दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना | Deen Dayal Upadhyaya Gramin Kaushalya Yojana | DDU-GKY, उन ग्रामीण युवाओं के लिए है, जिन ग्रामीण युवाओं की उम्र 15 से 35 वर्ष के बीच है। दीन दयाल योजना के तहत इन युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण (employment training) दी जाती है और ट्रेनिग सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले युवाओं के लिए रोजगार की व्यवस्था की जाती है। Gramin Kaushalya Yojana (DDU), भारत सरकार की योजना है। इस योजना को शुरु करने के पीछे केन्द्र सरकार का मकसद है कि ग्रामीण युवाओं को कौशल (skill) की ट्रेनिंग देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार किया जाए। इससे बेरोजगारी तो कम होगी ही, इसके साथ ही साथ ग्रामीण युवाओं का शहर की तरफ पलायन भी रुकेगा।
Deen Dayal Upadhyaya Gramin Kaushalya Yojana के तहत सफलतापूर्वक ट्रेनिंग कर चुके युवाओं को केन्द्र सरकार की तरफ से रोजगार का मौका प्रदान किया जाता है। इसके साथ ही जो युवा अपने खुद का कोई स्वरोजगार करना चाहते हैं, उन युवाओं की बिजनेस लोन के रुप में आर्थिक मदद की जाती है।
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युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक कदम! कौशल विकास, रोजगार का द्वार, DDU-GKY का नारा | क्या आप जानते हैं DDU-GKY कैसे बदल रही है ग्रामीण युवाओं की जिंदगी?
भारत सरकार द्वारा युवाओं के विकास तथा बेहतर भविष्य के लिए लगातार कोई न कोई योजना लाते रहते हैं, इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण योजना का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी तथा वेंकैया नायडू के द्वारा 25 सितंबर 2014 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के 98वी जयंती पर इस योजना की शुरुआत की गई थी। यह योजना, ग्रामीण विकास मंत्रालय (MORD), केंद्र सरकार द्वारा एक प्रमुख कार्यक्रम है, जो कि भारत के शिक्षित बेरोज़गारी युवाओं को रोज़गार प्रदान करने के लिए है। पाठ्यक्रम शुल्क पूरी तरह से सरकार द्वारा प्रायोजित है और ये कोर्स सभी के लिए है चाहे आप स्कूल / कॉलेज ड्रॉपआउट हों या इंजीनियरिंग ग्रेजुएट (Be a school/college dropout or engineering graduate)। पाठ्यक्रम के सफल समापन पर, प्रतिष्ठित कंपनियों में प्लेसमेंट के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
यह राष्ट्रीय मिशन योजना का एक हिस्सा है, कौशल विकास और उद्यमिता एवं आजीविका विभाग (Skill Development and Entrepreneurship and Livelihood Department) द्वारा इस योजना का संचालन किया जाता है।जिन युवाओं की आयु 18 वर्ष से 35 वर्ष के बीच में है वह इस योजना का लाभ उठा सकते हैं | इस योजना के अंतर्गत बड़े पैमाने पर युवाओं को स्किल्ड किया जाता है।स्किल्ड युवाओं को सरकार नौकरी भी दिलाती है और इस बात का भी ध्यान देती है कि उनको दिए जाने वाला वेतन न्यूनतम मजदूरी से कम ना हो, इस योजना को प्रधानमंत्री मेक इन इंडिया के अंतर्गत ही चलाया जाता है।
योजना का नाम | दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना | Deen Dayal Upadhyaya Gramin Kaushalya Yojana | DDU-GKY |
विभाग | ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार |
आरंभ तिथि | 25 सितंबर सन 2014 |
अंतिम तिथि | जारी है |
योजना का उद्देश्य | ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना |
आधिकारिक वेबसाइट | http://ddugky.gov.in/hi/apply-now |
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के लाभ | Benefits of Deen Dayal Upadhyaya Rural Skills Scheme
- ग्रामीण एरिया में रहने वालें युवाओं को ग्रामीण क्षेत्र में ही रोजगारपरक ट्रेनिंग देकर ग्रामीण एरिया में ही उचित मजदूरी पर रोजगार मिल जाता है।
- ग्रामीण इलाकों से युवाओं का शहर की तरफ पलायन रुक जायेगा।
- गरीबों को आर्थिक रुप से सक्षम बनाने में यह योजना बहुत कारगर साबित होगी।
- देश को कुशल मजदूर मिलने में सहायता मिलेगी।
- भारत की गरीबी रेखा को कम करने में मदद मिलेगी।
- युवाओं का उपयोग देश को विकसित करने में किया जा सकेगा।
- गरीब युवाओं के अगली पीढ़ी में सुधार हो सकेगा।
- देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में यह योजना साहायक सिद्ध होगी।
- ग्रामीण इलाकों में लघु उद्योग स्थापित करने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
- ग्रामीण भारत की तस्वीर सुधारने में दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना बहुत कारगर साबित होगी।
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दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना में क्या – क्या शामिल है | What is included in Deen Dayal Upadhyay Rural Skills Scheme
मूलतः तो यह योजना पूरी तरह से देश के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले गरीबों को सक्षम बनाने के लिए है। लेकिन Gramin Kaushalya Yojana (DDU) में ऐसा बहुत कुछ शामिल किया गया है, जिससे ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलती नजर आएगी। आइये जानते हैं कि इस योजना में और क्या – क्या शामिल किया गया है।
- Gramin Kaushalya Yojana (DDU) के बारे में ग्रामीण इलाकों में अधिक से अधिक जागरूकता बढ़ाने का प्रस्ताव भी शामिल किया गया है।
- योजना में ऐसे ग्रामीण युवाओं की पहचान करना भी शामिल है, जो युवा ग्रामीण इलाकों में हैं और बेरोजगार हैं। उन युवाओं को चिन्हित करके उन्हें डील दयाल उपाध्याय योजना के बारे में जानकारी देने और योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करना भी शामिल है।
- गरीब युवाओं और उनके माता-पिता की काउंसिलिंग करना शामिल है। अक्सर ऐसा होता है कि ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग अपने बच्चों को बहुत कम उम्र में से काम पर लगा देते हैं। तो सरकार का दीन दयाल उपाध्याय योजना के तहत यह प्रयास है कि उन बच्चों और उनके माता – पिता की काउंसिलिंग भी किया जाए और उन बच्चों को इस योजना से जोड़कर लाभ पहुंचाया जाये।
- योग्यता के आधार पर कुशलता विकसित करने के लिए युवाओं का चयन करना और उन्हें यह समझाना कि उन्हें किस स्किल की ट्रेनिग करना चाहिए ताकि उन्हें सम्मानजन रोजगार उपलब्ध हो सके।
- रोजगार के अवसर के हिसाब से ज्ञान, उद्योग से जुड़े कौशल और विजन उपलब्ध कराना और यह समझाना कि ट्रेनिग के बाद उन्हें बेहतर जिंदगी मिल सकती है।
- ऐसी नौकरी देना जिनका सत्यापन स्वतंत्र तरीके से किया जा सके। नौकरी का कई अवसर उपलब्ध कराना ताकि युवा अपनी सुविधानुसार नौकरी का चुनाव कर सके।
- Gramin Kaushalya Yojana (DDU) में यह भी शामिल किया गया है कि ट्रेनिंग के बाद युवाओं को न्यूनतम मजदूरी से ज्यादा का भुगतान मिल सके। मतलब युवाओं की ट्रेनिंग के बाद इतना पैसा मिलना सुनिश्चित हो सके, जिससे युवा अपना जीवन सम्मानजनक तरीके से जी सकें।
- नियुक्ति के बाद व्यक्ति की सतत आय में मदद उपलब्ध कराना और यह ट्रेक करना भी शामिल है कि युवा को अपनी नौकरी में कोई परेशानी तो नहीं है, जिसके चलते वह नौकरी छोड़ने का विचार बना रहा है। अगर ऐसा होता है तो युवा की सभी समस्याओं का निदान करना भी दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना में शामिल है।
- जो युवा सफलतापूर्वक ट्रेनिंग प्राप्त कर लेते हैं और वह युवा अगर खुद का कोई स्वरोजगार करना चाहते हैं, उन्हें मुद्रा लोन योजना के तहत बिजनेस लोन मुहैया कराने का भी प्रस्ताव इस योजना में शामिल है।
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इस योजना के अंतर्गत आंकड़े | Data under this scheme
- वर्तमान में दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के अंतर्गत अभी तक 11,13,639 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चूका है।
- जिनमें से 6,50,513 को नौकरी या रोजगार भी मिल चुका है। 8,42,462 लोगों का मूल्यांकन हो चूका है और साथ ही 6,55,013 लोगों को सर्टिफिकेट भी प्रदान किया गया है।
- आपकी जानकारी हेतु बता दें की मार्च 2023 तक 26,85,763 युवाओं को प्रशिक्षित करने व रोजगार दिलाने का टारगेट रखा गया है।
- 5 अप्रैल 2021 से 11 अप्रैल 2021 के बीच एलुमिनाई मीट का आयोजन किया गया जिसमे सभी पूर्व छात्रों द्वारा इस योजना के तहत आये नए छात्रों से अपने अनुभव साझा किये गए।
- उन्होंने प्रशिक्षण और उसके बाद प्लेसमेंट के पूर्व आने वाले चुनौतियों और समस्याओं के बारे में जानकारी को साझा किया साथ ही अन्य उपयोगी अनुभव और सलाह भी दी।
- अमृत महोत्सव समारोह नाम से पूरे देश में कुल 119 मीट (meet) आयोजित किये गए। यह एलुमिनाई मीट (alumni meet) व्यक्तिगत एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Personal and video conferencing) के माध्यम से PIA Center पर आयोजित किए गए।
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दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के बारें में महत्वपूर्ण बातें | Important things about Deen Dayal Upadhyay Rural Skills Scheme
- Gramin Kaushalya Yojana (DDU) का लाभ तीन कैटेगरी में दिया जाता है। पहली कैटेगरी है अनुसूचित जाति-जनजाति (SC-ST) इस कैटेगरी को कुल योजना का 50% हिस्सा दिया जाता है। उदाहरण के लिए, अगर किसी जगह पर 20 युवाओं को दीन दयाल योजना के लिए चुना जाता है तो उसमे से 10 युवा अनुसूचित जाति-जनजाति (SC-ST) कैटेगरी का होना अनिवार्य है।
- दीन दयाल योजना में 15% स्थान अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित है। मतलब किसी जगह पर अगर कुल 20 युवकों को ट्रेनिंग के लिए सलेक्ट किया गया है तो उसमे से 3 युवा अल्पसंख्यक होना अनिवार्य है।
- इसी के साथ 3% विकलांग व्यक्तियों के लिए निर्धारित किया गया है। और महिलाओं के लिए एक तिहाई हिस्सा आरक्षित रखा गया है।
- आपको जानकारी के लिए बता दें कि डीडीयू-जीकेवाई के तहत 576 घंटे (3 महीने) से लेकर 2,304 घंटे (12 महीने) का प्रशिक्षण यांनी ट्रेनिंग प्रदान की जाती है।
इस योजना के तहत किस सेक्टर में मिल सकती है नौकरी | In which sector one can get job under this scheme
- रिटेल (खुदरा) कारोबार – Retail (Retail Business)
- सेवा इंडस्ट्री (हॉस्पिटैलिटी) – Service Industry (Hospitality)
- स्वास्थ्य (हेल्थ सेक्टर) – Health (Health Sector)
- निर्माण – Construction
- ऑटो – Automobile
- चमड़ा – Leather
- बिजली – Electricity
- पाइपलाइन – Pipeline
- रत्न और आभूषण – Gems and Jewelry
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DDU-GKY के लिए योग्यता | Eligibility for DDU-GKY
- आवेदक की आयु 15 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए (Applicants must be aged between 15 and 35 years.)
- सभी भारतीय महिलाएं योग्य हैं (All Indian women are eligible.)
- विकलांग व्यक्ति (PWD) (Persons with Disabilities (PWD))
- ट्रांसजेंडर और अन्य विशेष समूह (Transgender and other special groups)
- SC और ST के लिए 50% फंड आरक्षित (50% of funds reserved for SC and ST)
- अल्पसंख्यक समूहों के लिए 15% (15% for minority groups)
- विकलांग लोगों के लिए 3% (3% for disabled individuals)
- हर ट्रेनिंग प्रोग्राम में 33% महिलाएँ हैं (33% women in every training program)
- विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूहों (PVTGs) से जुड़ें लोग (Individuals belonging to Particularly Vulnerable Tribal Groups (PVTGs)
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जरूरी कागजात | Necessary Documents
- आधार कार्ड (Aadhaar Card)
- वोटर आईडी कार्ड (Voter ID Card)
- आयु प्रमाण पत्र (Age Proof Certificate)
- आय प्रमाण पत्र (Income Proof Certificate)
- स्थाई निवासी प्रमाण पत्र (Permanent Resident Certificate)
- तीन पासपोर्ट साइज फोटो (Three Passport Size Photos)
इसके अलावा आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष और अधिक से अधिक 25 वर्ष होना चाहिए यह योजना खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं के लिए है बेरोजगार ग्रामीण युवाओं को ही इस योजना का लाभ मिल सकेगा।
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DDU-GKY के अंतर्गत परियोजना वित्तपोषण सहायता | Project Financing Assistance under DDU-GKY
Gramin Kaushalya Yojana (DDU) के माध्यम से कौशल प्रदान करने वाली परियोजनाओं से जुड़े रोजगार के लिए वित्तपोषण सहायता (financing assistance) उपलब्ध कराई जाती है, जिससे प्रति व्यक्ति 25,696 रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक वित्तपोषण सहायता के साथ बाजार की मांग का समाधान किया जाता है, जो परियोजना की अवधि और आवासीय अथवा गैर-आवासीय परियोजना पर आधारित है। डीडीयू-जीकेवाई के माध्यम से 576 घंटे (तीन माह) से लेकर 2304 घंटे (बारह माह) की अवधि वाली प्रशिक्षण परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण किया जाता है।
- वित्तपोषण संबंधी घटकों में प्रशिक्षण के खर्च, रहने और खाने-पीने, परिवहन खर्च, नियोजन पश्चात सहायता खर्च, आजीविका उन्नयन और स्थाई रोजगार सहायता संबंधी खर्च में सहायता देना शामिल हैं।
- परियोजना वित्तपोषण में परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों (Project Implementing Agencies (PIAs) को प्राथमिकता दी जाती है |
- विदेश में रोजगार
- कैप्टिव रोजगार : ऐसे परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी अथवा संगठन जो मौजूदा मानव संसाधन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कौशल प्रशिक्षण प्रदान करते हैं।
- औद्योगिक प्रशिक्षण : उद्योगजगत से सह-वित्तपोषण के साथ विभिन्न प्रशिक्षणों के लिए सहायता प्रदान करना।
- अग्रणी नियोक्ता : ऐसी परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियां जो 2 वर्षों की अवधि में कम से कम 10,000 डीडीयू-जीकेवाई प्रशिक्षुओं (10,000 DDU-GKY trainees) के कौशल प्रशिक्षण और नियोजन का आश्वासन देती है।
- उच्च ख्याति वाली शैक्षिक संस्था : ऐसे संस्थान जो राष्ट्रीय मूल्यांकन और मान्यता परिषद (National Assessment and Accreditation Council (NAAC) की न्यूनतम 3.5 ग्रेडिंग वाले हैं अथवा ऐसे सामुदायिक महाविद्यालय जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग/अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (University Grants Commission/All India Council for Technical Education) द्वारा वित्तपोषित हों और डीडीयू-जीकेवाई परियोजनाओं को हाथ में लेने के लिए इच्छुक हों।
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ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया | Online application process
- इसके लिए सबसे पहले आपको दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा |
- Gramin Kaushalya Yojana (DDU) लिंक पर क्लिक करने के बाद आपको इस वेबसाइट का होम पेज दिखाई देगा।
- इस होम पेज पर आपको न्यू रजिस्ट्रेशन का ऑप्शन दिखाई देगा जिस पर आप को क्लिक करना है।
- क्लिक करने के बाद आपके सामने इस योजना का आवेदन फॉर्म खुलकर आएगा। जिस पर आपको फोन नंबर लिखने का ऑप्शन दिखाई देगा इस पर आपको अपना रजिस्ट्रेशन मोबाइल नंबर लिखना है।
- इस फोर्म में आपको अपने आप से संबंधित सभी जानकारियों को ध्यान से भरना होगा।
- इस फॉर्म आपसे जरूरी दस्तावेजों के बारे में विवरण मांगा जाएगा।
- सारे जरूरी दस्तावेजों को आप को स्कैन करके अपलोड करना होगा।
- इसके बाद आपको सबमिट के बटन पर क्लिक करना होगा।
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FAQs
Q. Deen Dayal Upadhyaya Grameen Kaushalya Yojana क्या है ?
Gramin Kaushalya Yojana (DDU) एक कौशल सम्बन्धी प्रशिक्षण योजना है जो ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं को प्रदान की जाएगी।
Q. दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना की आधिकारिक वेबसाइट क्या है ?
Gramin Kaushalya Yojana (DDU) की आधिकारिक वेबसाइट ddugky.gov.in है। इस वेबसाइट का लिंक हमने आपको अपने इस लेख में उपलब्ध करा दिया है।
Q. DDU-GKY की फुल फॉर्म क्या है ?
DDU-GKY की फुल फॉर्म Dindayal Upadhyay Gramin Kaushalya Yojana है।
Q. दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना की शुरुआत कब की गई ?
Gramin Kaushalya Yojana (DDU) की शुरुआत 25 सितम्बर 2014 को पंडित दीन दयाल जी की 98वीं जयंती पर की गई थी।