Last date for filing ITR: जानिये, क्या AY 2025-26 के लिए ITR फाइलिंग की डेडलाइन फिर बढ़ी है? | ITR Filing 2025 | Income Tax Return | Income Tax Login | Income Tax ITR Due Date Extension
Income Tax ITR Due Date Extension: भारत में हर वित्तीय वर्ष के अंत के बाद करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करना अनिवार्य होता है। वित्तीय वर्ष 2024–25 (आकलन वर्ष 2025–26) के लिए आयकर विभाग ने पहले ही समयसीमा में बदलाव किया है। 13 सितंबर 2025 तक, बिना ऑडिट वाले करदाताओं (Non-audited taxpayers) के लिए ITR फाइलिंग की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 कर दी गई है। हालांकि, लगातार तकनीकी समस्याओं और आवश्यक यूटिलिटी के देर से जारी होने के कारण कर विशेषज्ञ और टैक्स प्रोफेशनल संगठनों ने सरकार से और विस्तार की मांग की है। अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
13 सितंबर, 2025 तक, आकलन वर्ष (एवाई) 2025-26 के लिए अधिकांश व्यक्तिगत करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की समय सीमा पहले ही एक बार बढ़ा दी गई है और अब यह 15 सितंबर, 2025 है। कर पेशेवरों के अनुरोधों के बावजूद, आगे विस्तार निश्चित नहीं है।
वित्तीय वर्ष 2024–25 (आकलन वर्ष 2025–26) की प्रमुख तिथियाँ! | Key Dates for Financial Year 2024–25 (Assessment Year 2025–26)!
- बिना ऑडिट वाले करदाता (Individuals & HUFs): सामान्यत: अंतिम तिथि 31 जुलाई होती है, लेकिन इसे बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 कर दिया गया है।
- विलंबित या संशोधित रिटर्न (Belated or Revised Return): यदि आप 15 सितंबर की डेडलाइन मिस कर देते हैं, तो आप 31 दिसंबर 2025 तक विलंबित या संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। हालाँकि, इसके लिए जुर्माना और ब्याज देना होगा।
- व्यवसाय जिनको ऑडिट की आवश्यकता है (Businesses requiring audit): टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2025 है। ITR फाइल करने की तिथि 31 अक्टूबर 2025 तय की गई है।
समयसीमा क्यों बढ़ाई गई? | Why was the deadline extended?
CBDT (Central Board of Direct Taxes) ने समयसीमा बढ़ाने के पीछे कुछ अहम कारण बताए:
- ITR फॉर्म में बदलाव – इस बार ITR फॉर्म्स में कई संरचनात्मक और सामग्री स्तर पर बदलाव किए गए।
- यूटिलिटी में देरी – ITR-2 और ITR-3 की यूटिलिटी देर से जारी हुई, जिससे फाइलिंग का काम देर से शुरू हो पाया।
- तकनीकी समस्याएँ – ई-फाइलिंग पोर्टल पर लगातार गड़बड़ियाँ आ रही थीं, जैसे AIS (Annual Information Statement) और Form 26AS से जुड़ी समस्याएँ।
विलंबित रिटर्न पर पेनल्टी | Penalty on delayed returns
यदि आप 15 सितंबर 2025 तक ITR दाखिल नहीं करते हैं, तो आपको आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत जुर्माना भरना होगा।
- आय ₹5 लाख से अधिक – ₹5,000 का जुर्माना
- आय ₹5 लाख तक – ₹1,000 का जुर्माना
- आयकर सीमा से नीचे – कोई लेट फीस नहीं लगेगी
साथ ही, यदि टैक्स बकाया है तो धारा 234A के तहत उस पर प्रति माह 1% ब्याज देना होगा।
लेट रिटर्न भरने के नुकसान | Disadvantages of filing late returns
- नुकसान कैरी फॉरवर्ड नहीं होगा – कैपिटल गेन या बिज़नेस लॉस जैसे नुकसान आगे नहीं ले जा सकते।
- टैक्स रेजीम लॉक हो जाएगी – विलंबित रिटर्न भरने पर पुरानी और नई टैक्स रेजीम में बदलाव की अनुमति नहीं होगी।
- छूट और कटौती का नुकसान – धारा 10A, 10B या 80-IA, 80-IB जैसी छूटें नहीं मिलेंगी।
- रिफंड में देरी – लेट रिटर्न पर प्रोसेसिंग धीमी होती है, जिससे रिफंड देर से मिलेगा।
- जांच और कार्रवाई – लेट रिटर्न विभागीय जांच को बढ़ा सकता है, यहाँ तक कि गंभीर मामलों में कानूनी कार्यवाही भी हो सकती है।
क्या लेट रिटर्न संशोधित किया जा सकता है? | Can late return be revised?
हाँ। यदि आपने लेट रिटर्न भरने के बाद कोई गलती महसूस की, तो 31 दिसंबर 2025 तक आप संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
ITR फॉर्म्स में प्रमुख बदलाव (AY 2025–26) | Major Changes in ITR Forms (AY 2025–26)
सभी करदाताओं के लिए बदलाव
- TDS सेक्शन कोड अनिवार्य – अब TDS क्रेडिट क्लेम करते समय यह बताना होगा कि किस धारा के अंतर्गत TDS काटा गया है (जैसे 194J, 194I)।
- कैपिटल गेन रिपोर्टिंग में नया फॉर्मेट – लेन-देन की तारीख (23 जुलाई 2024 से पहले या बाद) के आधार पर गेन रिपोर्ट करना होगा।
- आधार एनरोलमेंट ID अस्वीकार्य – अब ITR दाखिल करने या PAN आवेदन के लिए केवल वैध आधार संख्या ही मान्य होगी।
- Asset & Liability की सीमा बढ़ी – अब केवल उन करदाताओं को Schedule AL भरना होगा जिनकी आय ₹1 करोड़ से अधिक है (पहले यह सीमा ₹50 लाख थी)।
- Chapter VI-A में डिटेल्स अनिवार्य – अब 80C, 80DD, 80U जैसी कटौतियों के लिए डॉक्यूमेंट नंबर और सर्टिफिकेट डिटेल्स देना जरूरी है।
फॉर्म-विशिष्ट बदलाव
- ITR-2 और ITR-3 – वर्चुअल डिजिटल एसेट्स और अनलिस्टेड बॉन्ड्स से हुई आय का अलग-अलग विवरण देना होगा।
- ITR-1 और ITR-4 – छोटे निवेशकों के लिए सरलता लाई गई है। प्रेजम्प्टिव टैक्स की लिमिट बढ़ाई गई।
- ITR-5 और ITR-6 – LLP और कंपनियों के लिए नए प्रावधान, जैसे क्रूज़ ऑपरेटर्स के लिए प्रेजम्प्टिव टैक्स और डायमंड बिज़नेस से जुड़े डिस्क्लोजर।
नवीनतम स्थिति – क्या डेडलाइन फिर बढ़ेगी? | Latest status – Will the deadline be extended again?
जैसे-जैसे 15 सितंबर 2025 की तिथि नजदीक आ रही है, टैक्स प्रोफेशनल्स और संसद के कुछ सदस्य लगातार वित्त मंत्रालय से अनुरोध कर रहे हैं कि अंतिम तिथि को और आगे बढ़ाया जाए। मुख्य कारण हैं – तकनीकी दिक्कतें, देर से आई यूटिलिटीज और फाइलिंग का दबाव। लेकिन 13 सितंबर 2025 तक सरकार ने कोई नया विस्तार घोषित नहीं किया है।
क्या निर्धारण वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि/समय सीमा फिर से बढ़ा दी गई है?
आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 2025: नहीं, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) द्वारा निर्धारण वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि नहीं बढ़ाई गई है।
विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट देखकर आपको लग सकता है कि आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। लेकिन यह सच नहीं है।
पिछले कुछ दिनों से, कई कर पेशेवर और उनका प्रतिनिधित्व करने वाले निकाय आईटीआर दाखिल करने और टैक्स ऑडिट की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। हालाँकि, आयकर विभाग या वित्त मंत्रालय ने अभी तक ऐसी मांगों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
इसके बजाय, आयकर विभाग ने करदाताओं से यथाशीघ्र अपना रिटर्न दाखिल करने का आग्रह किया है।
सीबीडीटी ने पहले ही निर्धारण वर्ष 2025-26 (वित्त वर्ष 2024-25) के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई से बढ़ाकर 15 सितंबर कर दी थी।
प्रेस सूचना ब्यूरो ने हाल ही में एक दस्तावेज में कहा, “वित्त वर्ष 2024-25 (आकलन वर्ष 2025-26) के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 करने से करदाताओं को अपने अनुपालन दायित्वों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।”
निष्कर्ष: Income Tax ITR Due Date Extension
आयकर रिटर्न फाइलिंग न केवल कानूनी दायित्व है बल्कि यह आपके वित्तीय अनुशासन को भी दर्शाता है। समयसीमा को लेकर हर साल चर्चाएँ होती हैं और अक्सर तकनीकी व प्रशासनिक कारणों से इसे आगे बढ़ा भी दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2024–25 (AY 2025–26) के लिए बिना ऑडिट वाले करदाताओं की अंतिम तिथि फिलहाल 15 सितंबर 2025 है। यदि आपने अभी तक रिटर्न दाखिल नहीं किया है, तो तुरंत करें ताकि जुर्माना, ब्याज और अन्य जटिलताओं से बचा जा सके।
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