PM Gati Shakti Yojana 2025: उद्देश्य, विशेषताएं और महत्व!

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Pradhan Mantri Gati Shakti Yojana 2025: 100 लाख करोड़ का मास्टर प्लान जो बदलेगा भारत की अर्थव्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और वैश्विक सप्लाई चेन की तस्वीर – मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए राष्ट्रीय मास्टर प्लान! | PM Gati Shakti National Master Plan (PMGS NMP)

परिचय

PM Gati Shakti Yojana 2025: पीएम गति शक्ति योजना, जिसे राष्ट्रीय मास्टर प्लान के रूप में भी जाना जाता है, भारत में बुनियादी ढांचे के विकास को तेज करने के लिए एक परिवर्तनकारी पहल है। इस योजना का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों को एकीकृत करके और रसद संबंधी अक्षमताओं को कम करके आर्थिक विकास को गति देना है। 2025 में, यह योजना उन्नत डिजिटल उपकरणों और केंद्र, राज्य सरकारों और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग के साथ और मजबूत हो चुकी है।

भारत जैसे विशाल और विविध देश में, बुनियादी ढांचा लंबे समय से प्रगति में बाधा रहा है। सड़कें, रेलवे, बंदरगाह और हवाई अड्डे अलग-अलग काम करते थे, जिससे देरी, लागत में वृद्धि और संसाधनों का अपर्याप्त उपयोग होता था। पीएम गति शक्ति योजना इन समस्याओं को समग्र और प्रौद्योगिकी-संचालित रणनीति के माध्यम से हल करती है। यह योजना 2026-27 तक भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए ज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार पर जोर देती है। 27 अगस्त, 2025 तक, इस योजना ने जिला-स्तरीय मास्टर प्लान के राष्ट्रीय स्तर पर लागू होने और निजी क्षेत्र के लिए डेटा खोलने जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यह ब्लॉग पीएम गति शक्ति योजना के सभी पहलुओं को सरल भाषा में समझाएगा, जिसमें इसकी शुरुआत, उद्देश्य, कार्यप्रणाली, उपलब्धियां और भविष्य की संभावनाएं शामिल हैं।

this is the image of Gati Shakti benefits

पीएम गति शक्ति योजना क्या है? | What is PM Gati Shakti Plan?

Pradhan Mantri Gati Shakti Yojana एक राष्ट्रीय मास्टर प्लान है, जिसका लक्ष्य भारत में भरोसेमंद बुनियादी ढांचे का विकास करना है। यह सात प्रमुख “इंजनों” पर केंद्रित है: रेलवे, सड़क, बंदरगाह, जलमार्ग, हवाई अड्डे, मास-ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स अवसंरचना। यह योजना कनेक्टिविटी में सुधार करती है और रसद लागत को कम करती है, जो भारत में वैश्विक मानकों की तुलना में अधिक रही है।

यह योजना मुख्य रूप से एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करती है, जो 16 मंत्रालयों, जैसे रेलवे और सड़क परिवहन, को एकीकृत करती है। यह बुनियादी ढांचा कनेक्टिविटी परियोजनाओं की एकीकृत योजना और समन्वित कार्यान्वयन सुनिश्चित करती है। मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी विभिन्न परिवहन साधनों के बीच निर्बाध बदलाव प्रदान करती है, जैसे कि बंदरगाह से रेल और फिर ट्रक तक माल की आवाजाही। यह अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी को सुगम बनाती है और लोगों के यात्रा समय को कम करती है।

प्रधानमंत्री गतिशक्ति का विजन कपड़ा क्लस्टर, फार्मास्युटिकल क्लस्टर, रक्षा गलियारे, इलेक्ट्रॉनिक पार्क, औद्योगिक गलियारे, मत्स्य पालन क्लस्टर, कृषि क्षेत्र जैसे आर्थिक क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा ताकि कनेक्टिविटी में सुधार हो और भारतीय व्यवसायों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।

पीएम गति शक्ति योजना के तथ्य | Facts of PM Gati Shakti Yojana

Pradhan Mantri Gati Shakti Yojana के बारे में कुछ प्रमुख तथ्य निम्नलिखित हैं  :

  • सरकार निजी कंपनियों को पीएम गति शक्ति पोर्टल से चुनिंदा डेटा और मानचित्रों तक पहुंच की अनुमति देगी, जिससे बुनियादी ढांचे की योजना, निवेश निर्णय और रसद सुधार में मदद मिलेगी।
  • जिला स्तर पर पीएम गति शक्ति को लागू करने के लिए एक जिला मास्टर प्लान (डीएमपी) पोर्टल विकसित किया जा रहा है। 28 आकांक्षी जिलों में इसका बीटा संस्करण सक्रिय है, और 31 मार्च, 2025 तक इसे पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा।
  • पीएम गति शक्ति के अंतर्गत 434 परियोजनाओं की पहचान की गई है, जिनमें 192 ऊर्जा, खनिज और सीमेंट कॉरिडोर परियोजनाएँ, 200 उच्च यातायात घनत्व कॉरिडोर परियोजनाएँ और 42 बंदरगाह संपर्क कॉरिडोर परियोजनाएँ शामिल हैं। इसका कुल निवेश ₹11.17 ट्रिलियन है ।
  • 31 अक्टूबर, 2024 तक 91 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (जीसीटी) चालू हो चुके हैं, 234 परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है और 339 नए टर्मिनल आवेदन प्रस्तुत किए जा चुके हैं।
  • सरकार ने 1.11 ट्रिलियन रुपये के निवेश के साथ 6,290 किलोमीटर की 68 परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जबकि 2.25 ट्रिलियन रुपये की प्रस्तावित लागत के साथ 10,603 किलोमीटर की 88 परियोजनाएं मूल्यांकन के अधीन हैं ।

पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (पीएमजीएस एनएमपी) | PM Gati Shakti National Master Plan (PMGS NMP)

  • परिभाषा: यह सभी बुनियादी ढांचा योजनाओं के लिए मातृ योजना है।
  • उद्देश्य: देश में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सामान्य रणनीति प्रदान करना।
  • विशेषताएं:
    • विकास की आवश्यकता वाले क्षेत्रों की पहचान।
    • कनेक्टिविटी की कमी वाले क्षेत्रों का चयन।
    • परियोजनाओं के लिए वित्त पोषण और समयसीमा का रोडमैप।
  • एकीकरण: राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन जैसे अन्य कार्यक्रमों के साथ संसाधनों का उचित उपयोग।

यह योजना भू-स्थानिक सूचना प्रणाली (Geospatial Information System (GIS) का उपयोग करके वास्तविक समय में परियोजनाओं की निगरानी करती है। यह रेलवे, सड़क, बंदरगाह और विमानन जैसे परिवहन साधनों को एकीकृत करती है, जिससे मंत्रालयों के बीच समन्वय बढ़ता है और अड़चनें कम होती हैं। 2025 तक, 44 केंद्रीय मंत्रालयों और 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से 1,614 डेटा परतें एकीकृत हो चुकी हैं, और सटीकता के लिए त्रि-स्तरीय प्रणाली के तहत मानक संचालन प्रक्रियाएं (Standard Operating Procedures (SOP) अंतिम रूप दी गई हैं।

पीएम गति शक्ति योजना 2025 शुरुआत और इतिहास | PM Gati Shakti Yojana 2025 Beginning and History

पीएम गति शक्ति योजना की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, 2021 को 75वें स्वतंत्रता दिवस पर की थी। मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए राष्ट्रीय मास्टर प्लान का शुभारंभ 13 अक्टूबर, 2021 को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में हुआ। यह आयोजन खंडित दृष्टिकोण से केंद्रीकृत और प्रौद्योगिकी-संचालित ढांचे में बदलाव का प्रतीक था।

ऐतिहासिक चुनौतियां

  • समन्वय की कमी: विभिन्न विभागों के बीच तालमेल की कमी थी। उदाहरण के लिए, सड़क बनने के बाद केबल या पाइपलाइन बिछाने के लिए इसे दोबारा खोदा जाता था।
  • देरी: समय लेने वाली अनुमोदन प्रक्रियाएं और नियामक मंजूरियां।
  • समाधान: एक साथ केबल और पाइपलाइन बिछाने और अनुमोदन प्रक्रियाओं को सरल बनाने के प्रयास।

शुभारंभ समारोह में वाणिज्य, सड़क परिवहन, रेलवे, नागरिक उड्डयन, जहाजरानी, विद्युत और पेट्रोलियम जैसे मंत्रियों की उपस्थिति रही। इस दौरान प्रगति मैदान में नए प्रदर्शनी परिसरों का भी उद्घाटन हुआ।

योजना में भारतमाला, सागरमाला, अंतर्देशीय जलमार्ग, शुष्क/भूमि बंदरगाह और उड़ान जैसी योजनाएं शामिल हैं। यह कपड़ा, फार्मास्युटिकल, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों जैसे आर्थिक क्षेत्रों को कनेक्टिविटी प्रदान करती है। BiSAG-N द्वारा विकसित ISRO इमेजरी के साथ स्थानिक नियोजन उपकरण इसकी तकनीकी रीढ़ हैं।

2025 तक, जिला मास्टर प्लान (डीएमपी) पोर्टल को पूरे देश में लागू किया गया है, जिसका बीटा संस्करण 28 आकांक्षी जिलों में शुरू हुआ था।

पीएम गति शक्ति योजना 2025 उद्देश्य | PM Gati Shakti Yojana 2025 Objective

पीएम गति शक्ति योजना के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

उद्देश्य विवरण
विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा 2026-27 तक भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सड़क, रेल, बंदरगाह आदि को वैश्विक स्तर पर अपग्रेड करना।
मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी विभिन्न परिवहन साधनों को जोड़कर लोगों और माल की आवाजाही को सुगम बनाना।
रसद लागत में कमी माल परिवहन के लिए सबसे कुशल और लागत प्रभावी मार्ग ढूंढना।
समग्र शासन मंत्रालयों और विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना, “एकल खिड़की” प्रणाली प्रदान करना।
निवेश और प्रतिस्पर्धात्मकता व्यापार को आसान बनाना, निवेश आकर्षित करना और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाना।

2025 में, निजी क्षेत्र के लिए डेटा खोलने से सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा मिला है, जिससे योजना के उद्देश्य और मजबूत हुए हैं।

पीएम गति शक्ति योजना 2025 प्रमुख घटक और स्तंभ | PM Gati Shakti Plan 2025 Key Components and Pillars

योजना छह स्तंभों पर आधारित है:

  1. व्यापकता: सभी मंत्रालयों और विभागों की योजनाओं को एक केंद्रीकृत पोर्टल में शामिल करना।
  2. प्राथमिकता निर्धारण: परियोजनाओं को अंतर-क्षेत्रीय अंतःक्रियाओं के आधार पर प्राथमिकता देना।
  3. अनुकूलन: समय और लागत के आधार पर सबसे उपयुक्त मार्ग चुनना।
  4. समन्वय: विभिन्न मंत्रालयों और शासन स्तरों के बीच तालमेल सुनिश्चित करना।
  5. विश्लेषणात्मक: जीआईएस-आधारित उपकरणों के साथ डेटा प्रबंधन और दृश्यता।
  6. गतिशील: परियोजनाओं की प्रगति की वास्तविक समय में निगरानी।

प्रमुख घटक

  • गति शक्ति संचार पोर्टल: डेटा साझा करने और निगरानी की सुविधा।
  • “अपनी मंजूरी जानें” (KYA) मॉड्यूल: निवेशकों के लिए अनुमोदन प्रक्रिया को सरल बनाना।

पीएम गति शक्ति योजना 2025 कार्यप्रणाली | PM Gati Shakti Yojana 2025 Methodology

योजना एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से काम करती है, जो मंत्रालयों को डेटा साझा करने और परियोजनाओं की निगरानी करने में सक्षम बनाती है। जीआईएस-आधारित विश्लेषण स्थानिक योजना और डेटा प्रबंधन को बेहतर बनाता है।

  • समन्वय: मंत्रालयों को एक साथ लाकर परियोजना कार्यान्वयन में तेजी।
  • KYA मॉड्यूल: निवेशकों को आवश्यक अनुमोदन की जानकारी।
  • वास्तविक समय निगरानी: परियोजनाओं की प्रगति को ट्रैक करना और अड़चनों को हल करना।

उदाहरण के लिए, यदि कोई सड़क परियोजना रेलवे लाइन से टकराती है, तो सिस्टम इसे जल्दी पकड़ लेता है, जिससे टकराव टल जाता है। 2025 तक, 180 अरब डॉलर से अधिक की 208 से अधिक परियोजनाओं का मूल्यांकन किया गया है, और कोयला, इस्पात, उर्वरक जैसे क्षेत्रों में 156 महत्वपूर्ण अंतरालों को दूर किया गया है।

पीएम गति शक्ति योजना 2025 प्रमुख तथ्य और अपडेट | PM Gati Shakti Yojana 2025 Key Facts and Updates

विवरण स्थिति (2025 तक)
निजी क्षेत्र के लिए डेटा चुनिंदा डेटा और मानचित्रों तक पहुंच, बजट 2025 में घोषित।
जिला मास्टर प्लान (डीएमपी) 31 मार्च, 2025 तक पूरे देश में लागू, 28 आकांक्षी जिलों में बीटा संस्करण।
परियोजनाएं 434 परियोजनाएं (192 ऊर्जा/खनिज, 200 उच्च यातायात, 42 बंदरगाह), निवेश ₹11.17 ट्रिलियन।
गति शक्ति कार्गो टर्मिनल 91 चालू, 234 को सैद्धांतिक मंजूरी, 339 नए आवेदन।
स्वीकृत परियोजनाएं 6,290 किमी की 68 परियोजनाएं (₹1.11 ट्रिलियन), 10,603 किमी की 88 परियोजनाएं मूल्यांकन में।

2025 में, रेलवे की मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को कैबिनेट की मंजूरी मिली है।

पीएम गति शक्ति योजना 2025 लाभ | PM Gati Shakti Yojana 2025 Benefits

पीएम गति शक्ति ने बुनियादी ढांचा नियोजन, लॉजिस्टिक्स और बहु-क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बदल दिया है।

  • बेहतर बुनियादी ढाँचा नियोजन:  यह योजना समन्वित नियोजन और तेज़ परियोजना क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए 16 मंत्रालयों को एकीकृत करती है। इसने 180 अरब डॉलर से अधिक मूल्य की 208 से अधिक प्रमुख बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं का मूल्यांकन किया है, और 156 महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचागत कमियों की पहचान कर उन्हें दूर किया है, विशेष रूप से कोयला, इस्पात, उर्वरक और खाद्य वितरण जैसे प्रमुख क्षेत्रों के लिए अंतिम-मील कनेक्टिविटी में।
  • विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा: बेहतर बुनियादी ढांचे और कम हुई लॉजिस्टिक्स लागत के कारण भारतीय सामान अब वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी हैं।
  • तेज़ परियोजना कार्यान्वयन : गति शक्ति प्लेटफ़ॉर्म में जीआईएस और डेटा एनालिटिक्स जैसी उन्नत तकनीकों के एकीकरण ने प्रक्रियागत बाधाओं को कम कर दिया है। इसका उदाहरण गुजरात में 300 किलोमीटर लंबे तटीय गलियारे का डिज़ाइन है, जिसके तहत अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की अनुमतियों की संख्या 28 से घटकर 13 रह गई है।
  • उन्नत मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी : यह योजना सड़क, रेल, वायु और जलमार्गों को एकीकृत करती है, जिसका उदाहरण सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 8,891 किलोमीटर से अधिक नई सड़कों की योजना बनाना और रेल मंत्रालय द्वारा 27,000 किलोमीटर से अधिक नई रेलवे लाइनों का मानचित्रण करना है।

पीएम गति शक्ति योजना 2025 चुनौतियां | PM Gati Shakti Plan 2025 Challenges

यद्यपि  पीएम गति शक्ति योजना के अनेक लाभ हैं, फिर भी इसमें कुछ चुनौतियाँ भी हैं:

  • भूमि स्वामित्व विवाद अक्सर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में देरी का कारण बनते हैं, जिससे उनकी समग्र प्रगति धीमी हो जाती है।
  • भूमि दस्तावेजों जैसे आवश्यक सरकारी अभिलेखों के समुचित डिजिटलीकरण का अभाव, निर्बाध निर्णय लेने और क्रियान्वयन में बाधा डालता है।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने मूल्यवान बुनियादी ढांचे के डेटा को साझा करने के बारे में चिंता जताई है, जिससे अनधिकृत पहुंच और मुद्रीकरण के जोखिम की आशंका है।
  • उन्नत भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी और डिजिटल नियोजन उपकरणों को अपनाने के लिए कुशल कार्यबल और निरंतर पर्याप्त निवेश की आवश्यकता होती है।

पीएम गति शक्ति योजना 20उदाहरण और केस स्टडी | PM Gati Shakti Yojana 20 Examples and Case Studies

मुंबई पोर्ट ट्रस्ट (Mumbai Port Trust)

1. कार्गो परियोजनाएं

  • पीओएल विस्तार: 22 मिलियन टन/वर्ष क्षमता वाला कच्चा तेल जेटी।
  • एलएनजी सुविधा: 5 मिलियन टन/वर्ष स्वच्छ ऊर्जा।
  • कंटेनर आवाजाही: जेएनपीटी से जलमार्ग द्वारा, सड़क यातायात कम।

2. रेल संपर्क: समर्पित माल ढुलाई गलियारा और वडाला-कुर्ला रेल लाइन।

3. समुद्री पर्यटन

  • अंतर्राष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल: ₹500 करोड़ की लागत।
  • वाटरफ्रंट: रेस्टोरेंट, मरीना, और रो-पैक्स टर्मिनल।
  • रोपवे: सीवरी से एलिफेंटा तक 8 किमी, ₹700 करोड़।

निष्कर्ष और भविष्य की संभावनाएं!

पीएम गति शक्ति योजना 2025 भारत के बुनियादी ढांचे के विकास में एक मील का पत्थर है। 2021 से शुरू होकर, निजी क्षेत्र के लिए डेटा खोलने और हाल की मंजूरियों तक, इसने समन्वय और दक्षता को बढ़ाया है। इसके उद्देश्य, स्तंभ, कार्यप्रणाली, लाभ, चुनौतियां और उदाहरण इसे एक व्यापक पहल बनाते हैं। यह योजना न केवल भौतिक कनेक्शन बनाती है, बल्कि आर्थिक समृद्धि और बेहतर जीवन स्तर का मार्ग प्रशस्त करती है।

2025 के बाद, योजना में एआई जैसे उन्नत तकनीकों का उपयोग बढ़ेगा। डीएमपी पोर्टल (DMP Portal) के पूर्ण कार्यान्वयन से स्थानीय विकास तेज होगा। निजी क्षेत्र की भागीदारी नवाचार को बढ़ाएगी। यह योजना 2026-27 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगी।

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