Pradhan Mantri Jan Vikas Karyakram (PMJVK): अल्पसंख्यक विकास योजना की पूरी जानकारी!

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PMJVK योजना क्या है? जानिए इसके लाभ, उद्देश्य और प्रभाव! | Pradhan Mantri Jan Vikas Karyakram (PMJVK)| PMJVK Scheme

Pradhan Mantri Jan Vikas Karyakram (PMJVK) भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य देश के अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है। यह योजना उन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल और कौशल विकास को मजबूत करने पर केंद्रित है, जहाँ अब तक विकास की गति अपेक्षाकृत धीमी रही है। PMJVK के माध्यम से सरकार न केवल आधारभूत ढांचे का निर्माण कर रही है, बल्कि सामाजिक-आर्थिक असमानताओं को कम करके इन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास भी कर रही है।

this is the image of PMJVK Scheme

प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) क्या है?

प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित एक अत्यंत महत्वपूर्ण, व्यापक और दीर्घकालिक प्रभाव डालने वाली केंद्र प्रायोजित योजना है। इस योजना का उद्देश्य देश के उन क्षेत्रों में संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है, जहाँ अल्पसंख्यक समुदायों की जनसंख्या अपेक्षाकृत अधिक है और जहाँ बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण सामाजिक और आर्थिक विकास की गति धीमी रही है।

भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करना एक बड़ी चुनौती है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए PMJVK को एक ऐसे उपकरण के रूप में विकसित किया गया है जो जमीनी स्तर पर विकास को बढ़ावा देता है। इसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, सड़कें, कौशल विकास और सामुदायिक भवन जैसी आवश्यक सुविधाओं का निर्माण किया जाता है।

इस योजना की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी, और वर्ष 2022-23 में इसे संशोधित दिशानिर्देशों के साथ और अधिक व्यापक बनाते हुए पूरे देश में लागू कर दिया गया। अब यह योजना देश के सभी जिलों में लागू है, जिसमें आकांक्षी जिले भी शामिल हैं, जिससे इसका दायरा और प्रभाव काफी बढ़ गया है।

प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) योजना का उद्देश्य

प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास करके वहां के लोगों के जीवन स्तर को सुधारना और उन्हें राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। यह केवल निर्माण आधारित योजना नहीं है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन का एक माध्यम भी है।

इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक समान पहुंच सुनिश्चित करना
  • सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को कम करना और क्षेत्रीय संतुलन स्थापित करना
  • ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का विकास करना
  • महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना
  • युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार योग्य प्रशिक्षण उपलब्ध कराना
  • डिजिटल साक्षरता और तकनीकी पहुंच को बढ़ाना
  • समुदायों के बीच सामाजिक समावेशन और एकता को मजबूत करना

यह योजना दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ बनाई गई है ताकि समुदाय आत्मनिर्भर बन सकें और अपने विकास की जिम्मेदारी स्वयं उठा सकें।

योजना की मुख्य विशेषताएँ

PMJVK एक केंद्र प्रायोजित योजना (CSS) है, जिसे केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त सहयोग से लागू किया जाता है। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएँ इसे अन्य योजनाओं से अलग बनाती हैं।

  • यह एक क्षेत्र आधारित और आवश्यकता-आधारित विकास कार्यक्रम है
  • इसका क्रियान्वयन राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से किया जाता है
  • वित्तीय सहायता केंद्र और राज्य सरकारों के बीच निर्धारित अनुपात में साझा की जाती है
  • परियोजनाएँ स्थानीय स्तर पर पहचानी गई आवश्यकताओं के आधार पर तैयार की जाती हैं
  • भूमि उपलब्धता और परियोजना के रखरखाव की जिम्मेदारी राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश की होती है
  • योजना में सामुदायिक भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जाता है

इस प्रकार यह योजना केंद्र और राज्य के बीच सहयोगात्मक संघीय ढांचे को मजबूत करती है।

किन क्षेत्रों में लागू होती है योजना

यह योजना विशेष रूप से अल्पसंख्यक केंद्रित क्षेत्रों (Minority Concentration Areas – MCA) में लागू की जाती है। इन क्षेत्रों का चयन वैज्ञानिक और सामाजिक मानदंडों के आधार पर किया जाता है।

मुख्य मानदंड इस प्रकार हैं:

  • 15 किलोमीटर के दायरे में अल्पसंख्यक आबादी 25 प्रतिशत से अधिक हो
  • क्षेत्र सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा हो
  • बुनियादी ढांचे की कमी स्पष्ट रूप से दिखाई देती हो

राज्य स्तरीय समिति (SLC) इन क्षेत्रों में प्रस्तावित परियोजनाओं का मूल्यांकन करती है और उनकी व्यवहार्यता के आधार पर उन्हें केंद्र सरकार को अनुशंसित करती है। यह सुनिश्चित करता है कि संसाधनों का उपयोग सही और प्रभावी तरीके से हो।

प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) योजना के अंतर्गत शामिल क्षेत्र

PMJVK के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास किया जाता है, जिससे व्यापक सामाजिक लाभ प्राप्त होते हैं।

1. शिक्षा क्षेत्र

शिक्षा के क्षेत्र में यह योजना विशेष भूमिका निभाती है। इसके तहत:

  • प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों का निर्माण और सुधार
  • अतिरिक्त कक्षाओं और आधुनिक सुविधाओं का विकास
  • छात्रावासों का निर्माण ताकि ग्रामीण छात्रों को सुविधा मिले
  • आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों की स्थापना
  • शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार

2. स्वास्थ्य क्षेत्र

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए:

  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) की स्थापना
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का विकास
  • उप स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार
  • ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाना

3. बुनियादी ढांचा

  • सड़कों और परिवहन सुविधाओं का विकास
  • पेयजल आपूर्ति प्रणालियों का विस्तार
  • स्वच्छता और शौचालय सुविधाओं का निर्माण
  • सामुदायिक भवनों का निर्माण

4. कौशल और रोजगार

  • कौशल विकास केंद्रों की स्थापना
  • युवाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम
  • स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना

5. अन्य क्षेत्र

  • महिला केंद्रित विकास परियोजनाएँ
  • खेल सुविधाओं का निर्माण
  • नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएँ
  • पशुपालन और कृषि विकास
  • पर्यटन आधारित बुनियादी ढांचा

प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) वित्तपोषण पैटर्न

वर्ष 2022-23 से लागू संशोधित वित्तीय संरचना के अनुसार योजना का खर्च केंद्र और राज्य सरकारों के बीच साझा किया जाता है।

  • सामान्य राज्यों में: केंद्र सरकार 60% और राज्य सरकार 40%
  • पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में: केंद्र सरकार 90% और राज्य सरकार 10%
  • बिना विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों में: 100% केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषण
  • केंद्र सरकार की एजेंसियों में: 100% केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषण

यह मॉडल राज्यों को विकास प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करता है।

प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) योजना की पात्रता

PMJVK के तहत केवल उन्हीं परियोजनाओं को स्वीकृति दी जाती है जो निर्धारित मानदंडों को पूरा करती हैं।

पात्रता शर्तें:

  • क्षेत्र MCA श्रेणी में आता हो
  • परियोजना राज्य स्तरीय समिति द्वारा अनुमोदित हो
  • परियोजना तकनीकी और वित्तीय रूप से व्यवहारिक हो
  • संचालन और रखरखाव की स्पष्ट योजना हो
  • परियोजना दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ हो

अपवाद (Exclusions)

इस योजना के अंतर्गत कुछ गतिविधियाँ स्पष्ट रूप से शामिल नहीं की जाती हैं:

  • प्रत्यक्ष नकद सहायता
  • व्यक्तिगत लाभ आधारित योजनाएँ
  • सब्सिडी वितरण कार्यक्रम
  • प्रशासनिक व्यय
  • असंबंधित विकास गतिविधियाँ

प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) आवेदन प्रक्रिया!

PMJVK व्यक्तिगत आवेदन आधारित योजना नहीं है, बल्कि यह संस्थागत स्तर पर संचालित होती है। इसकी प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. स्थानीय स्तर पर विकास आवश्यकताओं की पहचान
  2. राज्य या जिला स्तर पर परियोजना प्रस्ताव तैयार करना
  3. अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा पोर्टल पर प्रस्ताव जमा करना
  4. मंत्रालय द्वारा तकनीकी और वित्तीय जांच
  5. अधिकार प्राप्त समिति द्वारा अनुमोदन
  6. स्वीकृति के बाद धनराशि जारी करना
  7. राज्य सरकार द्वारा परियोजना का क्रियान्वयन

प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) आवश्यक दस्तावेज

योजना के अंतर्गत परियोजनाओं के लिए निम्न दस्तावेज आवश्यक होते हैं:

  1. प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट (PPR): इसमें परियोजना की अनुमानित लागत और उसके महत्व का विस्तृत विवरण होना चाहिए।
  2. अल्पसंख्यक एकाग्रता प्रमाण पत्र: यह प्रमाणित करना कि परियोजना स्थल के 15 किमी के दायरे में अल्पसंख्यक आबादी 25% से अधिक है।
  3. भूमि उपलब्धता प्रमाणपत्र: इस बात की पुष्टि कि प्रस्तावित भूमि सरकारी स्वामित्व में है और किसी भी कानूनी विवाद से मुक्त है।
  4. परिप्रेक्ष्य योजना (2021-2026): राज्य स्तरीय समिति (SLC) द्वारा अनुमोदित बुनियादी ढांचे की प्राथमिकताओं वाला दीर्घकालिक दस्तावेज़।
  5. वार्षिक कार्यान्वयन योजना: परिप्रेक्ष्य योजना के आधार पर प्रस्तावित परियोजनाओं का साल-दर-साल का विवरण।
  6. उपयोग प्रमाण पत्र (UC): पिछली स्वीकृत परियोजनाओं के लिए निर्धारित प्रारूप में खर्च का विवरण।
  7. प्रगति रिपोर्ट: नियमित अंतराल पर प्रस्तुत की जाने वाली ‘त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट’ और ‘संचयी वित्तीय प्रगति रिपोर्ट’।
  8. SLC बैठक का विवरण: राज्य स्तरीय समिति की बैठक के कार्यवृत्त (Minutes) और औपचारिक अनुमोदन प्रमाण पत्र।
  9. तकनीकी विवरण: प्रस्तावित स्थल की तस्वीरें और सटीक भौगोलिक स्थिति के लिए GIS निर्देशांक (Coordinates)
  10. एजेंसी का विवरण: कार्यान्वयन एजेंसी के बैंक खाते की जानकारी और PFMS पंजीकरण
  11. सक्षम प्राधिकारी का सत्यापन: सभी दस्तावेजों पर राज्य स्तर के संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर और मुहर होना अनिवार्य है।

बहुक्षेत्रीय विकास कार्यक्रम (MSDP)

MSDP एक पूर्ववर्ती योजना थी जिसे वर्ष 2008-09 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य अल्पसंख्यक बहुल जिलों में विकास करना था। बाद में इसे PMJVK में समाहित कर दिया गया।

इसके अंतर्गत:

  • शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे का विकास
  • ग्रामीण और शहरी विकास
  • केंद्र और राज्य के बीच वित्तीय सहयोग

प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) के अंतर्गत लाभार्थी

PMJVK के प्रमुख लाभार्थी भारत के अल्पसंख्यक समुदाय हैं:

  1. मुस्लिम
  2. सिख
  3. ईसाई
  4. बौद्ध
  5. जैन
  6. पारसी

पीएमजेवीके: प्रमुख बिंदु और मूल्यांकन!

1. मांग-आधारित योजना

  • पीएमजेवीके एक डिमांड-ड्रिवन (मांग-आधारित) योजना है।
  • इसमें राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों के लिए पूर्व निर्धारित वित्तीय आवंटन नहीं होता
  • परियोजनाओं की स्वीकृति राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों और उनकी कार्यान्वयन क्षमता के आधार पर की जाती है।
  • केरल और कर्नाटक के लिए पिछले पाँच वर्षों में स्वीकृत परियोजनाओं और जारी धनराशि का विवरण अनुलग्नक-I में उपलब्ध है।

2. नीति आयोग का मूल्यांकन (2020-21)

  • नीति आयोग के अध्ययन के अनुसार, पीएमजेवीके ने विकास अंतर को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
  • इस योजना के तहत विभिन्न सामुदायिक संपत्तियों का निर्माण किया गया, जैसे:
    • अतिरिक्त कक्षाएं, स्कूल भवन और छात्रावास
    • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC)
    • आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कौशल प्रशिक्षण केंद्र
    • महिला-केंद्रित सुविधाएं और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचा

3. योजना का पुनर्गठन (2018-19)

  • वर्ष 2018-19 में योजना का पुनर्गठन किया गया।
  • इससे परियोजनाओं का बेहतर लक्ष्य निर्धारण संभव हुआ।
  • विशेष रूप से महिला-केंद्रित परियोजनाओं पर अधिक ध्यान दिया गया।

4. नीति आयोग की सिफारिशें

  • योजना का दायरा बढ़ाने की सिफारिश की गई।
  • लक्ष्य यह था कि देश के सभी राज्यों में अल्पसंख्यक समुदायों तक लाभ पहुंचाया जा सके

5. संशोधित दिशानिर्देश (2022-23)

  • सिफारिशों के आधार पर पीएमजेवीके को 15वें वित्त आयोग चक्र में संशोधित किया गया।
  • इसे वित्त वर्ष 2022-23 से पूरे देश में लागू किया गया।
  • अब यह योजना सभी जिलों को कवर करती है।

6. क्रियान्वयन और जिम्मेदारी

  • स्वीकृत परियोजनाओं का क्रियान्वयन, संचालन और रखरखाव संबंधित राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन की जिम्मेदारी होती है।
  • पिछले तीन वर्षों और चालू वर्ष की परियोजनाओं का विवरण अनुलग्नक-II में दिया गया है।

अतिरिक्त जानकारी

अनुलग्नक-I (राज्यवार परियोजनाएँ और धनराशि)

अनुलग्नक-II (स्वीकृत परियोजनाओं का विवरण)

Guidelines for Revised Pradhan Mantri Jan Vikas Karyakram (PMJVK scheme) w.e.f. 2022-23

निष्कर्ष: Pradhan Mantri Jan Vikas Karyakram (PMJVK)

प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (Pradhan Mantri Jan Vikas Karyakram (PMJVK) एक व्यापक और प्रभावशाली योजना है जो अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह योजना सामाजिक समावेशन, आर्थिक विकास और क्षेत्रीय संतुलन को मजबूत करती है और देश को एक समान विकास की दिशा में आगे बढ़ाती है।

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