Financial Assistance for Vocational Training of Widows of ESM: पात्रता, आवेदन और लाभ की पूरी जानकारी!

Table of Contents

पूर्व सैनिकों की विधवाओं के लिए ₹50,000 तक की सहायता योजना की पूरी जानकारी – आवेदन प्रक्रिया, KSB Registration, भुगतान, FAQs और महत्वपूर्ण जानकारी! | Financial Assistance for Vocational Training of Widows of ESM | Raksha Mantri Ex-Servicemen Welfare Fund | RMEWF | ESM Widow Scheme

Financial Assistance for Vocational Training of Widows of ESM भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य पूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen) की विधवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण (Vocational Training) के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अधिकतम ₹50,000 तक की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

आज के समय में केवल आर्थिक सहायता ही पर्याप्त नहीं मानी जाती, बल्कि रोजगारपरक कौशल (Skill Development) भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी सोच के साथ रक्षा मंत्रालय के पूर्व सैनिक कल्याण विभाग (Department of Ex-Servicemen Welfare – DESW) तथा केंद्रीय सैनिक बोर्ड (KSB) ने इस योजना को लागू किया है, ताकि पूर्व सैनिकों की विधवाएं सम्मानपूर्वक रोजगार या स्वरोजगार प्राप्त कर सकें।

this is the image of ESM Widow Scheme

योजना का संक्षिप्त विवरण – ESM Widow Scheme

विवरण जानकारी
योजना का नाम Financial Assistance for Vocational Training of Widows of ESM
संचालित विभाग रक्षा मंत्रालय, पूर्व सैनिक कल्याण विभाग (DESW)
कार्यान्वयन एजेंसी केंद्रीय सैनिक बोर्ड (KSB)
लाभार्थी पूर्व सैनिकों की विधवाएं
सहायता राशि अधिकतम ₹50,000 (एकमुश्त)
आवेदन का माध्यम ऑनलाइन एवं जिला सैनिक बोर्ड के माध्यम से
भुगतान का तरीका सीधे बैंक खाते में ECS द्वारा
उद्देश्य कौशल विकास एवं आत्मनिर्भरता

Financial Assistance for Vocational Training of Widows of ESM योजना क्या है?

यह योजना विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए बनाई गई है जिनके पति भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा दे चुके थे और अब उनका निधन हो चुका है।

पति की मृत्यु के बाद कई परिवार आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते हैं। ऐसे समय में यदि विधवा के पास कोई रोजगारपरक कौशल नहीं हो, तो जीवनयापन और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने यह योजना शुरू की।

इस योजना के अंतर्गत पात्र विधवा अपनी शैक्षणिक योग्यता और रुचि के अनुसार किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकती है। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा होने पर सरकार आर्थिक सहायता प्रदान करती है।

योजना का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।

मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं—

  • पूर्व सैनिकों की विधवाओं को रोजगार योग्य बनाना।
  • स्वरोजगार को बढ़ावा देना।
  • आर्थिक रूप से सशक्त बनाना।
  • कौशल विकास (Skill Development) को प्रोत्साहित करना।
  • परिवार की आय बढ़ाने में सहायता करना।
  • महिलाओं को सम्मानपूर्वक जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराना।

इस योजना की प्रमुख विशेषताएं!

इस योजना को अन्य सरकारी योजनाओं से अलग बनाने वाली प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं—

  • अधिकतम ₹50,000 तक की एकमुश्त वित्तीय सहायता।
  • सहायता राशि वापस नहीं करनी होती।
  • केवल मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण संस्थानों से प्रशिक्षण आवश्यक।
  • आवेदन की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है।
  • भुगतान सीधे बैंक खाते में किया जाता है।
  • जिला सैनिक बोर्ड (ZSB) और राज्य सैनिक बोर्ड (RSB) द्वारा सत्यापन।
  • प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ही सहायता प्रदान की जाती है।

योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ

यदि आवेदक सभी पात्रता शर्तों को पूरा करता है, तो उसे निम्नलिखित लाभ प्राप्त होते हैं—

1. आर्थिक सहायता

सबसे बड़ा लाभ यह है कि पात्र विधवा को ₹50,000 तक की एकमुश्त वित्तीय सहायता मिलती है।

2. रोजगार के अवसर

व्यावसायिक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद नौकरी मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

3. स्वरोजगार की सुविधा

यदि लाभार्थी नौकरी नहीं करना चाहती, तो वह स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सकती है, जैसे—

  • ब्यूटी पार्लर
  • सिलाई एवं बुटीक
  • कंप्यूटर सेंटर
  • मोबाइल रिपेयरिंग
  • फैशन डिजाइनिंग
  • डिजिटल सर्विस सेंटर
  • टिफिन या फूड बिजनेस

4. आत्मनिर्भरता

यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं कमाने के लिए प्रेरित करती है।

5. जीवन स्तर में सुधार

स्थायी आय का स्रोत बनने से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और बच्चों की शिक्षा तथा अन्य आवश्यकताओं को पूरा करना आसान हो जाता है।

कौन-कौन से प्रशिक्षण किए जा सकते हैं?

सरकार ने किसी एक विशेष कोर्स को अनिवार्य नहीं बनाया है। आवेदक अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार प्रशिक्षण चुन सकती हैं।

लोकप्रिय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम—

  • कंप्यूटर कोर्स
  • टैली एवं अकाउंटिंग
  • डाटा एंट्री ऑपरेटर
  • फैशन डिजाइनिंग
  • सिलाई एवं कढ़ाई
  • ब्यूटी एंड वेलनेस
  • हेयर स्टाइलिंग
  • नर्सिंग असिस्टेंट
  • हेल्थकेयर कोर्स
  • इलेक्ट्रिशियन
  • फिटर
  • मोबाइल रिपेयरिंग
  • कंप्यूटर हार्डवेयर
  • डिजिटल मार्केटिंग
  • ग्राफिक डिजाइनिंग
  • रिटेल मैनेजमेंट
  • हॉस्पिटैलिटी एवं होटल मैनेजमेंट

प्रशिक्षण कहाँ से किया जा सकता है?

प्रशिक्षण केवल मान्यता प्राप्त संस्थानों से ही किया जाना चाहिए।

मान्य संस्थानों में शामिल हैं—

  • राज्य सरकार के ITI
  • जिला सैनिक बोर्ड द्वारा संचालित प्रशिक्षण केंद्र
  • राज्य सैनिक बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान
  • सरकारी कौशल विकास संस्थान
  • प्रतिष्ठित निजी संस्थान (जैसे NIIT)
  • RSB/ZSB द्वारा अनुमोदित अन्य प्रशिक्षण संस्थान

सलाह: प्रशिक्षण शुरू करने से पहले संबंधित जिला सैनिक बोर्ड (ZSB) से यह अवश्य पुष्टि कर लें कि आपका चुना हुआ संस्थान योजना के लिए मान्य है।

Financial Assistance for Vocational Training of Widows of ESM: पात्रता (Eligibility)

इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना आवश्यक है—

आवेदक

  • पूर्व सैनिक (ESM) की विधवा होनी चाहिए।

सैनिक की रैंक

  • दिवंगत पूर्व सैनिक हवलदार या समकक्ष रैंक तक का होना चाहिए।

सेवा रिकॉर्ड

  • सेवा पुस्तिका में पत्नी का नाम दर्ज होना चाहिए।

प्रशिक्षण

  • मान्यता प्राप्त संस्थान से व्यावसायिक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया होना चाहिए।

अनुशंसा

आवेदन को—

  • जिला सैनिक बोर्ड (ZSB)
  • राज्य सैनिक बोर्ड (RSB)

द्वारा अनुशंसित किया जाना अनिवार्य है।

Financial Assistance for Vocational Training of Widows of ESM: आवश्यक दस्तावेज़

आवेदन के समय निम्नलिखित दस्तावेज़ तैयार रखें—

  • पूर्ण सेवा मुक्ति प्रमाण पत्र (Discharge Certificate/Service Book)
  • विधवा पहचान पत्र
  • प्रशिक्षण पूर्ण होने का प्रमाण पत्र
  • जिला सैनिक कल्याण अधिकारी (ZSWO) द्वारा जारी रोजगार प्रमाण पत्र
  • बैंक खाते की जानकारी
  • IFSC Code
  • पासपोर्ट आकार का फोटो
  • आधार कार्ड (यदि आवश्यक हो)
  • पहचान एवं पता प्रमाण

सभी दस्तावेज़ ZSWO द्वारा सत्यापित होने चाहिए।

महत्वपूर्ण जानकारी: सहायता राशि ₹20,000 से बढ़कर ₹50,000

जब यह योजना मई 2007 में शुरू की गई थी, तब इसके अंतर्गत ₹20,000 की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती थी।

समय के साथ प्रशिक्षण की लागत और रोजगार संबंधी आवश्यकताओं को देखते हुए सहायता राशि में संशोधन किया गया। वर्तमान दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र लाभार्थियों को अधिकतम ₹50,000 तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

यह बदलाव योजना को अधिक प्रभावी और लाभकारी बनाता है, क्योंकि आज के समय में गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक प्रशिक्षण की लागत पहले की तुलना में काफी बढ़ चुकी है।

Www KSB gov in ONLINE Registration कैसे करें?

इस योजना के लिए आवेदन केंद्रीय सैनिक बोर्ड (KSB) के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। ऑनलाइन आवेदन करने से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज़ स्कैन करके तैयार रखें।

चरण 1: KSB पोर्टल पर जाएँ

  • सबसे पहले KSB (Kendriya Sainik Board) की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
  • होम पेज पर उपलब्ध “Register” विकल्प पर क्लिक करें।

चरण 2: नया पंजीकरण (Registration)

रजिस्ट्रेशन फॉर्म में निम्नलिखित जानकारी भरें—

  • आवेदक का नाम
  • मोबाइल नंबर
  • ईमेल आईडी
  • सेवा संबंधी विवरण
  • पता
  • पहचान संबंधी जानकारी

इसके बाद आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।

चरण 3: आवेदन सुरक्षित करें

सभी जानकारी भरने के बाद “Save” बटन पर क्लिक करें।

सफल पंजीकरण के बाद—

  • उपयोगकर्ता नाम (Username)
  • पासवर्ड
  • Activation Link

आपकी पंजीकृत ईमेल आईडी पर भेज दिया जाएगा।

My KSB Login कैसे करें?

रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद आपको अपना अकाउंट सक्रिय (Activate) करना होगा।

इसके लिए—

  • ईमेल में प्राप्त Activation Link पर क्लिक करें।
  • KSB पोर्टल खोलें।
  • Username दर्ज करें।
  • Password दर्ज करें।
  • Verification Code भरें।
  • Login पर क्लिक करें।

यही प्रक्रिया सामान्यतः My KSB Login कहलाती है।

Financial Assistance for Vocational Training of Widows of ESM: आवेदन प्रक्रिया Work-flow

Financial Assistance for Vocational Training of Widows of ESM workflow

आवेदन जमा होने के बाद क्या होता है?

ऑनलाइन आवेदन जमा होने के बाद उसकी कई स्तरों पर जांच होती है।

1. जिला सैनिक कल्याण अधिकारी (ZSWO)

सबसे पहले आवेदन की जांच की जाती है—

  • दस्तावेज़ सही हैं या नहीं
  • पात्रता पूरी होती है या नहीं
  • प्रशिक्षण प्रमाणपत्र मान्य है या नहीं

यदि आवश्यक हो तो आवेदक को सत्यापन के लिए बुलाया जा सकता है।

2. जिला सैनिक बोर्ड (ZSB)

सभी दस्तावेज़ सही पाए जाने पर जिला सैनिक बोर्ड आवेदन की अनुशंसा करता है।

3. राज्य सैनिक बोर्ड (RSB)

इसके बाद आवेदन राज्य सैनिक बोर्ड को भेजा जाता है, जहाँ पुनः जांच की जाती है।

4. केंद्रीय सैनिक बोर्ड (KSB)

अंतिम स्वीकृति के लिए आवेदन केंद्रीय सैनिक बोर्ड भेजा जाता है।

यहाँ—

  • आवेदन पंजीकृत किया जाता है।
  • कंप्यूटर सिस्टम में डेटा दर्ज किया जाता है।
  • दस्तावेज़ों का सत्यापन किया जाता है।
  • संयुक्त निदेशक (कल्याण) द्वारा अनुमोदन किया जाता है।
  • सक्षम प्राधिकारी से अंतिम स्वीकृति प्राप्त की जाती है।

आमतौर पर आवेदन त्रैमासिक (Quarterly) आधार पर स्वीकृति के लिए भेजे जाते हैं।

KSB में आवेदन की प्रोसेसिंग कैसे होती है?

आवेदन प्राप्त होने के बाद—

  1. आवेदन रजिस्टर में दर्ज किया जाता है।
  2. कंप्यूटर सिस्टम में डेटा एंट्री की जाती है।
  3. दूसरे अधिकारी द्वारा डेटा का मिलान किया जाता है।
  4. अनुभाग प्रभारी सभी जानकारी की जांच करते हैं।
  5. संयुक्त निदेशक (कल्याण) के अनुमोदन के लिए सूची तैयार होती है।
  6. सक्षम प्राधिकारी से अंतिम स्वीकृति ली जाती है।

यह प्रक्रिया पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अपनाई जाती है।

भुगतान (Payment) कैसे किया जाता है?

स्वीकृति मिलने के बाद भुगतान प्रक्रिया शुरू होती है। कल्याण अनुभाग निम्नलिखित विवरण सत्यापित करता है—

  • सेवा संख्या
  • नाम
  • बैंक खाता संख्या
  • IFSC Code

इसके बाद भुगतान सूची लेखा अनुभाग को भेजी जाती है।

अंत में सहायता राशि Electronic Clearing System (ECS) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाती है।

आवेदन करते समय होने वाली सामान्य गलतियाँ

कई बार छोटी-छोटी गलतियों के कारण आवेदन लंबित या अस्वीकृत हो जाते हैं।

इन गलतियों से बचें—

  • गलत बैंक विवरण देना
  • IFSC Code गलत भरना
  • अपूर्ण दस्तावेज़ अपलोड करना
  • प्रशिक्षण पूरा होने से पहले आवेदन करना
  • गैर-मान्यता प्राप्त संस्थान से प्रशिक्षण लेना
  • ZSB/RSB की अनुशंसा न होना
  • सेवा रिकॉर्ड में पत्नी का नाम दर्ज न होना
  • आवेदन पत्र में गलत जानकारी भरना

योजना के फायदे और सीमाएँ

फायदे

  • महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाती है।
  • रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाती है।
  • प्रशिक्षण के बाद आर्थिक सहायता मिलती है।
  • राशि वापस नहीं करनी होती।
  • सीधे बैंक खाते में भुगतान होता है।
  • पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है।
  • डिजिटल आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।

सीमाएँ

  • केवल पात्र विधवाओं के लिए उपलब्ध।
  • प्रशिक्षण पूरा करना अनिवार्य है।
  • जिला एवं राज्य सैनिक बोर्ड की अनुशंसा आवश्यक है।
  • दस्तावेज़ सत्यापन में समय लग सकता है।

2026 की नवीनतम अपडेट

वर्ष 2026 में योजना से जुड़े कुछ प्रमुख बिंदु—

  • ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पहले से अधिक सरल हो चुकी है।
  • डिजिटल दस्तावेज़ सत्यापन को बढ़ावा दिया गया है।
  • कौशल विकास आधारित प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है।
  • रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
  • भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी है।

आवेदन करने से पहले KSB पोर्टल पर उपलब्ध नवीनतम दिशा-निर्देश अवश्य पढ़ें।

Expert Insight from GYANSKY

हमारा मानना है कि यह योजना केवल वित्तीय सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह “आत्मनिर्भर भारत” की सोच को भी मजबूत करती है।

यदि लाभार्थी ऐसे प्रशिक्षण का चयन करती हैं जिसकी बाजार में वास्तविक मांग है—जैसे कंप्यूटर, हेल्थकेयर, ब्यूटी एंड वेलनेस, टैली, डिजिटल मार्केटिंग या फैशन डिजाइनिंग—तो रोजगार मिलने या स्वयं का व्यवसाय शुरू करने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

साथ ही, प्रशिक्षण शुरू करने से पहले संबंधित जिला सैनिक बोर्ड से संस्थान की मान्यता की पुष्टि करना बेहद आवश्यक है। इससे भविष्य में आवेदन अस्वीकृत होने की संभावना कम हो जाती है।

भारत के संदर्भ में इस योजना का महत्व

भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जहाँ बड़ी संख्या में सैनिक और पूर्व सैनिक देश की सेवा कर चुके हैं। ऐसे में उनके परिवारों, विशेषकर विधवाओं का सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं देती, बल्कि कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह Skill India, Digital India और महिला आर्थिक सशक्तिकरण जैसे राष्ट्रीय उद्देश्यों के साथ भी जुड़ती है।

People Also Ask

1. Financial Assistance for Vocational Training of Widows of ESM योजना के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

हवलदार या समकक्ष रैंक तक के पूर्व सैनिकों की पात्र विधवाएँ आवेदन कर सकती हैं, बशर्ते वे सभी पात्रता शर्तों को पूरा करती हों।

2. इस योजना के तहत कितनी सहायता राशि मिलती है?

वर्तमान दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर अधिकतम ₹50,000 तक की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

3. क्या निजी संस्थान से प्रशिक्षण मान्य है?

हाँ। यदि निजी संस्थान जिला सैनिक बोर्ड (ZSB) या राज्य सैनिक बोर्ड (RSB) द्वारा मान्यता प्राप्त है, तो वहाँ से किया गया प्रशिक्षण स्वीकार किया जा सकता है।

4. क्या ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?

हाँ। आवेदन KSB पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है और बाद में संबंधित अधिकारियों द्वारा सत्यापन किया जाता है।

5. भुगतान किस प्रकार किया जाता है?

स्वीकृति मिलने के बाद सहायता राशि Electronic Clearing System (ECS) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।

6. क्या यह सहायता एक से अधिक बार मिलती है?

नहीं। यह योजना एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

7. क्या प्रशिक्षण पूरा करना अनिवार्य है?

हाँ। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किए बिना सहायता राशि प्राप्त नहीं की जा सकती।

FAQs about Financial Assistance for Vocational Training of Widows of ESM

1. क्या यह योजना केवल सेना के लिए है?

यह योजना पात्र Ex-Servicemen (पूर्व सैनिक) की विधवाओं के लिए लागू है, जिनकी पात्रता योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित होती है।

2. आवेदन से पहले कौन-से दस्तावेज़ तैयार रखने चाहिए?

सेवा पुस्तिका, विधवा पहचान पत्र, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र, रोजगार प्रमाणपत्र, बैंक विवरण और अन्य आवश्यक दस्तावेज़ तैयार रखें।

3. क्या बिना ZSB की अनुशंसा आवेदन स्वीकार होगा?

नहीं। जिला सैनिक बोर्ड (ZSB) और राज्य सैनिक बोर्ड (RSB) की अनुशंसा अनिवार्य है।

4. क्या सहायता राशि वापस करनी होती है?

नहीं। यह सरकार द्वारा दी जाने वाली एकमुश्त वित्तीय सहायता (Grant) है, जिसे वापस नहीं करना पड़ता।

5. आवेदन अस्वीकृत होने के प्रमुख कारण क्या हैं?

गलत दस्तावेज़, अपूर्ण आवेदन, गैर-मान्यता प्राप्त संस्थान से प्रशिक्षण, गलत बैंक विवरण या पात्रता शर्तों को पूरा न करना आवेदन अस्वीकृत होने के प्रमुख कारण हो सकते हैं।

निष्कर्ष: Financial Assistance for Vocational Training of Widows of ESM

Financial Assistance for Vocational Training of Widows of ESM पूर्व सैनिकों की विधवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना है, जो उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं बल्कि रोजगार, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान करती है।

यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य इस योजना के लिए पात्र है, तो सभी आवश्यक दस्तावेज़ तैयार रखें, मान्यता प्राप्त संस्थान से प्रशिक्षण पूरा करें और जिला सैनिक बोर्ड की सहायता से समय पर आवेदन करें। सही जानकारी और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने से सहायता प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है।

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