Prime Minister’s Self-Reliance Scheme 2025 की ऋण अवधि बढ़ी! ₹7,332 करोड़ का परिव्यय, 1.15 करोड़ विक्रेताओं को होगा लाभ | PM SVANIDHI Loan 50,000 | PM SVANIDHI Loan Application form | PM SVANIDHI 20,000 loan | PM SVANIDHI login | PM SVANIDHI Portal | Pradhan Mnatri SVANidhi Scheme
PM SVANidhi Scheme Lending Period Extended: नमस्कार दोस्तों! अगर आप एक स्ट्रीट वेंडर हैं – चाहे आप रेहड़ी-पटरी पर फल-सब्जी बेचते हों, चाय की ठेली चलाते हों, या फिर हॉकर की तरह घूम-घूम कर सामान बेचते हों – तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। भारत सरकार ने Prime Minister Street Vendors Self-Reliant Fund (PM SVANidhi) Scheme के तहत ऋण अवधि को 31 मार्च 2030 तक बढ़ा दिया है। यह फैसला न केवल छोटे व्यवसायों को मजबूत बनाने में मदद करेगा, बल्कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और ऋण राशि में वृद्धि जैसे नए प्रोत्साहनों के साथ एक व्यापक पुनर्गठन का हिस्सा है।
कोविड-19 महामारी ने लाखों स्ट्रीट वेंडर्स की आजीविका को बुरी तरह प्रभावित किया था। ऐसे में यह योजना उनके लिए एक वरदान साबित हुई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह योजना आखिर है क्या? कैसे इसमें आवेदन करें? और क्या-क्या दस्तावेज़ चाहिए? आज के इस ब्लॉग में हम इन्हीं सवालों का विस्तार से जवाब देंगे। हमने सभी आधिकारिक जानकारियों को एकत्रित कर, सरल हिंदी में समझाया है। चलिए, शुरू करते हैं!
PM Swanidhi Scheme क्या है? एक नजर में समझें!
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएम स्वनिधि योजना के विस्तार और पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है, जिससे इसकी ऋण अवधि 31 मार्च, 2030 तक बढ़ गई है। इस संशोधित योजना में पहले दो चरणों (क्रमशः 15,000 रुपये और 25,000 रुपये) के लिए बढ़ी हुई ऋण राशि, यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड जैसे डिजिटल प्रोत्साहन और 50 लाख नए लाभार्थियों सहित 1.15 करोड़ लाभार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य शामिल है।
पीएम स्वनिधि योजना को 1 जून 2020 को आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (मोहुआ) द्वारा लॉन्च किया गया था। यह एक विशेष सूक्ष्म-ऋण सुविधा है, जो स्ट्रीट वेंडर्स को सस्ती कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) उपलब्ध कराती है। इसका मुख्य उद्देश्य महामारी से प्रभावित विक्रेताओं को उनका व्यवसाय दोबारा शुरू करने और विस्तार करने में मदद करना है।
सरल शब्दों में कहें तो, अगर आपका ठेला या रेहड़ी बंद पड़ी है, तो यह योजना आपको बिना गारंटी के लोन देगी, ताकि आप सामान खरीद सकें, दुकान चला सकें। अब इसकी ऋण अवधि 2030 तक बढ़ने से लघु उद्योगों में लगे लोगों को लोन मिलना आसान और तेज़ हो जाएगा। सरकार पहली और दूसरी किस्तों में बढ़ी हुई राशि देगी, और डिजिटल ट्रांजेक्शन पर कैशबैक जैसे फायदे भी जोड़े जाएंगे।
- ऋण राशि में वृद्धि: पहला लोन अब ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000 तक, दूसरा ₹20,000 से ₹25,000 तक, और तीसरा ₹50,000 तक (अपरिवर्तित)।
- बिना गारंटी और शुल्क: कोई कोलैटरल (सुरक्षा) या प्रोसेसिंग फीस नहीं लगती।
- ब्याज सब्सिडी: समय पर किस्त चुकाने पर 7% वार्षिक ब्याज सब्सिडी मिलती है।
- डिजिटल कैशबैक: डिजिटल लेनदेन (UPI आदि) पर ₹1,600 तक कैशबैक। खुदरा और थोक ट्रांजेक्शन के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन।
- रुपे क्रेडिट कार्ड: दूसरा लोन चुकाने वालों को UPI-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड मिलेगा, जो खरीदारी को आसान बनाएगा।
- दायरा विस्तार: अब जनगणना कस्बों (सीन्सस टाउन्स) और उपनगरीय क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। यानी शहर, कस्बे, उपनगरीय, ग्रामीण या आसपास के विकास क्षेत्रों में बिक्री करने वाले सभी विक्रेता लाभान्वित हो सकेंगे।
यह योजना स्ट्रीट वेंडर्स, हॉकर, ठेलेवाले, रेहड़ीवाले, ठेलीफड़वाले आदि सभी को कवर करती है। अब तक लाखों विक्रेताओं ने इसका फायदा उठाया है, और 2030 तक यह संख्या और बढ़ेगी।
विस्तारित ऋण और डिजिटल पहुंच
इस योजना के तहत ऋण सीमा को बढ़ाकर ₹15,000, दूसरी किश्त को ₹25,000 कर दिया गया है, जबकि तीसरी किश्त ₹50,000 ही रहेगी। जो विक्रेता अपना दूसरा ऋण सफलतापूर्वक चुका देंगे, उन्हें तत्काल व्यावसायिक और व्यक्तिगत वित्तपोषण के लिए UPI-सक्षम RuPay क्रेडिट कार्ड भी मिलेगा।
कैशलेस व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए, खुदरा और थोक लेनदेन पर ₹1,600 तक के कैशबैक पुरस्कार उपलब्ध होंगे। चरणबद्ध तरीके से, इस कवरेज को वैधानिक कस्बों से आगे बढ़कर जनगणना कस्बों और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक भी बढ़ाया जा रहा है।
कौशल और कल्याण पर ध्यान केंद्रित
वित्त पोषण के साथ-साथ, यह योजना उद्यमिता, डिजिटल उपयोग और विपणन में प्रशिक्षण को भी मज़बूत करेगी। स्ट्रीट फ़ूड विक्रेताओं को FSSAI के साथ साझेदारी में स्वच्छता और सुरक्षा सत्र भी मिलेंगे। मासिक लोक कल्याण मेलों के माध्यम से ‘स्वनिधि से समृद्धि’ घटक को और मज़बूती दी जाएगी, जिसका उद्देश्य परिवारों को अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना है। कार्यान्वयन का काम आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय और वित्तीय सेवा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा, और वित्तीय सेवा विभाग बैंकों के माध्यम से ऋण और कार्ड वितरण का समन्वय करेगा।
प्रदर्शन और मान्यता
कोविड-19 के कारण उत्पन्न व्यवधान के समाधान हेतु 1 जून 2020 को शुरू होने के बाद से, पीएम स्वनिधि योजना अपने मूल दायरे से कहीं आगे बढ़ चुकी है। 30 जुलाई 2025 तक, 68 लाख विक्रेताओं को ₹13,797 करोड़ मूल्य के 96 लाख से अधिक ऋण प्रदान किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 47 लाख विक्रेता डिजिटल रूप से सक्रिय हैं और ₹6.09 लाख करोड़ मूल्य के 557 करोड़ से अधिक ऑनलाइन लेनदेन कर चुके हैं, जिसमें ₹241 करोड़ का कैशबैक लाभ भी शामिल है।
इस योजना ने 3,564 शहरी निकायों के 46 लाख विक्रेताओं को लाभान्वित किया है, जिससे 1.38 करोड़ कल्याणकारी योजनाओं को मंजूरी मिली है। इसने लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार (2023) और डिजिटल परिवर्तन के लिए रजत पुरस्कार (2022) भी जीता है।
कौन पात्र है? पात्रता की शर्तें स्पष्ट रूप से जानें
हर कोई इस योजना का लाभ नहीं ले सकता। यह खासतौर पर उन स्ट्रीट वेंडर्स के लिए है जो शहरी क्षेत्रों में काम करते हैं। लेकिन चिंता न करें, पात्रता के मानदंड सरल हैं।
- मुख्य पात्र: शहरी स्थानीय निकाय (ULB) से विक्रय प्रमाणपत्र या पहचान पत्र वाले स्ट्रीट वेंडर।
- सर्वे में शामिल न हुए विक्रेता: अगर आप सर्वे में छूट गए, लेकिन ULB से अनुशंसा पत्र (LoR) प्राप्त कर लें, तो पात्र।
- आसपास के क्षेत्रों के विक्रेता: LoR के साथ उपनगरीय या ग्रामीण इलाकों के विक्रेता भी आवेदन कर सकते हैं।
- चार श्रेणियाँ: योजना चार प्रकार के सड़क विक्रेताओं को कवर करती है – पावर्स (जो जगह पर खड़े रहते हैं), मोबाइल वेंडर्स (घूमने वाले), फिक्स्ड स्टॉल होल्डर्स, और अस्थायी विक्रेता। अपनी श्रेणी के अनुसार दस्तावेज तैयार करें।
- LoR कैसे प्राप्त करें?: अगर सर्वे में नहीं आए, तो ULB/टीवीसी (टाउन वेंडिंग कमिटी) से LoR लें। इसके लिए ये दस्तावेज दें:
- लॉकडाउन के दौरान एकमुश्त सहायता का प्रमाण (कुछ राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से)।
- पिछले ऋणों का रिकॉर्ड (बैंकों से विक्रय के लिए लिए गए)।
- विक्रेता संघों की सदस्यता विवरण।
- कोई अन्य दस्तावेज जो विक्रेता होने का प्रमाण दे।
- अगर कुछ न हो, तो श्वेत पत्र पर साधारण आवेदन दें और स्थानीय जांच का अनुरोध करें। LoR मिलने पर BC (बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट) या एजेंट से संपर्क करें।
ध्यान दें: योजना के तहत केवल वे विक्रेता पात्र हैं जो शहर/कस्बे की सीमा के अंदर बिक्री करते हों। अगर आप ग्रामीण क्षेत्र में हैं लेकिन उपनगरीय जोन में काम करते हैं, तो भी चेक करें।
आवेदन कैसे करें? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
आवेदन प्रक्रिया बहुत आसान है – ऑनलाइन या ऑफलाइन। लेकिन पहले कुछ तैयारी करें: सभी दस्तावेज इकट्ठा करें, आधार से मोबाइल नंबर लिंक करवाएं (e-KYC के लिए ज़रूरी), और पात्रता जांच लें। आधार लिंकिंग के लिए UIDAI के अनुसार सिर्फ एक फॉर्म भरना होता है, कोई अतिरिक्त दस्तावेज नहीं।
1. ऑनलाइन आवेदन: घर बैठे करें
आधिकारिक पोर्टल https://pmsvanidhi.mohua.gov.in पर जाएं। प्री-एप्लीकेशन से शुरू करें।
स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया (पॉइंट्स में):
- पोर्टल पर जाएं: https://pmsvanidhi.mohua.gov.in/Home/PreApplication पर क्लिक करें।
- निर्देश पढ़ें: सभी गाइडलाइंस और FAQ चेक करें।
- लॉगिन: ‘लॉगिन’ पर क्लिक, मोबाइल नंबर डालें, कैप्चा भरें, OTP रिक्वेस्ट करें।
- OTP वेरिफाई: मोबाइल पर आए OTP डालें और आगे बढ़ें।
- आधार चेक: ‘क्या आपके पास आधार कार्ड है?’ पर ‘हां’ क्लिक करें (अगर है)।
- श्रेणी चुनें: स्ट्रीट वेंडर की उपयुक्त श्रेणी सिलेक्ट करें।
- LoR प्रश्न: ‘हां’ या ‘नहीं’ पर क्लिक।
- फॉर्म भरें: व्यक्तिगत विवरण, पता, व्यवसाय डिटेल्स डालें।
- दस्तावेज अपलोड: वेंडिंग सर्टिफिकेट/LoR, पहचान पत्र (आधार/वोटर आईडी), बैंक डिटेल्स अपलोड करें।
- बैंक चुनें: अपना बैंक अकाउंट सिलेक्ट करें।
- जमा करें: सबमिट पर क्लिक। आवेदन नंबर नोट करें।
ट्रैकिंग के लिए पोर्टल पर लॉगिन करें। ई-केवाईसी और आधार वेरिफिकेशन के लिए मोबाइल आधार से लिंक्ड होना चाहिए।
2. ऑफलाइन आवेदन: CSC की मदद लें
- नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएं।
- फॉर्म भरने और दस्तावेज जमा करने में मदद लें।
- CSC ID: 24×7 उपलब्ध, लेकिन समय चेक करें।
आवेदन से पहले मुख्य जांच:
- सभी दस्तावेज तैयार: आधार, LoR/वेंडिंग सर्टिफिकेट, बैंक पासबुक, फोटो।
- मोबाइल आधार से लिंक्ड: अगर नहीं, तो UIDAI साइट पर फॉर्म भरें।
- ULB से LoR: अगर ज़रूरी, पहले प्राप्त करें।
- कोई देरी न हो: प्रक्रिया सुव्यवस्थित रखें।
आवेदन स्वीकृति पर लोन सीधे बैंक अकाउंट में आ जाएगा। समय पर चुकाएं, ताकि सब्सिडी और अगला लोन मिले।
योजना के फायदे और चुनौतियाँ: क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
यह योजना न केवल आर्थिक मदद देती है, बल्कि डिजिटल इंडिया को बढ़ावा भी। कैशबैक से विक्रेता सुरक्षित ट्रांजेक्शन अपनाएंगे, और रुपे कार्ड से क्रेडिट स्कोर सुधरेगा। लेकिन चुनौतियाँ भी हैं – जैसे दस्तावेज़ जुटाना या जागरूकता की कमी। सरकार CSC और ULB के माध्यम से कैंप लगा रही है।
कुछ आंकड़े:
- लॉन्च से अब तक: करोड़ों आवेदन, लाखों स्वीकृत।
- विस्तार से: 2030 तक और अधिक कवरेज, खासकर ग्रामीण-उपनगरीय क्षेत्रों में।
निष्कर्ष: PM SVANidhi Scheme Lending Period Extended!
PM SVANidhi Scheme Lending Period Extended होने के बाद अब स्ट्रीट वेंडर्स के लिए नए अवसर खुल गए हैं। 2030 तक की बढ़ी हुई ऋण अवधि सिर्फ आर्थिक राहत नहीं है, बल्कि यह एक सुनहरा मौका है अपना व्यवसाय मजबूत करने और परिवार की स्थिरता सुनिश्चित करने का। यह योजना केवल ऋण देने तक सीमित नहीं, बल्कि डिजिटल लेनदेन, कैशबैक और क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधाओं से विक्रेताओं को औपचारिक वित्तीय ढांचे से जोड़ती है। सोचिए, एक छोटा ठेला लगाने वाला अब डिजिटल इंडिया का सक्रिय भाग बन सकता है! अगर आपके मन में कोई संदेह या सवाल है तो पोर्टल के FAQ सेक्शन देखें या पास के CSC केंद्र पर जाएं। यह योजना न सिर्फ रोज़गार बढ़ा रही है, बल्कि शहरी अर्थव्यवस्था को एक आत्मनिर्भर और समावेशी पारिस्थितिकी तंत्र की ओर भी ले जा रही है। क्या आप तैयार हैं इस मौके का लाभ उठाने के लिए?