PM Dhan-Dhanya Krishi Yojana 2025: लाभ और पात्रता के बारे में सब कुछ जानें!

Table of Contents

Pradhan Mantri Dhan-Dhanya Krishi Yojana: जानें कौन से किसान भाई है पात्र, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी डाक्यूमेंट्स की पूरी डिटेल्स यहां देखें! | PM Dhan-Dhanya Krishi Yojana 2025 in Hindi | India Budget 2025

केंद्रीय बजट 2025-26 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM Dhan-Dhanya Krishi Yojana) भारत के कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। सरकार ने इस योजना के तहत 100 जिलों में कम उत्पादकता वाले क्षेत्रों में किसानों की मदद करने, उन्नत कृषि तकनीक, फसल विविधीकरण, सिंचाई सुधार और वित्तीय संसाधनों तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है। इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश और धन आवंटन को जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा। कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय का बजट 4% बढ़ाकर ₹1.37 लाख करोड़ कर दिया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने और कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस योजना से करीब 1.7 करोड़ किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी। आइए, इस ब्लॉग में विस्तार से जानते हैं पीएम धन-धान्य कृषि योजना 2025 के लाभ, पात्रता और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।

this is the image of PM Dhan-Dhanya Krishi Yojana 2025 in Hindi

केंद्र सरकार ने पीएम धन-धान्य कृषि योजना शुरू की है, जिसका लक्ष्य 100 कम उत्पादकता वाले जिलों में किसानों को सहायता प्रदान करना और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना है। इस योजना की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2025 के दौरान की थी, जिससे लगभग 1.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा।

Also, read: Budget 2025 in Hindi: बजट 2025 के महत्वपूर्ण बिंदुओं की व्याख्या!

PM Dhan-Dhanya Krishi Yojana 2025 in Hindi के बारे में Highlights

योजना का नाम
Pradhan Mantri Dhan-Dhanya Krishi Yojana 2025
द्वारा लॉन्च किया गया
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
लाभार्थियों
कम उपज और कम उपजाऊ भूमि वाले क्षेत्रों के किसान
फ़ायदे
फसल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गुणवत्ता वाले बीज, उर्वरक और रसायन उपलब्ध कराता है
उद्देश्य
कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए
लक्ष्य
1.7 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा
प्रक्षेपण की तारीख
1 फरवरी, 2025
पंजीकरण
स्थान और भूमि के प्रकार के आधार पर प्रत्यक्ष लाभ
अधिक जानकारी
किसान भवन या स्थानीय पंचायत कार्यालय पर जाएँ

Also, read: 1 करोड़ GIG Workers के लिए आया नया कानून! Budget 2025 में बड़ा ऐलान!

PM Dhan-Dhanya Krishi Yojana 2025 in Hindi है?

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना भारत सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए घोषित एक नई पहल है। इस पहल का उद्देश्य खेती के तरीकों को आधुनिक बनाना और किसानों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है।

Pradhan Mantri Dhan-Dhanya Krishi Yojana ग्रामीण आजीविका को समर्थन देने के लिए प्रौद्योगिकी-संचालित समाधानों को शामिल करके टिकाऊ और जलवायु-लचीली कृषि को बढ़ावा देगी।

इस योजना का लक्ष्य कम उत्पादकता, मध्यम फसल सघनता और औसत से कम ऋण उपलब्धता वाले 100 जिलों को चिन्हित करना है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से देश भर में लगभग 1.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री धन धन्य कृषि योजना को भारतीय कृषि को आधुनिक बनाने के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण के साथ निम्नलिखित तरीकों से क्रियान्वित किया जाएगा:

  • यह योजना फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देकर कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए तैयार की गई है।
  • इसका उद्देश्य पंचायत और ब्लॉक स्तर पर फसल-उपरांत भंडारण अवसंरचना का विकास करना है, ताकि बर्बादी को कम किया जा सके और किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके।
  • इस योजना का उद्देश्य भूमि उपयोग और फसल पैदावार बढ़ाने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करना है।
  • इसका उद्देश्य किसानों को दीर्घकालिक कृषि स्थिरता के लिए आधुनिक उपकरणों, गुणवत्ता वाले बीजों और उन्नत कृषि तकनीकों में निवेश करने में सहायता करने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों प्रकार के ऋण उपलब्ध कराना है।

Also, read: Income Tax Budget 2025: मध्यम वर्ग के लिए आयकर से जुड़ी कुछ मुख्य बातें!

निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 में किसानों के लिए PM Dhan-Dhanya Krishi Yojana 2025 की घोषणा की

प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना मौजूदा योजनाओं को एकीकृत करते हुए राज्यों के सहयोग से लागू की जाएगी। इस योजना में उन 100 जिलों को शामिल किया जाएगा, जहां कृषि उत्पादकता कम, फसल सघनता मध्यम और ऋण पहुंच औसत से कम है। वित्त मंत्री ने कहा, “इस पहल से 1.7 करोड़ किसानों को सहायता मिलने की उम्मीद है।”

कृषि सुधारों को गति देते हुए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज ‘पीएम धन धान्य कृषि योजना’ की घोषणा की। यह योजना भारतभर के 10 मिलियन से अधिक किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। केंद्रीय बजट 2025-26 की प्रस्तुति के दौरान की गई इस घोषणा में कहा गया कि यह योजना विशेष रूप से उन 100 जिलों की कृषि पद्धतियों को उन्नत करने के लिए बनाई गई है, जहां:

  • कृषि उत्पादकता निम्न स्तर पर है।
  • फसल सघनता मध्यम श्रेणी में आती है।
  • ऋण सुविधाओं तक पहुंच औसत से कम है।

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, “सरकार राज्यों के साथ मिलकर पीएम धन धान्य कृषि योजना को लागू करेगी। मौजूदा योजनाओं के अभिसरण और विशेष उपायों के माध्यम से यह कार्यक्रम कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाएगा।” इस योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना, किसानों की ऋण सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना और टिकाऊ खेती को प्रोत्साहित करना है। सरकार, मौजूदा कृषि योजनाओं को एकीकृत करते हुए, किसानों को अधिकतम लाभ प्रदान करने और एक व्यापक सहायता प्रणाली विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है।

Also, read: 8th Pay Commission 2025-26: सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा वेतन बदलाव!

PM Dhan-Dhanya Krishi Yojana 2025 का उद्देश्य

  • कृषि उत्पादकता में सुधार
  • फसल विविधीकरण को बढ़ावा
  • सिंचाई बुनियादी ढांचे का विस्तार
  • किसानों के लिए सस्ती वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना
  • फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाएं
  • पंचायत और ब्लॉक स्तर पर फसल-उपरांत भंडारण को बढ़ाना
  • दीर्घावधि और अल्पावधि ऋण की उपलब्धता को सुगम बनाना

Also, read: 7th Vs 8th Pay Commission: जानिए, मुख्य अंतर और अपेक्षाएं!

PM Dhan-Dhanya Krishi Yojana 2025 की मुख्य विशेषताएं!

पीएम धन धान्य कृषि योजना की मुख्य विशेषताओं में शामिल हैं:

  • लक्षित कृषि विकास:  सरकार ने देश भर में कम उत्पादकता, मध्यम फसल वृद्धि और सीमित ऋण पहुंच वाले 100 जिलों की पहचान की है – इस योजना से 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलेगी।
  • टिकाऊ और जलवायु-अनुकूल खेती: यह पहल उत्पादकता बढ़ाने के लिए जलवायु-विशिष्ट खेती, जल दक्षता और सटीक कृषि को अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।
  • किसानों के लिए वित्तीय सहायता: यह योजना अल्पकालिक और दीर्घकालिक ऋण सहायता प्रदान करेगी, जिससे आधुनिक उपकरण, गुणवत्ता वाले बीज और उन्नत कृषि तकनीकें अधिक सुलभ हो सकेंगी।
  • फसल-उपरान्त अवसंरचना विकास: यह पहल पंचायत और ब्लॉक स्तर पर कुशल भंडारण, गोदाम और रसद प्रदान करके फसल-उपरान्त होने वाले नुकसान को कम करेगी।
  • सिंचाई विस्तार: इस योजना से सिंचाई कवरेज में वृद्धि होगी तथा फसल की सघनता और उपज स्थिरता बढ़ाने के लिए कुशल जल-उपयोग प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा मिलेगा।
  • प्रौद्योगिकी एकीकरण: यह योजना उत्पादन को अनुकूलित करने के लिए नवीन कृषि उपकरणों को बढ़ावा देती है।

Also, read: UPPSC Examination Calendar 2025: यूपीपीएससी परीक्षा का पूरा शेड्यूल देखें!

PM Dhan-Dhanya Krishi Yojana 2025 के अंतर्गत फोकस क्षेत्र!

प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना छोटे और सीमांत किसानों को सहायता देने के लिए बनाई गई है। यह उन्हें जलवायु के अनुकूल टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए सशक्त बनाने पर केंद्रित है। यह योजना इन किसानों को कुशल संसाधन प्रबंधन तकनीकों के माध्यम से अपने इनपुट को अनुकूलित करने और बर्बादी को कम करने में सहायता करेगी।

प्रधानमंत्री धन धन्य कृषि योजना कम उपयोग वाली कृषि भूमि पर भी ध्यान केंद्रित करेगी, तथा उत्पादकता में सुधार लाने और दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री धन धन्य कृषि योजना कृषि में परिवर्तन लाने के लिए पांच महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगी:

  • उत्पादकता बढ़ाना:उन्नत कृषि तकनीक और आधुनिक उपकरण प्रस्तुत करना।
  • फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना:दीर्घकालिक लाभ के लिए टिकाऊ प्रथाओं को प्रोत्साहित करना।
  • फसल-उपरांत भंडारण को बढ़ाना:फसल की बर्बादी को कम करने के लिए पंचायत और ब्लॉक स्तर पर भंडारण सुविधाओं का निर्माण।
  • सिंचाई में सुधार:उत्पादन और जल-उपयोग दक्षता बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना।
  • आसान ऋण पहुंच:किसानों को बेहतर प्रौद्योगिकी और तरीकों में निवेश करने में सहायता के लिए ऋण प्रक्रिया को सरल बनाना।

इन रणनीतिक उपायों से 10 मिलियन से अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा टिकाऊ कृषि विकास सुनिश्चित होगा।

Also, read: Jeevan Pramaan Patra क्या है? घर बैठे ऐसे जमा करें Digital Life Certificate!

PM Dhan-Dhanya Krishi Yojana 2025 के लाभ!

पीएम धन-धान्य कृषि योजना के तहत किसानों को कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उनकी पैदावार में वृद्धि हो सके। इसके अलावा, उन्हें मुफ्त उर्वरक, ट्रैक्टर-पंप सहित कृषि उपकरणों पर सब्सिडी और नई तकनीकों व उपकरणों के उपयोग की ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही, वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी, जिससे छोटे और सीमांत किसानों को अधिक लाभ मिल सके और उनकी कृषि उत्पादकता में सुधार हो।

  • यह योजना फसल की पैदावार बढ़ाने के लिए आधुनिक कृषि तकनीकों और उन्नत सिंचाई विधियों को प्रोत्साहित करती है।
  • यह बाजार तक पहुंच बढ़ाकर और विविध फसल पैटर्न को बढ़ावा देकर किसानों के लिए बेहतर मूल्य प्राप्ति में सहायता करता है।
  • जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और फसल के नुकसान को कम करने के लिए टिकाऊ कृषि पद्धतियों को शुरू किया जाएगा। सटीक कृषि उपकरणों को अपनाने से कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।
  • शीघ्र नष्ट होने वाली वस्तुओं की बर्बादी को न्यूनतम करने के लिए पंचायत और ब्लॉक स्तर पर भंडारण, सिंचाई और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत किया जाएगा।
  • छोटे और सीमांत किसानों को आधुनिक प्रौद्योगिकी तक पहुंच प्रदान करने के लिए संस्थागत वित्तपोषण विकल्पों में सुधार किया गया है।

Also, read: भारत सरकार का Vikaspedia Portal क्या है? जानिए इसके बारे में सब कुछ!

पीएम धन धान्य कृषि योजना से किसे (Beneficiary) लाभ मिलेगा?

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना खास तौर पर छोटे और सीमांत किसानों के लिए लाभकारी होगी, जो अपनी आय बढ़ाने के लिए सरकारी सहायता चाहते हैं। इस योजना के तहत महिला कृषकों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा, ताकि वे कृषि क्षेत्र में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकें और अपनी आजीविका को सशक्त बना सकें। योजना का उद्देश्य किसानों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान कर उनकी उत्पादकता बढ़ाना है, जिससे वे अधिक लाभ कमा सकें।

  • छोटे और सीमांत किसान अपनी उपज बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता और आधुनिक तकनीकों की तलाश में हैं।
  • कृषि सहकारी समितियां और एफपीओ का लक्ष्य अपनी बाजार पहुंच का विस्तार करना और बेहतर मूल्य संरचनाओं से लाभ उठाना है।
  • कृषि-तकनीक स्टार्टअप दक्षता और उत्पादकता बढ़ाने के लिए नवीन कृषि समाधान विकसित करने में लगे हुए हैं।
  • महिला किसान और स्वयं सहायता समूह प्रौद्योगिकी आधारित खेती के माध्यम से कृषि क्षेत्र में वित्तीय स्वतंत्रता के लिए प्रयास कर रहे हैं।
  • ग्रामीण समुदाय बेहतर बुनियादी ढांचे, बढ़ी हुई ऋण उपलब्धता और रोजगार के अवसरों से लाभान्वित हो रहे हैं।

Also, read: EWS Certificate क्या है? जानें आवेदन प्रक्रिया और पात्रता मानदंड!

Pradhan Mantri Dhan-Dhanya Krishi Yojana 2025 के लिए पात्रता (Eligibility)

इस योजना के तहत सीमांत, छोटे किसान, भूमिहीन परिवार, महिला किसान एवं युवा किसानों पर खास ध्यान दिया गया है, यहां आप पात्रता डिटेल्स देख सकते है-

  1. निवास: योजना का लाभ भारत के 100 जिलों के किसानों को मिलेगा।
  2. आयु सीमा: योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु के किसान पात्र होंगे।
  3. भूमि स्वामित्व: जिन किसानों के पास कम से कम 1 एकड़ कृषि भूमि है, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
  4. अन्य योजनाओं का लाभ: यह योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) जैसी अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़ी होगी।

Dhan-Dhanya Krishi Yojana 2025 के लिए कौन-कौन से डाक्यूमेंट्स है जरूरी Required Documents

  • आधार कार्ड – पहचान प्रमाण के लिए
  • भूमि स्वामित्व दस्तावेज़ – खेती की जमीन का प्रमाण
  • बैंक खाता जानकारी – लाभ सीधे बैंक खाते में जमा करने के लिए
  • आय प्रमाण पत्र – यदि आवश्यक हो तो आर्थिक स्थिति का प्रमाण
  • अन्य दस्तावेज़ – राज्य सरकार या स्थानीय प्रशासन द्वारा मांगे जाने पर

Also, read: e-PAN Card Download: जानिए, Digital Pan Card कैसे डाउनलोड करें!

PM Dhan-Dhanya Krishi Yojana 2025 in Hindi के अंतर्गत विशेष प्रस्‍ताव!

1. प्रधानमंत्री धन-धान्‍य कृषि योजना के अंतर्गत कृषि जिलों को विकसित करना

केंद्रीय वित्‍त मंत्री ने कहा कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम की सफलता से प्रेरित होकर सरकार राज्‍यों की भागीदारी में प्रधानमंत्री धन-धान्‍य कृषि योजना आरंभ करेगी। इस कार्यक्रम में मौजूदा योजनाओं और विशिष्‍ट उपायों के अभिसरण के माध्‍यम से कम उत्‍पादकता वाले, कम फसलों की बुआई और औसत से कम ऋण मानदंडों वाले 100 जिलों को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्‍य संवर्धित कृषि उत्‍पादकता, फसल विविधता तथा सतत कृषि पद्धतियों को अपनाना, पंचायत और प्रखंड स्‍तर पर उपज भंडारण बढ़ाना, सिंचाई की सुविधाओं में सुधार करना और दीर्घअवधि और लघुअवधि ऋण की उपलब्‍धतता सुगम बनाना है। इस कार्यक्रम से 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलने की संभावना है।

2. ग्रामीण सम्‍पन्‍नता और अनुकूलता निर्माण

केंद्रीय वित्‍त मंत्री ने कहा कि राज्‍यों की भागीदारी से एक व्‍यापक बहुक्षेत्रीय ग्रामीण सम्‍पन्‍नता और अनुकूलता कार्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा। इससे कौशल, निवेश, प्रौद्योगिकी के माध्‍यम से कृषि में कम रोजगार की समस्‍या का समाधान होगा और ग्रामीण अर्थव्‍यवस्‍था में नई जान आएगी। इसका उद्देश्‍य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचूर अवसर पैदा करना है ताकि पलायन विकल्‍प हो न कि अनिवार्यता। वित्‍त मंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं, युवा किसानों, ग्रामीण युवाओं, लघु काश्‍तकारों और छोटे किसानों तथा भूमिहीन परिवारों के कल्‍याण पर केंद्रित होगा। यह कार्यक्रम उद्यम विकास की गति को उत्‍प्रेरित करने, ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार एवं वित्‍तीय स्‍वतंत्रता, युवा कृषकों और ग्रामीण युवाओं के लिए नए रोजगार और व्‍यवसाय उत्‍पन्‍न करने, उत्‍पादन बढ़ाने तथा भंडारण संबंधी कृषि के अधुनिकीकरण में सहायक होगा। यह कार्यक्रम खासतौर पर छोटे किसानों और लघु काश्‍तकारों और भूमिहीन परिवारों को विविध अवसर प्रदान करेगा। वित्‍त मंत्री ने कहा कि वैश्विक और घरेलू पद्धतियों को शामिल किया जाएगा तथा बहुक्षेत्रीय विकास बैंकों से तकनीकी और वित्‍तीय सहायता मांगी जाएगी। पहले चरण में 100 विकासशील कृषि जिले इसके दायरे में आएंगे।

Also, read: Duplicate PAN card: डुप्लीकेट पैन कार्ड के लिए आवेदन कैसे करें?

3. दलहन में आत्‍मनिर्भरता

श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार खाद्य तेलों में आत्‍मनिर्भरता बढ़ाने के लिए राष्‍ट्रीय खाद्य तिलहन मिशन कार्यान्वित कर रही है। सरकार ने दलहन के क्षेत्र में ठोस प्रयास कर इसमें लगभग आत्‍मनिर्भरता प्राप्‍त करने में सफलता पाई है। किसानों ने 50 प्रतिशत तक अपने फसल क्षेत्र में इसकी काश्‍तकारी बढ़ाकर इसमें सहयोग दिया है। सरकार ने दलहन की खरीद और लाभकारी मूल्‍यों की व्‍यवस्‍था भी की है। तब से आय में वृद्धि और बेहतर आर्थिक क्षमता के साथ दलहन की खपत में उल्‍लेखनीय वृद्धि हुई है। वित्‍त मंत्री ने कहा कि सरकार तुअर, उड़द और मसूर दालों पर विशेष ध्‍यान केंद्रित करते हुए छह वर्षीय ‘’दलहन में आत्‍मनिर्भरता मिशन’’ प्रारंभ करेगी। केंद्रीय एजेंसियों (NAFED and NCCF) में पंजीकरण और इनसे करार करने वाले किसानों से अगले चार वर्षों के दौरान ये एजेंसियां इन तीन दलहनों की पर्याप्‍त मात्रा में खरीद के लिए तैयार रहेंगी।

4. सब्जियों और फलों के लिए व्‍यापक कार्यक्रम

केंद्रीय वित्‍त मंत्री ने कहा कि यह काफी उत्‍साहजनक है कि लोग अब पोषण संबंधी आवश्‍यकताओं के बारे में लगातार जागरुक हो रहे हैं। यह समाज के स्‍वस्‍थ बनने की निशानी है। वित्‍त मंत्री ने कहा कि आय के स्‍तर बढ़ने के साथ ही सब्जियों, फलों और श्रीअन्‍न का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। उन्‍होंने कहा कि उत्‍पादन बढ़ाने, प्रभावी आपूर्तियों, प्रसंस्‍करण और किसानों के लिए लाभकारी मूल्‍य को बढ़ावा देने हेतु राज्‍यों की भागीदारी से एक व्‍यापक कार्यक्रम आरंभ किया जाएगा। वित्‍त मंत्री ने कहा कि इसके कार्यान्‍वयन के लिए उपयुक्‍त संस्‍थानिक तंत्र स्‍थापित किया जाएगा जिसमें किसान उत्‍पादन संगठनों और सहकारी समितियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

Also, read: Solar panel ROI का गणित, जानिए कैसे मिलेगी आर्थिक बचत!

5. ग्रामीण क्रेडिट स्‍कोर (किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट हुई 5 लाख रुपए)

वित्‍त मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक स्‍वयं सहायता समूह के सदस्‍यों और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की ऋण आवश्‍यकताओं के लिए ग्रामीण क्रेडिट स्‍कोर का ढांचा तैयार करेंगे। सरकार के द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट को बढ़ाया गया है और आपको तो पता ही होगा कि पहले किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा केवल ₹300000 ही थी परंतु बजट पेश हो जाने के बाद किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ा दी गई है और इसे ₹500000 तक का कर दिया गया है और किसान भी एक लंबे समय से ऋण सीमा को बढाए जाने की मांग कर रहे थे जो अब पूरी हो चुकी है।

6. खाद्य तेल और बीज पर दिया ध्यान

खाद्य तेल और बीज के लिए भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि राष्ट्रीय मिशन का लक्ष्य इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाना है जिसके अंतर्गत दालों में 5 मिनट में बनने हेतु 6 साल का मिशन शुरू किया जाएगा जिसमें केंद्रीय एजेंसियां अगले 4 वर्षों में तुअर, उड़द, मसूर की खरीद करेंगी और प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन में सुधार हेतु बिहार में मखाना बोर्ड बनाया जाएगा।

Also, read: Direct Benefit Transfer (DBT) Scheme: अब सरकारी लाभ, सीधे बैंक खाते में!

प्रधानमंत्री धन-धन्य कृषि योजना 2025 के लिए आवेदन कैसे करें? | How To Apply for Pradhan Mantri Dhan-Dhanya Krishi Yojana 2025?

योग्य किसानों को पीएम धन-धन्य कृषि योजना के अंतर्गत लाभ प्रदान किया जाएगा। इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया निम्नलिखित है:

  • स्थानीय कृषि कार्यालय जाएं: अपने जिले के कृषि कार्यालय से संपर्क करें।
  • आवेदन पत्र भरें: आवश्यक दस्तावेज़ संलग्न कर फॉर्म जमा करें।
  • वेरिफिकेशन प्रक्रिया: स्थानीय अधिकारी आपके दस्तावेज़ों की जांच करेंगे।
  • मंजूरी एवं लाभ वितरण: पात्र किसानों को योजना का लाभ दिया जाएगा।

यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, नए रोजगार अवसर सृजित करने और कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

Also, read: mAadhaar App: डिजिटल युग में आधार कार्ड का नया रूप!

Share on:

Leave a Comment

Terms of Service | Disclaimer | Privacy Policy