List of Women’s Empowerment Schemes in India 2026: जानिये, नए बजट में महिलाओं को क्या मिला?

2026 में महिलाओं के लिए क्या है नया? सशक्तिकरण योजनाओं की पूरी लिस्ट जारी! | List of Women’s Empowerment Schemes in India 2026 | Union Budget 2026-27

भारत में महिलाओं के लिए 2026 एक नया मोड़ साबित हो सकता है, क्योंकि इस साल पेश किए गए बजट में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं, जो सीधे तौर पर “Women’s Empowerment Schemes in India 2026” को प्रभावित करते हैं। सरकार ने महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और डिजिटल रूप से मजबूत बनाने के लिए ऐसी योजनाएँ शुरू की हैं, जिनके फायदे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। लखपति दीदी से लेकर नमो ड्रोन दीदी, सुकन्या समृद्धि योजना और मातृ वंदना जैसी योजनाएँ महिलाओं की जिंदगी में बड़ा परिवर्तन ला रही हैं। आखिर इन योजनाओं में क्या नया है? आइए जानते हैं।

this is the image of Government Schemes for Women

महिला सशक्तिकरण का महत्व

भारत में महिला शक्ति का इतिहास बेहद समृद्ध रहा है। प्राचीन ग्रंथों में रानी, विदुषी, योद्धा और नेतृत्वकारी महिलाओं का उल्लेख मिलता है। परंतु समय के साथ सामाजिक, आर्थिक और बाहरी कारणों से महिलाओं की स्थिति कमजोर होती गई। आज भारत में महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की पुनर्स्थापना के लिए सशक्तिकरण अत्यंत आवश्यक है।

महिला सशक्तिकरण महत्वपूर्ण क्यों है?

  • जीडीपी में वृद्धि: महिलाएं देश की आधी आबादी हैं। यदि वे अर्थव्यवस्था में सक्रिय रूप से भाग लें, तो जीडीपी में भारी बढ़ोतरी संभव है।
  • शिक्षा का विस्तार: शिक्षित महिला पूरे परिवार और समाज को शिक्षित व जागरूक बनाती है।
  • गरीबी घटाने में सहयोग: महिला के कमाने से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और गरीबी कम होती है।
  • सामाजिक न्याय: पितृसत्तात्मक सोच को कम करने और समान अवसर उपलब्ध कराने में सशक्तिकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • स्वास्थ्य में सुधार: जागरूक महिलाएं परिवार की स्वास्थ्य जरूरतों को बेहतर समझती हैं, जिससे बीमारियों और चिकित्सा खर्च में कमी आती है।

महिला सशक्तिकरण क्यों आवश्यक है?

प्राचीन भारत में महिलाएं ज्ञान और साहस का प्रतीक थीं, लेकिन समय के साथ आए सामाजिक बदलावों ने उनकी स्थिति को प्रभावित किया। आज के दौर में सशक्तिकरण का अर्थ महिलाओं को उनके निर्णय स्वयं लेने और समाज में समान अवसर प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाना है। इसके कुछ प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

  • आर्थिक विकास (GDP): भारत की आधी आबादी महिलाएं हैं। जब महिलाएं कार्यबल का हिस्सा बनती हैं, तो देश की अर्थव्यवस्था की गति दोगुनी हो जाती है।
  • शिक्षित समाज: कहा जाता है कि “एक पुरुष को शिक्षित करना एक व्यक्ति को शिक्षित करना है, लेकिन एक महिला को शिक्षित करना पूरे राष्ट्र को शिक्षित करना है।”
  • गरीबी उन्मूलन: महिला का आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना परिवार को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकालने का सबसे प्रभावी तरीका है।
  • सामाजिक न्याय: यह समाज में व्याप्त पितृसत्तात्मक बेड़ियों को तोड़कर लैंगिक समानता सुनिश्चित करता है।

भारत में महिला सशक्तिकरण योजनाओं की सूची 2026-27

अब आइए 2026 तक भारत में महिलाओं के लिए उपलब्ध प्रमुख सरकारी योजनाओं की विस्तृत सूची और उनके लाभों पर नज़र डालते हैं:

आर्थिक सशक्तिकरण और उद्यमिता

1. लखपति दीदी योजना

इसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के सदस्यों को स्थायी आजीविका के माध्यम से सालाना 1 लाख रुपये से अधिक कमाने के लिए सशक्त बनाना है। महिलाओं के लिए आय बढ़ाने हेतु यह योजना स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाती है।

लक्ष्य:

  • 2 करोड़ महिलाओं को ₹1 लाख से अधिक वार्षिक आय दिलाना
  • समूह आधारित रोजगार व उद्यमिता को बढ़ावा

2. नमो ड्रोन दीदी योजना

कृषि गतिविधियों के लिए ग्रामीण महिलाओं को ड्रोन पायलट के रूप में प्रशिक्षित करती है और ड्रोन की खरीद पर 80% सब्सिडी प्रदान करती है। ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने का उद्देश्य।

मुख्य बिंदु:

  • 15,000 SHG महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण
  • कृषि सर्वेक्षण, दवाइयां/सामान डिलीवरी जैसी सेवाओं द्वारा आय अर्जन
  • भूमि अभिलेखों के डिजिटल मैपिंग में योगदान

3. महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र (Mahila Samman Savings Certificate (MSSC)

महिलाओं के लिए एक छोटी बचत योजना जो निश्चित ब्याज दरें प्रदान करती है। महिलाओं के लिए विशेष बचत योजना।

विशेषताएं:

  • 2 वर्ष की फिक्स्ड डिपॉज़िट
  • अधिकतम निवेश: ₹2 लाख
  • ब्याज दर: 7.5% प्रति वर्ष

4. स्टैंड-अप इंडिया (Stand-up India)

यह संस्था महिला उद्यमियों को नए उद्यम स्थापित करने के लिए 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का ऋण प्रदान करती है। महिला उद्यमियों के लिए बड़े स्तर पर आर्थिक सहायता।

मुख्य लाभ:

  • ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक ऋण
  • परियोजना लागत का 75% तक कवर
  • SC/ST और महिलाओं पर फोकस

5. पीएम मुद्रा योजना (PM Mudra Yojana)

महिला लघु व्यवसाय मालिकों को बिना किसी गारंटी के ऋण प्रदान करती है। महिला उद्यमियों के लिए बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध।

प्रमुख बातें:

  • ऋण सीमा: अब 20 लाख रुपये तक
  • शिशु, किशोर और तरुण श्रेणियां
  • छोटे व्यवसायों को वित्तीय सहायता

6. महिला ई-हाट

महिला उद्यमियों के लिए अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने के लिए एक ई-मार्केटप्लेस। महिला उद्यमियों के लिए बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध है।

प्रमुख बातें:

  • ऋण सीमा: अब 20 लाख रुपये तक
  • शिशु, किशोर और तरुण श्रेणियां
  • छोटे व्यवसायों को वित्तीय सहायता

7. TREAD (व्यापार संबंधी उद्यमिता सहायता और विकास)

प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता के माध्यम से महिलाओं का समर्थन करता है। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष योजना।

लाभ:

  • अधिकतम ₹30 लाख का कुल ऋण
  • सरकार 30% अनुदान देती है
  • शेष राशि बैंक और NGO द्वारा

8. सेंट कल्याणी योजना

महिला उद्यमियों को लघु एवं मध्यम उद्यम शुरू करने या उनका विस्तार करने के लिए ऋण प्रदान करती है।

सेंट कल्याणी योजना के लिए ब्याज दर

  • 1 लाख रुपये से अधिक और 100 लाख रुपये तक के ऋणों के लिए: ब्याज दर में छूट उधार दर (एमसीएलआर) पर आधारित सीमांत निधि लागत में ऋण के 0.50% की वृद्धि के साथ होगी।
  • यदि खाते का मूल्यांकन किसी बाहरी एजेंसी द्वारा किया जाता है, तो 0.25% की अतिरिक्त ब्याज छूट प्रदान की जाएगी।

लड़कियों के लिए शिक्षा और वित्तीय सुरक्षा

1. सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana (SSY)):यह एक उच्च ब्याज वाली बचत योजना है जिसे बालिका की भावी शिक्षा और विवाह के लिए बनाया गया है।

यह योजना बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का हिस्सा है और बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए डिज़ाइन की गई है।

मुख्य लाभ:

  • 15 वर्ष की जमा अवधि
  • अधिकतम 5 वर्ष का विस्तार
  • वार्षिक जमा सीमा: ₹1.50 लाख
  • ब्याज दर: 8.2% प्रति वर्ष (कर-मुक्त)
  • धारा 80C के तहत कर छूट
  • राशि का उपयोग उच्च शिक्षा और विवाह में

2. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ – Beti Bachao Beti Padhao (BBBP)

बालिका के अस्तित्व, संरक्षण और शिक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक अभियान। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (BBBP) योजना का मुख्य उद्देश्य बाल लिंग अनुपात में सुधार, कन्या भ्रूण हत्या को रोकना और बालिकाओं की शिक्षा व सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है। इसके तहत सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) के माध्यम से वित्तीय सुरक्षा, आयकर में छूट (80C), 8.2% वार्षिक ब्याज, और शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुँच जैसे लाभ मिलते हैं।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के मुख्य लाभ
  • वित्तीय सुरक्षा (सुकन्या समृद्धि योजना): इस योजना के तहत बेटी के नाम पर सुकन्या समृद्धि खाता (SSY) खोला जा सकता है, जो उच्च शिक्षा और विवाह के लिए एक बेहतरीन बचत विकल्प है।
  • उच्च ब्याज दर और टैक्स में छूट: वर्तमान में SSY खाते पर 8.2% की वार्षिक ब्याज दर मिलती है और आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80C के तहत जमा की गई राशि पर टैक्स छूट भी मिलती है।
  • शिक्षा को बढ़ावा: योजना का उद्देश्य माध्यमिक शिक्षा में लड़कियों का नामांकन बढ़ाना और स्कूलों में शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना है, जिससे उनकी शिक्षा न छूटे।
  • लिंगानुपात में सुधार (CSR): यह अभियान जन्म के समय लिंगानुपात (SRB) में गिरावट को रोकने और लड़कियों के प्रति सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कार्य करता है।
  • बाल विवाह और शोषण पर रोक: यह लड़कियों के अधिकारों की रक्षा करता है, उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करता है और बाल विवाह जैसी कुरीतियों को रोकने में मदद करता है।
  • कल्याणकारी सेवाएं: लड़कियों की सुरक्षा, पोषण (एनीमिया को कम करना), और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच को बेहतर बनाता है।

3. प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY)

महिलाओं को घर के स्वामित्व का अधिकार देकर उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना।

महत्व:

  • घर के दस्तावेज़ में महिला का नाम अनिवार्य/प्राथमिकता
  • आर्थिक और सामाजिक स्थिरता

स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक सुरक्षा

1. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई)

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) गर्भवती महिलाओं को पोषण के लिए पहले जीवित बच्चे पर ₹5,000 (दो किश्तों में) और दूसरे बच्चे के रूप में लड़की होने पर ₹6,000 (एकमुश्त) की नकद सहायता सीधे बैंक खाते (DBT) में देती है। इसका उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान वेतन हानि की भरपाई और मां-बच्चे का स्वास्थ्य सुधारना है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के प्रमुख लाभ (Benefits)
  • वित्तीय सहायता: प्रथम जीवित बच्चे के लिए ₹5,000 की नकद प्रोत्साहन राशि।
  • बालिका प्रोत्साहन: यदि दूसरा बच्चा लड़की है, तो ₹6,000 की एकमुश्त सहायता मिलती है।
  • पोषण में सुधार: गर्भावस्था के दौरान माताओं को पौष्टिक भोजन के लिए आर्थिक सहायता।
  • वेतन हानि की भरपाई: गर्भावस्था और प्रसव के कारण होने वाले काम के नुकसान की भरपाई।
  • स्वास्थ्य ट्रैकिंग: जच्चा-बच्चा की समय पर जांच और टीकाकरण के लिए प्रोत्साहन।
  • सीधे बैंक हस्तांतरण (DBT): राशि सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक बैंक खाते में आती है।

2. मिशन इंद्रधनुष – Mission Indradhanush

यह योजना महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर केंद्रित है।

फोकस:

  • गर्भवती महिलाओं का पूर्ण टीकाकरण
  • शिशुओं को घातक बीमारियों से सुरक्षा

3. वन स्टॉप सेंटर (सखी)

हिंसा से प्रभावित महिलाओं को पुलिस सहायता, कानूनी सलाह और चिकित्सा सहायता सहित एकीकृत सहायता प्रदान करता है। वन स्टॉप सेंटर (सखी) हिंसा से पीड़ित महिलाओं (घरेलू, यौन, या अन्य) को एक ही छत के नीचे 24×7 आपातकालीन और गैर-आपातकालीन सेवाएं जैसे- चिकित्सा, कानूनी सहायता, परामर्श (counseling), अस्थायी आश्रय और पुलिस सहायता प्रदान करता है। यह 181 हेल्पलाइन के माध्यम से काम करता है, जिसका उद्देश्य पीड़िताओं को सुरक्षा, न्याय और पुनर्वास में सहायता करना है।

वन स्टॉप सेंटर (सखी) के मुख्य लाभ:
  • एकीकृत सहायता (One-Stop Solution): पुलिस, चिकित्सा, और कानूनी सहायता के लिए अलग-अलग कार्यालयों में जाने की जरूरत नहीं है; सभी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं।
  • अस्थायी आश्रय (Temporary Shelter): पीड़ित महिला और उसके बच्चों के लिए सुरक्षित आश्रय, जो 5 दिनों तक या पुनर्वास तक हो सकता है।
  • नि:शुल्क चिकित्सा और कानूनी सलाह: प्राथमिक चिकित्सा, 108 एम्बुलेंस सेवा, और मुफ़्त विधिक सहायता (कानूनी परामर्श और वकील)।
  • मनोवैज्ञानिक और परामर्श सेवाएं: हिंसा के आघात से उबरने के लिए मानसिक और भावनात्मक परामर्श।
  • वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बयान: आवश्यकता पड़ने पर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिस या अदालत में बयान दर्ज कराने की सुविधा।
  • 181 हेल्पलाइन सहायता: 181 नंबर पर 24*7 सहायता उपलब्ध है, जो आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रदान करती है।
  • गोपनीयता और सुरक्षा: पीड़िताओं को पूरी तरह से सुरक्षित और गोपनीय माहौल प्रदान किया जाता है।

4. महिला हेल्पलाइन (181)

संकट में फंसी महिलाओं के लिए 24 घंटे की आपातकालीन सेवा। संकटग्रस्त महिलाओं को 24×7 सहायता।

सेवाएं:

  • घरेलू हिंसा
  • सुरक्षा समस्या
  • कानूनी सहायता
  • आपातकालीन बचाव

5. उज्ज्वला योजना – Ujjwala Yojana

गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करती है, जिससे उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा में सुधार होता है। गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना।

फायदें:

  • BPL परिवारों को मुफ्त LPG कनेक्शन
  • रियायती गैस सिलेंडर
  • धुएं से होने वाली बीमारियों में कमी

6. नई रोशनी

यह अल्पसंख्यक महिलाओं के नेतृत्व विकास पर केंद्रित है। नई रोशनी योजना (अब PM Vikas का हिस्सा) अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाओं (18-65 वर्ष) को नेतृत्व प्रशिक्षण और कौशल विकास के माध्यम से सशक्त बनाने की एक पहल है। इसके तहत उन्हें बैंकिंग, कानूनी अधिकारों, डिजिटल साक्षरता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर आत्मनिर्भर बनाया जाता है, ताकि वे परिवार और समाज में निर्णय लेने की भूमिका निभा सकें।

नई रोशनी योजना के मुख्य लाभ:
  • नेतृत्व कौशल में वृद्धि: महिलाओं को निर्णय लेने, आत्मविश्वास बढ़ाने और सामुदायिक मुद्दों में भागीदारी के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।
  • आर्थिक सशक्ति करण और आत्मनिर्भरता: उन्हें छोटे व्यवसाय शुरू करने, वित्तीय साक्षरता (बैंकिंग) और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
  • कानूनी अधिकारों की जानकारी: महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाता है, जिससे वे शोषण के खिलाफ आवाज उठा सकें।
  • स्वास्थ्य और स्वच्छता जागरूकता: इसमें स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषण और स्वच्छ भारत अभियान से संबंधित प्रशिक्षण शामिल है।
  • डिजिटल साक्षरता: महिलाओं को डिजिटल उपकरणों का उपयोग करना सिखाया जाता है, जिससे वे तकनीक से जुड़ सकें।
  • निःशुल्क प्रशिक्षण: यह प्रशिक्षण (आवासीय या गैर-आवासीय) सरकार द्वारा वित्त पोषित है।

कौशल विकास और संरक्षण

1. STEP (महिलाओं के लिए प्रशिक्षण और रोजगार कार्यक्रम सहायता)

महिलाओं को रोजगार के लिए कौशल प्रदान करता है। महिलाओं के लिए कौशल विकास और प्रशिक्षण।

केन्द्र:

  • सिलाई, बुनाई, कृषि, डेयरी, IT आदि
  • प्रशिक्षण संस्थानों को अनुदान
  • महिलाओं को रोजगार योग्य बनाना

2. महिला शक्ति केंद्र

सामुदायिक भागीदारी और कौशल विकास के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाते हैं। महिला शक्ति केंद्र (MSK) योजना, जिसे अब ‘मिशन शक्ति’ का हिस्सा बना दिया गया है, ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए 115 पिछड़े जिलों में कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करती है। यह केंद्र सरकारी योजनाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने और महिला सशक्तिकरण के लिए एक ‘परिवर्तन अभिकर्ता’ (Agent of Change) के रूप में काम करते हैं।

महिला शक्ति केंद्र योजना के मुख्य लाभ:
  • सरकारी योजनाओं तक पहुंच: यह योजना विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों की जानकारी और सहायता प्रदान करती है, जिससे ग्रामीण महिलाएं सीधे लाभ उठा सकें।
  • कौशल विकास और रोजगार: महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई, कंप्यूटर, और अन्य व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के अवसर दिए जाते हैं।
  • डिजिटल साक्षरता: ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा दिया जाता है।
  • स्वास्थ्य और पोषण जागरूकता: केंद्र स्वास्थ्य, पोषण, और स्वच्छता के महत्व के बारे में शिक्षित करते हैं।
  • सामाजिक सशक्तिकरण: महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाता है, जिससे आत्मविश्वास और सामाजिक सुरक्षा बढ़ती है।
  • व्यावसायिक मार्गदर्शन (Career Counseling): करियर और व्यावसायिक मार्गदर्शन के माध्यम से महिलाओं को करियर चुनने में मदद मिलती है।

3. महिला पुलिस स्वयंसेवक (एमपीवी) योजना

संकट में फंसी महिलाओं की सहायता के लिए पुलिस और समुदाय के बीच एक कड़ी स्थापित करती है। इस योजना के तहत, महिला पुलिस स्वयंसेवकों को समुदाय को संगठित करके महिला एवं शिशु रक्षक दल (MASRD) गठित करने की आवश्यकता है, जो सामुदायिक निगरानी समूहों के रूप में कार्य करेंगे। चूंकि यह योजना जमीनी स्तर पर अभी प्रारंभिक चरण में है, इसलिए एमपीवी योजना का कोई प्रभाव आकलन अभी तक नहीं किया गया है।

लाभ

  • मानदेय (Honorarium): नियुक्त स्वयंसेवकों को मोबाइल फोन और स्थानीय परिवहन जैसे जेब खर्च के लिए ₹1,000 प्रति माह का नियत मानदेय दिया जाता है।
  • प्रशिक्षण: चयनित महिलाओं को 3 दिनों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसके लिए उन्हें ₹400 प्रतिदिन का यात्रा और महंगाई भत्ता (TA/DA) भी मिलता है।
  • पुरस्कार और पहचान: जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्वयंसेवकों को नकद पुरस्कार दिए जाते हैं:
  • प्रथम स्थान: ₹10,000
  • द्वितीय स्थान: ₹5,000
  • तृतीय स्थान: ₹3,000
  • प्रतिष्ठा: यह समाज में एक प्रतिष्ठित पद है जो महिलाओं को नेतृत्व करने और सामाजिक बदलाव लाने का अवसर प्रदान करता है।

बजट 2026-27 में महिला सशक्तिकरण के लिए प्रमुख पहलें – Women’s Empowerment Schemes in India 2026

केंद्रीय बजट 2026-27, जिसे 1 फरवरी 2026 को पेश किया गया, महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लगभग 46.9 लाख करोड़ रुपये के इस बजट में महिलाओं की शिक्षा, उद्यमिता, सुरक्षा, कौशल विकास और कार्यबल में उनकी बढ़ती भूमिका पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह बजट न केवल लैंगिक समानता को मजबूत करता है, बल्कि महिलाओं के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए ठोस संरचना भी तैयार करता है।

1. हर जिले में बालिका छात्रावास (10,000 करोड़ रुपये की योजना)
  • प्रत्येक जिले में नए छात्रावास बनाए जाएंगे, जिनमें छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • यह पहल बालिकाओं की सुरक्षा, आवास और उच्च शिक्षा तक आसान पहुंच सुनिश्चित करेगी।
  • इसका उद्देश्य ग्रामीण लड़कियों की शिक्षा में आई बाधाओं को दूर करना और उन्हें आगे पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
2. औद्योगिक लॉजिस्टिक्स हब के पास एसटीईएम-फोकस्ड विश्वविद्यालय टाउनशिप
  • पांच नई एकीकृत विश्वविद्यालय टाउनशिप विकसित की जाएंगी।
  • इनमें छात्राओं के लिए सुरक्षित आवास, आधुनिक प्रयोगशालाएं और STEM शिक्षा पर विशेष फोकस होगा।
  • यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य विज्ञान और तकनीक में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है।
3. ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए SHE-Marts
  • क्लस्टर स्तर पर सामुदायिक स्वामित्व वाले खुदरा आउटलेट स्थापित किए जाएंगे।
  • ग्रामीण महिला उद्यमी अपने उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचा सकेंगी।
  • यह मंच ग्रामीण महिलाओं के ब्रांड, बिक्री और बाजार पहुंच को बढ़ाने का मजबूत अवसर प्रदान करेगा।
4. महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को मजबूत समर्थन
  • देश में 22 लाख MSME महिलाएं चला रही हैं, जिनमें करीब 89 लाख महिलाएं कार्यरत हैं।
  • बजट में इन उद्यमों के लिए
    • वित्तीय सहायता
    • विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम
    • जिला स्तरीय उद्यमिता पहलें
      शामिल की गई हैं, जिससे महिला उद्यमियों की क्षमता और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
5. STEM शिक्षा और अनुसंधान में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
  • एआई-आधारित कौशल विकास कार्यक्रमों का विस्तार किया गया है।
  • भारत AI मिशन के तहत 33% हिस्सा STEM में महिलाओं के लिए निर्धारित किया गया है।
  • आरएंडडी निवेश बढ़ाकर तकनीकी क्षेत्रों में महिला नेतृत्व को प्रोत्साहित किया जाएगा।
6. पहली बार उद्यम शुरू करने वाली महिलाओं के लिए विशेष ऋण योजना
  • महिला उद्यमियों को पहली बार व्यवसाय शुरू करने हेतु 2 करोड़ रुपये तक का सावधि ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
  • विशेष प्रावधानों के साथ यह योजना महिला स्टार्टअप्स को गति देगी।
7. कृषि और ग्रामीण विकास में महिलाओं के लिए नई पहलें
  • 500 जलाशयों के विकास के साथ मत्स्य पालन क्षेत्र का विस्तार।
  • नारियल आधारित उद्योगों के लिए नई प्रोत्साहन योजना, जिससे ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ेगी।
8. डिजिटल कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण
  • भारत AI मिशन का एक-तिहाई हिस्सा STEM में महिला सहभागिता बढ़ाने को समर्पित है।
  • AI, मशीन लर्निंग, डेटा विज्ञान और डिजिटल कौशल में महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम।
9. खेल क्षेत्र में महिला एथलीटों के लिए समर्थन
  • सुरक्षित आवास और बेहतर खेल तकनीक उपलब्ध कराने पर जोर।
  • AI-संचालित स्पोर्ट्स एनालिटिक्स से महिलाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
10. डिजिटल अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका का विस्तार
  • कंटेंट क्रिएशन, गेमिंग और डिजिटल स्टार्टअप्स में महिलाओं के नेतृत्व वाली कंपनियों को समर्थन।
  • ऑनलाइन उद्यमिता के लिए बेहतर इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है।
11. पर्यटन क्षेत्र में महिलाओं के लिए अवसर
  • 15 प्रमुख धरोहर स्थलों का विकास और नई इको-फ्रेंडली पर्यटन पगडंडियाँ।
  • 10,000 महिला पर्यटक गाइडों को प्रशिक्षण देने की पहल।
12. लैंगिक समानता बजट में 37.5% की बढ़ोतरी
  • अब यह कुल बजट का 8.9% हिस्सा है।
  • महिलाओं के लिए योजनाओं, सुरक्षा, कौशल, स्वास्थ्य और उद्यमिता पर विशेष निवेश।
13. घरेलू देखभाल भार कम करने वाली नीतियां
  • आवास योजनाओं में स्वच्छता, पानी और सुरक्षित छात्रावास सुविधाओं पर विशेष फोकस।
  • इसका उद्देश्य महिलाओं की ‘अवैतनिक घरेलू कार्य’ की समय-बाधा को कम करना है।

निष्कर्ष: List of Women’s Empowerment Schemes in India 2026

भारत में महिला सशक्तिकरण आज की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में से एक है। 2026 तक सरकार द्वारा लागू की गई ये योजनाएं महिलाओं को शिक्षा, आर्थिक सुरक्षा, तकनीकी कौशल और सामाजिक सम्मान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। आशा है कि अधिक से अधिक महिलाएं इन योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण में योगदान देंगी। List of Women’s Empowerment Schemes in India 2026

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