanirbhar Bharat Abhiyan के तहत एकीकृत ढांचे के रूप में विकसित किया गया।

आपके दिए 2020 के शोध-पत्र में भी इस पहल को कोविड-19 के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने के प्रयास के रूप में वर्णित किया गया है। शोध-पत्र के अनुसार, योजना ने DTH टीवी, रेडियो, पॉडकास्ट, DIKSHA, SWAYAM और विशेष जरूरत वाले विद्यार्थियों के लिए डिजिटल सामग्री जैसे कई माध्यमों को एक साथ जोड़ा।

इसलिए “PM e vidya yojana kab shuru hui” का सबसे प्रामाणिक वर्तमान उत्तर है: 17 मई 2020।

PM e-VIDYA का मुख्य उद्देश्य क्या है?

PM e-VIDYA का मूल उद्देश्य शिक्षा को केवल स्कूल की इमारत या इंटरनेट कनेक्शन तक सीमित नहीं रखना है।

इसका मॉडल है—जहां विद्यार्थी हैं, वहां शिक्षा पहुंचाई जाए।

योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं:

  • विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा उपलब्ध कराना।
  • इंटरनेट न होने पर TV और radio जैसे माध्यमों से शिक्षा पहुंचाना।
  • कक्षा 1 से 12 तक पाठ्यक्रम-संबंधी सामग्री को अधिक सुलभ बनाना।
  • ऑनलाइन और blended learning को बढ़ावा देना।
  • दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए accessible learning content उपलब्ध कराना।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त या सार्वजनिक डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराना।
  • शिक्षकों और विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के डिजिटल शैक्षणिक संसाधनों से जोड़ना।

PM e-VIDYA की आधिकारिक वेबसाइट इसे digital/online/on-air education के प्रयासों को एकीकृत करने वाला कार्यक्रम बताती है और लगभग 25 करोड़ स्कूली बच्चों तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य को रेखांकित करती है।

PM e-VIDYA के प्रमुख घटक कौन-कौन से हैं?

मार्च 2026 के PIB backgrounder में PM e-VIDYA के छह प्रमुख स्तंभ बताए गए हैं:

  1. SWAYAM
  2. SWAYAM Prabha
  3. DIKSHA
  4. Radio, Community Radio और Podcasts
  5. CWSN के लिए विशेष e-Content
  6. Online Coaching for Competitive Exams

ये सभी मिलकर online, on-air और accessible learning का एक multi-mode ecosystem तैयार करते हैं।

1. DIKSHA: One Nation, One Digital Platform

DIKSHA यानी Digital Infrastructure for Knowledge Sharing PM e-VIDYA का सबसे महत्वपूर्ण school-education प्लेटफॉर्म है।

यह विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षा प्रशासकों के लिए curriculum-linked digital learning material उपलब्ध कराता है। इसमें NCERT, CBSE, NIOS तथा विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़ी सामग्री शामिल है।

DIKSHA की खासियत है QR-coded Energised Textbooks। विद्यार्थी अपनी किताब में दिए गए QR कोड को स्कैन करके संबंधित वीडियो, इंटरैक्टिव सामग्री, अतिरिक्त अध्ययन संसाधन और teacher support material तक पहुंच सकते हैं।

मार्च 2026 तक DIKSHA पर 2 करोड़ से अधिक registered users होने की जानकारी PIB ने दी है।

2. SWAYAM

SWAYAM भारत का प्रमुख MOOC यानी Massive Open Online Courses प्लेटफॉर्म है।

इसका उद्देश्य “Anyone, Anywhere, Anytime Learning” की अवधारणा के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले courses उपलब्ध कराना है।

जनवरी 2026 तक SWAYAM पर 4,400 से अधिक unique courses विकसित किए गए थे और इसके cumulative enrolments लगभग 5.80 करोड़ बताए गए। इसी अवधि तक 52.88 लाख certifications भी प्रदान किए जा चुके थे।

SWAYAM पर courses सामान्यतः सीखने के लिए मुफ्त हैं। हालांकि आधिकारिक प्रमाणपत्र के लिए proctored examination और निर्धारित परीक्षा शुल्क लागू हो सकते हैं।

3. SWAYAM Prabha और DTH TV Channels

यह PM e-VIDYA का वह हिस्सा है जो इंटरनेट न होने की स्थिति में भी शिक्षा पहुंचाने में मदद करता है।

यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य स्पष्ट करना जरूरी है।

2020 में “One Class, One TV Channel” मॉडल के तहत शुरुआत में 12 DTH channels का प्रावधान था। बाद में सरकार ने इस व्यवस्था को विस्तार देते हुए 200 channels तक बढ़ाने की जानकारी दी थी।

लेकिन मार्च 2026 के नवीनतम PIB backgrounder में 48 SWAYAM Prabha DTH channels के संचालन की जानकारी दी गई है। ये 24×7 educational content को विभिन्न भारतीय भाषाओं में प्रसारित करते हैं।

इसलिए “How many channels are in PM e-Vidya?” का उत्तर संदर्भ के अनुसार समझना चाहिए:

समय/संदर्भ चैनल स्थिति
शुरुआती One Class, One TV Channel मॉडल 12 चैनल
बाद के सरकारी विस्तार में 200 चैनल तक
मार्च 2026: SWAYAM Prabha operational channels 48 DTH चैनल

यानी 12 शुरुआती मॉडल को 2026 की वर्तमान संख्या समझना सही नहीं होगा।

PM e-VIDYA की पुरानी वेबसाइट पर अभी भी प्रत्येक कक्षा के लिए 12 dedicated TV channels का प्रस्ताव दिखाई देता है, इसलिए वर्तमान आंकड़ों के लिए मार्च 2026 का PIB अपडेट अधिक उपयोगी संदर्भ है।

4. Radio, Community Radio और Podcasts

PM e-VIDYA केवल internet-based learning पर निर्भर नहीं करती।

दूरदराज के क्षेत्रों में जहां internet या smartphone की पहुंच सीमित है, वहां radio, community radio और podcasts उपयोगी माध्यम हैं।

आधिकारिक PM e-VIDYA पोर्टल भी विशेष रूप से remote और offline बच्चों तक radio के इस्तेमाल को रेखांकित करता है।

मार्च 2026 के PIB विवरण के अनुसार, Mukta Vidya Vani NIOS के माध्यम से live interactive educational audio programmes उपलब्ध कराता है। दूसरी ओर, CBSE का Shiksha Vani Podcast कक्षा 9 से 12 के लिए 400 से अधिक curriculum-aligned audio modules उपलब्ध कराता है।

5. दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विशेष e-Content

PM e-VIDYA का एक महत्वपूर्ण पहलू इसका inclusive education मॉडल है।

Children with Special Needs यानी CwSN के लिए DIKSHA और NIOS के माध्यम से accessible content उपलब्ध कराया जाता है।

इसमें:

  • DAISY format audiobooks
  • Text-to-Speech resources
  • Indian Sign Language videos
  • accessible digital textbooks
  • विशेष e-learning resources

शामिल हैं।

दिसंबर 2024 में सरकार ने Indian Sign Language training के लिए DTH Channel 31 भी लॉन्च किया था।

6. प्रतियोगी परीक्षाओं की ऑनलाइन तैयारी

PM e-VIDYA का competitive-exam component उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है जो JEE, NEET और अन्य entrance examinations की तैयारी कर रहे हैं।

PM e-VIDYA की आधिकारिक वेबसाइट पर IITPAL और E-Abhyas जैसे ऑनलाइन learning arrangements का उल्लेख है, जहां IIT professors द्वारा तैयार lectures का उपयोग JEE और NEET की तैयारी के लिए किया गया।

2026 तक इसका competitive-exam ecosystem और आगे विकसित होगा। SATHEE, जिसे शिक्षा मंत्रालय और IIT Kanpur ने नवंबर 2023 में लॉन्च किया था, JEE, NEET, SSC, CUET, ICAR, IBPS आदि परीक्षाओं के लिए free preparation resources उपलब्ध कराता है।

SATHEE में recorded/live lectures, mock tests, daily practice problems, mentorship, doubt solving और multilingual resources जैसे features शामिल हैं। इसके लिए 7 dedicated DTH channels भी operational हैं।

PM e-VIDYA कैसे काम करती है?

PM e-VIDYA को एक single app या single website समझना सही नहीं है। यह अलग-अलग digital और broadcast systems को जोड़ने वाला ecosystem है।

एक आसान उदाहरण से समझिए:

स्कूल की किताब → QR code → DIKSHA → वीडियो/प्रैक्टिस

या

इंटरनेट नहीं → DTH TV → educational class

या

smartphone नहीं → radio/podcast → audio learning

या

JEE/NEET preparation → SATHEE → lecture + mock test + assessment

यही multi-mode design PM e-VIDYA को सामान्य online education platform से अलग करता है। PIB के अनुसार, इसका लक्ष्य online, on-air और offline access के बीच एक व्यापक education infrastructure तैयार करना है।

PM e-VIDYA के क्या लाभ हैं?

1. इंटरनेट के बिना शिक्षा की सुविधा

TV और radio जैसे माध्यम विद्यार्थियों को internet dependency से बाहर निकालते हैं।

यह rural और remote India में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

2. मुफ्त या कम लागत वाली learning

SWAYAM courses सीखने के लिए मुफ्त हैं और DIKSHA पर curriculum-linked digital resources उपलब्ध हैं। इससे विद्यार्थियों को महंगे private learning resources पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

3. राष्ट्रीय स्तर की पाठ्य सामग्री

DIKSHA के माध्यम से curriculum-aligned resources अलग-अलग राज्यों और boards तक पहुंचाए जा सकते हैं।

4. प्रतियोगी परीक्षाओं में मदद

SATHEE जैसे प्लेटफॉर्म students को JEE, NEET, SSC और अन्य competitive examinations के लिए structured digital resources देते हैं।

5. विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए बेहतर accessibility

Sign language, DAISY और text-to-speech जैसी सुविधाएं digital education को अधिक inclusive बनाती हैं।

6. शिक्षक प्रशिक्षण

DIKSHA के ecosystem में teacher professional development और NISHTHA जैसे training resources भी शामिल हैं।

PM e-VIDYA की चुनौतियां क्या हैं?

किसी भी digital education programme की तरह PM e-VIDYA की सफलता केवल content उपलब्ध कराने पर निर्भर नहीं करती।

आपके दिए 2020 के शोध-पत्र ने कई वास्तविक समस्याओं की पहचान की थी—जैसे बिजली की अस्थिरता, internet access की कमी, digital devices का अभाव, shared devices और digital literacy की कमी। शोध-पत्र ने यह भी बताया कि online learning की उपलब्धता और उसे प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने की क्षमता अलग-अलग चीजें हैं।

आज के संदर्भ में भी practical challenges पर ध्यान देना जरूरी है:

  • हर घर में समान internet quality नहीं है।
  • Smartphone या computer हर learner के पास नहीं होता।
  • एक ही device को कई परिवार के सदस्य साझा कर सकते हैं।
  • self-learning में discipline की जरूरत होती है।
  • online content होने के बावजूद teacher guidance की आवश्यकता बनी रहती है।
  • अलग-अलग boards और learners की जरूरतें अलग हो सकती हैं।

2020 के शोध-पत्र ने monitoring, motivation और standardized content की सीमाओं को भी प्रमुख चिंता के रूप में रेखांकित किया था। साथ ही उसमें स्पष्ट किया गया था कि उसके कई आंकड़े उस समय के थे और भविष्य के लिए अनुमानित थे। इसलिए उन पुराने आंकड़ों को 2026 के वर्तमान आंकड़ों के रूप में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

PM e-VIDYA और सामान्य Online Coaching में क्या अंतर है?

आधार PM e-VIDYA सामान्य Private Coaching
उद्देश्य व्यापक शिक्षा और access मुख्यतः परीक्षा/skill preparation
माध्यम TV, radio, app, web, digital content मुख्यतः app/web
लागत कई resources मुफ्त अक्सर subscription/fee
सरकारी ecosystem हां सामान्यतः नहीं
स्कूल शिक्षा मजबूत फोकस संस्थान पर निर्भर
Accessibility CwSN resources सहित provider पर निर्भर
Rural reach TV/radio के कारण अधिक संभावनाएं internet पर अधिक निर्भर

PM e-VIDYA का सबसे बड़ा अंतर यही है कि यह केवल “online classes” की योजना नहीं है। इसका लक्ष्य बहु-माध्यमीय सार्वजनिक शिक्षा अवसंरचना तैयार करना है।

क्या PM e-VIDYA से पढ़ाई करने के लिए eligibility चाहिए?

आम तौर पर PM e-VIDYA के digital learning resources तक पहुंचने के लिए किसी एक केंद्रीय eligibility test की आवश्यकता नहीं होती।

यह योजना मुख्य रूप से learners, school students, teachers, higher-education students और competitive-exam aspirants के लिए अलग-अलग platforms उपलब्ध कराती है।

हालांकि किसी specific course, certification, examination या university credit के लिए संबंधित platform के अलग eligibility rules हो सकते हैं।

उदाहरण के लिए SWAYAM पर course learning free हो सकती है, लेकिन official certificate के लिए निर्धारित proctored examination और fee लागू हो सकती है।

PM e-VIDYA का इस्तेमाल कैसे करें?

एक practical approach यह हो सकता है:

स्कूल के विद्यार्थी: अपनी textbook के QR code से DIKSHA resources खोलें।

इंटरनेट कमजोर हो: SWAYAM Prabha DTH, DD/AIR और radio-based programmes देखें या सुनें।

कक्षा 9–12: Shiksha Vani और relevant digital content का उपयोग करें।

कॉलेज/उच्च शिक्षा: SWAYAM के MOOCs खोजें।

JEE/NEET/SSC/CUET आदि: SATHEE जैसे free preparation resources देखें।

विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थी: DAISY, ISL और text-to-speech आधारित resources का उपयोग करें।

Expert Insight from GYANSKY

PM e-VIDYA को समझते समय सबसे बड़ी गलती इसे सिर्फ “सरकारी online classes” मानना है।

वास्तव में इसका सबसे बड़ा strength multi-mode delivery है।

एक शहर का विद्यार्थी DIKSHA या SWAYAM से सीख सकता है। किसी छोटे शहर या ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाला विद्यार्थी DTH से वही तरह का educational support प्राप्त कर सकता है। इंटरनेट की समस्या वाले परिवार के लिए radio एक वैकल्पिक माध्यम बन सकता है।

यानी PM e-VIDYA का असली विचार है “एक ही शिक्षा, कई रास्ते।”

हालांकि विद्यार्थियों को इसे traditional classroom का पूर्ण replacement नहीं मानना चाहिए। सबसे प्रभावी उपयोग तब होगा जब digital content को school teaching, teacher guidance, revision, practice और assessment के साथ जोड़ा जाए।

भारत के लिए PM e-VIDYA क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत में education access की चुनौती सिर्फ शहर और गांव का अंतर नहीं है। भाषा, आर्थिक स्थिति, connectivity, disability, school distance और family responsibilities भी learning opportunities को प्रभावित करते हैं।

PIB के मार्च 2026 backgrounder के अनुसार भारत में 24.8 करोड़ school-going children हैं, जबकि higher education में लगभग 4.33 करोड़ students enrolled थे, AISHE 2021-22 के अनुसार। कई विद्यार्थी remote geographies में रहते हैं जहां educational institutions तक पहुंच सीमित हो सकती है।

ऐसे देश में केवल एक online platform पर्याप्त नहीं हो सकता।

इसलिए TV + radio + mobile + web + accessible content + competitive preparation का संयोजन अधिक व्यावहारिक दृष्टिकोण बनाता है।

PM e-VIDYA 2026 के Latest Updates

मार्च 2026 तक उपलब्ध PIB जानकारी के अनुसार:

  • DIKSHA: 2 करोड़ से अधिक registered users।
  • SWAYAM: लगभग 5.80 करोड़ cumulative enrolments।
  • SWAYAM: 4,400+ unique courses।
  • SWAYAM Prabha: 48 operational DTH channels।
  • SWAYAM certificates: 52.88 लाख certifications।
  • SATHEE: competitive-exam preparation के लिए 7 dedicated DTH channels।
  • Shiksha Vani: 400+ curriculum-aligned audio modules।
  • CWSN resources: DAISY, ISL, TTS और accessible educational material।
  • ISL Channel 31: hearing-impaired learners और educators के लिए शुरू किया गया।

ये आंकड़े दिखाते हैं कि PM e-VIDYA का ecosystem 2020 की emergency education response से कहीं आगे बढ़ चुका है।

People Also Ask

1. PM e-VIDYA योजना क्या है?

PM e-VIDYA भारत सरकार की digital education initiative है, जो online platforms, DTH television, radio, podcasts और accessible digital content के माध्यम से education पहुंचाती है।

2. PM e-VIDYA कब शुरू हुई थी?

PM e-VIDYA को 17 मई 2020 को कोविड-19 के दौरान education continuity के लिए शुरू किया गया था। इसे बाद में Atmanirbhar Bharat framework में formalise किया गया।

3. PM e-VIDYA में कितने TV चैनल हैं?

इस प्रश्न का उत्तर year और channel framework के अनुसार बदलता है। 12 DTH channels शुरुआती One Class, One TV Channel मॉडल का हिस्सा थे; बाद में 200 channels तक विस्तार किया गया। मार्च 2026 के PIB update में 48 SWAYAM Prabha DTH channels operational बताए गए हैं।

4. क्या PM e-VIDYA में JEE और NEET की तैयारी होती है?

हां। PM e-VIDYA के competitive-exam component में JEE और NEET preparation resources शामिल रहे हैं। वर्तमान ecosystem में SATHEE JEE, NEET, SSC, CUET, ICAR, IBPS जैसी परीक्षाओं के लिए content उपलब्ध कराता है।

5. क्या PM e-VIDYA मुफ्त है?

कई PM e-VIDYA resources मुफ्त हैं। SWAYAM courses learning के लिए free हैं, हालांकि certificate के लिए proctored exam fee लग सकती है। संबंधित platform पर specific conditions जरूर जांचें।

6. PM e-VIDYA में DIKSHA क्या है?

DIKSHA भारत का राष्ट्रीय digital school-education ecosystem है, जिसमें curriculum-linked e-content, QR-coded textbooks, interactive resources, assessments और teacher-learning resources उपलब्ध हैं।

7. क्या बिना इंटरनेट के PM e-VIDYA का उपयोग किया जा सकता है?

हां। PM e-VIDYA का एक प्रमुख लाभ यही है कि TV, radio और अन्य on-air माध्यम internet के बिना भी learners तक educational programming पहुंचा सकते हैं।

PM e-VIDYA scheme FAQs

PM e-VIDYA का full form क्या है?

PM e-VIDYA का नाम Pradhan Mantri e-VIDYA initiative के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसका उद्देश्य digital और multi-mode education को व्यापक बनाना है।

PM e-VIDYA के कितने मुख्य components हैं?

मार्च 2026 के PIB backgrounder के अनुसार इसके छह प्रमुख pillars हैं—SWAYAM, SWAYAM Prabha, DIKSHA, Radio/Community Radio/Podcasts, CWSN e-Content और Online Coaching for Competitive Exams.

PM e-VIDYA और DIKSHA में क्या संबंध है?

DIKSHA, PM e-VIDYA के महत्वपूर्ण components में से एक है। PM e-VIDYA एक बड़ा umbrella framework है, जबकि DIKSHA विशेष रूप से school education के digital ecosystem के रूप में काम करता है।

क्या PM e-VIDYA सिर्फ स्कूल के बच्चों के लिए है?

नहीं। इसका school education पर मजबूत फोकस है, लेकिन SWAYAM के माध्यम से higher education पर भी फोकस है, जबकि SATHEE जैसे platforms के जरिए competitive examination aspirants को भी resources मिलते हैं।

क्या दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अलग content है?

हां। PM e-VIDYA के अंतर्गत DAISY audiobooks, Indian Sign Language resources, Text-to-Speech compatible content और अन्य accessible learning resources उपलब्ध हैं।

क्या PM e-VIDYA 2026 में भी सक्रिय है?

हां। मार्च 2026 का PIB backgrounder स्पष्ट रूप से PM e-VIDYA को एक सक्रिय और विकसित होते digital public education ecosystem के रूप में प्रस्तुत करता है, जिसमें DIKSHA, SWAYAM, SWAYAM Prabha, SATHEE, radio, podcasts और inclusive digital resources शामिल हैं।

निष्कर्ष: PM e-VIDYA केवल कोविड की योजना नहीं रही

PM e-VIDYA scheme की शुरुआत भले ही कोविड-19 के कारण disrupted education को जारी रखने के लिए हुई थी, लेकिन 2026 तक इसका स्वरूप काफी व्यापक हो चुका है।

आज यह एक ऐसे multi-platform digital education ecosystem के रूप में सामने आती है जिसमें DIKSHA school learning को support करता है, SWAYAM higher education और MOOCs को मजबूत करता है, SWAYAM Prabha TV के जरिए educational access बढ़ाता है, radio और podcasts internet की कमी को address करते हैं, और SATHEE प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए structured resources उपलब्ध कराता है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि PM e-VIDYA शिक्षा को केवल smartphone और high-speed internet तक सीमित नहीं करती। TV, radio, digital textbooks, mobile platforms और accessible content को एक साथ जोड़ना भारत जैसे विविध देश के लिए अधिक व्यावहारिक मॉडल है।

हालांकि digital divide, device access, connectivity, learner motivation और teacher support जैसी चुनौतियां अभी भी महत्वपूर्ण हैं। आपके दिए 2020 के शोध-पत्र ने भी इन्हीं सीमाओं पर जोर दिया था और यह दिखाया था कि digital content की उपलब्धता अपने आप में equal access की गारंटी नहीं देती।

इसलिए PM e-VIDYA का अगला चरण केवल अधिक content बनाने के बजाय बेहतर access, stronger assessment, multilingual learning, accessibility और last-mile delivery को मजबूत करने पर केंद्रित होना चाहिए।

भारत में digital education का भविष्य केवल “online class” नहीं है। PM e-VIDYA इस बदलाव का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।

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