UP Nand Baba Milk Mission: आवेदन फॉर्म, पात्रता, लाभ और चयन प्रक्रिया!

हमारे देश में अधिकतर किसानों की आय का साधन पशुपालन है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के सभी किसानों को बढ़ावा देने के लिए UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने “यूपी नंद बाबा दुग्ध मिशन | UP Nand Baba Milk Mission” को शुरू किया है। इस योजना के माध्यम से राज्य के किसानों को दूध की अच्छी कीमत प्रदान की जाएगी और साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार किया जायेगा। ऐसे में पशुपालको की आय में बढ़ोतरी होगी। पशुपालन के साथ-साथ किसानों को भूमि की उपज बढ़ाने के लिए कृषि यंत्र खरीदने पर 50% सब्सिडी प्रदान की जाएगी। जिसका लाभ आप भी उठा सकते है। इसके अलावा उन्हें देशी नस्ल की गाय खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

योगी आदित्यनाथ जी द्वारा नंद बाबा दुग्ध मिशन योजना को शुरू किया गया। प्रदेश के पशुधन और दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने 1000 करोड़ रुपये की लागत से इस योजना को संचालित करने का ऐलान किया है। पशुपालक करने वाले किसानों को दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों द्वारा अपने ही गाँव में दूध बेचने की व्यवस्था की जायेगी। ऐसे में किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी।

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Table of Contents

दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए यूपी सरकार लाई Nand Baba Dugdh Mission योजना | UP Nand Baba Milk Mission | Nand Baba Dugdh Mission Yojana Online Registration

उत्तर प्रदेश में दूध विकास और उत्पादन को बढ़ावा देने के प्रयास में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नंद बाबा दूध मिशन शुरू किया है। 1,000 करोड़ रुपये के बजट के साथ, इस पहल का उद्देश्य दूध उत्पादकों को सशक्त बनाना और उन्हें डेयरी सहकारी समितियों के माध्यम से उचित मूल्य पर अपना दूध बेचने के अवसर प्रदान करना है। नंद बाबा दूध मिशन का प्राथमिक उद्देश्य उत्तर प्रदेश में दूध उत्पादकों को सशक्त बनाना है। डेयरी सहकारी समितियों की स्थापना करके, मिशन का उद्देश्य उत्पादकों को उनके दूध के लिए उचित और उचित मूल्य प्रदान करना है, जिससे उनकी आर्थिक भलाई सुनिश्चित हो सके।

यूपी नंद बाबा दुग्ध मिशन 2024 | UP Nand Baba Milk Mission 2024

डेयरी विकास विभाग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों के दूध के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के प्रयासों का नेतृत्व कर रहा है। डेयरी एफपीओ की स्थापना के माध्यम से, मिशन का लक्ष्य गांवों में दूध की बिक्री को बढ़ाना, उत्तर प्रदेश में कृषि आधारित बुनियादी ढांचे के विकास में योगदान देना है।

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यूपी नंद बाबा दुग्ध मिशन का संक्षिप्त विवरण | Brief description of UP Nand Baba Milk Mission

विवरण जानकारी
योजना का नाम यूपी नंद बाबा दुग्ध मिशन | UP Nand Baba Milk Mission
राज्य उत्तर प्रदेश
लाभार्थी राज्य के सभी पशुपालक
कब शुरू हुई 6 जून 2023
किसके द्वारा शुरू हुई पशुधन और दुग्ध विभाग
योजना का लाभ किसानों को दूध की अच्छी कीमत देना, आय में बढ़ोत्तरी करना
योजना का बजट 1000 करोड़ रुपये
ऑफिसियल वेबसाइट जल्द शुरू होगी

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भारतीय डेयरी प्रणाली के बारे में कुछ जानकारी | Some information about Indian dairy system

  1. वैश्विक दूध उत्पादन में भारतीय डेयरी क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान है, जो 24% के लिए जिम्मेदार है।
  2. भारत दुनिया भर में दूध उत्पादन में शीर्ष रैंक का दावा करता है, और प्रमुख राज्य उत्तर प्रदेश (14.9%), राजस्थान (14.6%), मध्य प्रदेश (8.6%), गुजरात (7.6%), और आंध्र प्रदेश (7.0%) हैं।
  3. डेयरी सबसे बड़ी कृषि वस्तु है जो राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में 5% जोड़ती है, पिछले 5 वर्षों में 6.4% की वृद्धि हुई है।
  4. डेयरी उद्योग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 8 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करता है।

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उत्तर प्रदेश राज्य में दूध उत्पादन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य | Important facts related to milk production in the state of Uttar Pradesh

  • उत्तर प्रदेश भारत के डेयरी उद्योग में एक प्रमुख राज्य है, जिसमें कई मवेशी फार्मों और सहकारी समितियों के माध्यम से दूध उत्पादन, प्रसंस्करण और वितरण में मजबूत उपस्थिति है।
  • राज्य के दूध उत्पादन में विभिन्न मवेशियों की नस्लों जैसे – मुर्रा भैंस, साहीवाल और गिर का योगदान है।
  • उत्तर प्रदेश में दूध प्रसंस्करण के लिए अच्छी तरह से स्थापित बुनियादी ढांचा है, जिसमें पाश्चुरीकरण, पैकेजिंग और घी, पनीर और दही जैसे दूध आधारित उत्पादों का उत्पादन शामिल है।
  • इसके अलावा, राज्य के कुछ लोकप्रिय दूध आधारित उत्पादों में दूध पेड़ा, लस्सी, राबड़ी और छेना शामिल हैं।
  • उत्तर प्रदेश में डेयरी क्षेत्र रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देता है और राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है। सरकारी पहलों का उद्देश्य दूध की गुणवत्ता में वृद्धि करना, उत्पादकता में सुधार करना और किसानों को सहायता और प्रशिक्षण प्रदान करना है।

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यूपी नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत कुछ प्रमुख बिंदु | Some key points under UP Nand Baba Milk Mission

  • UP Nand Baba Milk Mission के तहत उत्तर प्रदेश में दूध का उत्पादन करने वाले किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास होगा। इसके लिये राज्य सरकार नंद बाबा दुग्ध मिशन पर अगले पाँच वर्षों में 1000 करोड़ रुपए खर्च करेगी।
  • इस मिशन के तहत गाँवों में दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों द्वारा दुग्ध उत्पादकों को उनके गाँव में ही दूध की बिक्री की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
  • ग्रामीण क्षेत्र में दूध का व्यापार आय का एक अतिरिक्त साधन है। इस मिशन के तहत वित्त वर्ष 2024-25 में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पाँच ज़िलों में पाँच डेयरी किसान उत्पादक संगठन बनाने की योजना है जिसमें महिलाओं को अहम भूमिका दी जाएगी।
  • इस मिशन के तहत किसानों को उन्नत नस्ल की स्वदेशी गायों की खरीद में अनुदान के लिये सरकार की तरफ से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। गायों के लिये चारा और पशु आहार बनाने वालों को भी अनुदान दिया जाएगा।
  • UP Nand Baba Milk Mission 2024 का काम ठीक से चले इसके लिये प्रदेश स्तर पर मुख्य सचिव और जनपद स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में समितियाँ बनाई गई हैं। मिशन के जरिये सरकार पूरे प्रदेश में गाय पालने वालों का डेटाबेस भी बनाएगी।
  • पशुधन और दुग्ध विकास के अपर मुख्य सचिव रजनीश दुबे कहा कि प्रदेश में डेयरी सेक्टर के अंदर नए-नए उद्योगों में निवेश की अपार संभावना है। इसके लिये सरकार ने उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति 2022 बनाई है। इस नीति का तालमेल UP Nand Baba Milk Mission 2024 से बिठाया जाएगा।
  • यह मिशन दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में 25 प्रतिशत से अधिक की वार्षिक वृद्धि लाने में सहायक होगा।

यूपी नंद बाबा दुग्ध मिशन 2024 | UP Nand Baba Milk Mission 2024

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यूपी नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत UP के पाँच जिलों में डेयरी किसान उत्पादक संगठन का निर्माण | Creation of Dairy Farmer Producer Organization in five districts of UP under UP Nand Baba Milk Mission

नंद बाबा दूध मिशन के हिस्से के रूप में, राज्य के 5 जिलों में डेयरी किसान उत्पादक संगठन (डेयरी एफपीओ) स्थापित करने की प्रस्तावित योजना है। ये संगठन उत्पादकों के गांवों में सीधे दूध की बिक्री की सुविधा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। डेयरी एफपीओ में महिलाओं की भागीदारी योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू है, जो लैंगिक समावेशिता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है।

  • उत्तरप्रदेश में 2023-24 में राज्य के पाँच जिलों में डेयरी किसान उत्पादक संगठन प्रारंभ किया जाएगा। इस संगठन में राज्य की महिलाओं की अहम भूमिका होने वाली है।
  • सरकार ने सुव्यवस्थित तरीके से योजना को चलाने हेतु 1000 करोड़ रुपये खर्च करने का ऐलान किया है। डेयरी के माध्यम से किसानों को अपने ही गाँव में दूध बेचने की सुविधा मिलेगी जिससे उनकी आय पहले से अधिक हो जाएगी।
  • इसके अलावा योजना का सही से संचालन करने के लिए प्रदेश स्तर पर मुख्य सचिव और जनपद स्तर पर डीएम समिति का निर्माण किया जायेगा।

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नंद बाबा दुग्ध मिशन योजना के लिए पात्रता | Eligibility for Nand Baba Milk Mission Scheme

  • उत्तर प्रदेश राज्य का कोई भी किसान इस योजना में आवेदन करने के पात्र है।
  • राज्य की महिलाए भी इस योजना के पात्र है।
  • किसान का बैंक अकाउंट होना अनिवार्य है।

जरुरी दस्तावेज | necessary documents

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • राशन कार्ड
  • बैंक खाता वितरण
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • मोबाइल नंबर

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यूपी नंद बाबा दुग्ध मिशन के लाभ | Benefits of UP Nand Baba Milk Mission

  • UP Nand Baba Milk Mission Scheme के तहत किसानों को दूध बिक्री के लिए संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके साथ ही उन्हें दूध का उचित दाम भी दिया जाएगा।
  • इस योजना को सुव्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए 1000 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
  • दुग्ध सहकारी समितियों के द्वारा पशुपालको को उनके गाँव में ही दूध बेचने की व्यवस्था उपलब्ध करवाई जाएगी।
  • इस योजना के तहत सरकार द्वारा सभी किसानों का डाटाबेस तैयार किया जाएगा। ताकि भविष्य में उन्हें अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकें।
  • किसानों के साथ-साथ पशु आहार और चारा बनाने वालों को भी बढ़ावा देने के लिए अनुदान दिया जाएगा।
  • दुग्ध उत्पादन में उत्तरप्रदेश सबसे आगे है ऐसे में बढ़ती जनसँख्या को दूध पहुंचाने के लिए इस योजना की महत्वपूर्ण भूमिका है।
  • योजना की आसानी से निगरानी करने के लिए जनपद और प्रदेश समिति का गठन किया गया है।
  • किसानों को पशुपालकों के साथ-साथ देशी नस्ल की गाय को खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। ताकि दूध की मात्रा में अधिक वृद्धि हो।
  • इस योजना के अंतर्गत राज्य की महिला की अहम भूमिका होगी। इस योजना में अधिकतम महिलाओं को नियुक्त किया जाएगा।

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यूपी नंद बाबा दुग्ध मिशन की आवेदन प्रक्रिया और नियम | UP Nand Baba Dugdh Mission Application Process and Rules

यूपी नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत मुख्य रूप से दो बड़ी योजनाएं चलाई जा रही हैं: नंदिनी कृषक समृद्धि योजना और मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना। इन दोनों के लिए आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किए जाते हैं।

1. ऑनलाइन आवेदन करने के चरण (Step-by-Step Process)

चरण 1: आधिकारिक पोर्टल पर जाना

  • प्रक्रिया: सबसे पहले नंद बाबा दुग्ध मिशन की आधिकारिक वेबसाइट/पोर्टल पर जाएं।
  • स्पष्टीकरण: यह सरकार द्वारा अधिकृत एकमात्र वेबसाइट है जहाँ इस योजना के फॉर्म भरे जाते हैं। किसी भी अन्य फर्जी वेबसाइट से बचें।

चरण 2: नया पंजीकरण (Registration)

  • प्रक्रिया: होमपेज पर मौजूद ‘पंजीकरण करें’ (Register) बटन पर क्लिक करें और अपनी बुनियादी जानकारी दर्ज करें।
  • स्पष्टीकरण: योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले आपको पोर्टल पर अपना एक अकाउंट बनाना होता है, जिससे आपको एक यूजर आईडी और पासवर्ड (Credentials) मिलता है।

चरण 3: पोर्टल पर लॉगिन करना

  • प्रक्रिया: अपने मोबाइल या ईमेल पर मिले लॉगिन आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके पोर्टल में प्रवेश (Login) करें।
  • स्पष्टीकरण: बिना लॉगिन किए आप मुख्य आवेदन फॉर्म तक नहीं पहुँच सकते। यह सुरक्षा और आपकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए है।

चरण 4: आवेदन फॉर्म भरना

  • प्रक्रिया: जिस भी योजना (जैसे- नंदिनी कृषक योजना) में आप आवेदन करना चाहते हैं, उसे चुनें और फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियां ध्यानपूर्वक भरें।
  • स्पष्टीकरण: यहाँ आपको अपना नाम, पता, गोपालन का विवरण आदि सही-सही भरना होता है। गलत जानकारी देने पर आवेदन निरस्त (Reject) हो सकता है।

चरण 5: जरूरी दस्तावेज अपलोड करना

  • प्रक्रिया: मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेज (जैसे- पहचान पत्र, बैंक पासबुक, जमीन के कागज और अनुभव प्रमाण पत्र) स्कैन करके पोर्टल पर अपलोड करें।
  • स्पष्टीकरण: डिजिटल रूप में दस्तावेजों को जमा करना अनिवार्य है ताकि अधिकारी उनकी सत्यता की जांच कर सकें। (नोट: पहचान पत्र के रूप में सरकार द्वारा जारी मान्य दस्तावेज ही लगाएं)

चरण 6: फाइनल सबमिट और रसीद

  • प्रक्रिया: फॉर्म को पूरी तरह चेक करने के बाद ‘Submit’ बटन दबाएं और जेनरेट हुई ‘एप्लिकेशन रसीद’ का प्रिंट आउट निकालकर अपने पास रख लें।
  • स्पष्टीकरण: यह रसीद इस बात का सबूत है कि आपने फॉर्म जमा कर दिया है। भविष्य में स्टेटस ट्रैक करने या अधिकारियों को दिखाने के लिए यह रसीद बहुत जरूरी होती है।

2. पात्रता और मुख्य शर्तें (Eligibility & Important Terms)

यदि आप इस मिशन का लाभ उठाना चाहते हैं, तो सरकार ने इसके लिए कुछ कड़े और स्पष्ट नियम तय किए हैं:

गोपालन का अनुभव (Experience):

  • नियम: आवेदक के पास गाय पालने का कम से कम 3 साल का अनुभव होना चाहिए। यह अनुभव आपके जिले के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (CVO) द्वारा प्रमाणित होना जरूरी है।
  • स्पष्टीकरण: सरकार यह लाभ केवल उन्हीं लोगों को देना चाहती है जिन्हें डेयरी क्षेत्र की समझ है, ताकि योजना विफल न हो। इसके लिए आपको सरकारी पशु डॉक्टर से लिखित सर्टिफिकेट लेना होगा।

जमीन की उपलब्धता (Land Requirement):

  • नियम: गोशाला (Infrastructure) के निर्माण के लिए कम से कम 0.5 एकड़ और गायों के चारे के उत्पादन के लिए न्यूनतम 1.5 एकड़ जमीन होनी चाहिए।
  • स्पष्टीकरण: आधुनिक डेयरी फार्मिंग के लिए जगह और चारे की व्यवस्था अनिवार्य है। कुल मिलाकर आपके पास कम से कम 2 एकड़ जमीन का बंदोबस्त होना चाहिए।

गायों की नस्ल और क्रय (Breed & Purchase):

  • नियम: इस योजना के तहत आपको उत्तर प्रदेश के बाहर के राज्यों से उन्नत नस्ल की स्वदेशी गायें (जैसे- गिर, साहीवाल, थारपारकर) खरीदनी होंगी।
  • स्पष्टीकरण: इसका उद्देश्य राज्य में दूध उत्पादन की क्षमता बढ़ाना है। ये खास नस्लें अधिक दूध देने के लिए जानी जाती हैं।

अनिवार्य पशु बीमा (Insurance):

  • नियम: खरीदी गई सभी गायों का 3 वर्षों के लिए बीमा कराना अनिवार्य है।
  • स्पष्टीकरण: यदि बीमारी या किसी दुर्घटना में गाय की मृत्यु हो जाती है, तो पशुपालक को भारी आर्थिक नुकसान न हो, इसलिए 3 साल का इंश्योरेंस जरूरी किया गया है।

महत्वपूर्ण नोट: इस योजना के तहत आवेदन हमेशा नहीं खुले रहते। सरकार समय-समय पर इसके लिए ‘विज्ञप्ति’ (Notification) जारी करती है और एक सीमित समय के लिए ही पोर्टल चालू होता है। यदि आपको ऑनलाइन प्रक्रिया में कोई समस्या आती है, तो आप सीधे अपने जिले के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (Chief Veterinary Officer) कार्यालय में जाकर संपर्क कर सकते हैं।

FAQs: Nand Baba Dugdh Mission

Q. UP Nand Baba Milk Mission क्या है?

यह उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक योजना है जिसका उद्देश्य राज्य में दूध उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।

Q. UP Nand Baba Milk Mission के मुख्य लाभ क्या हैं?

  • किसानों को उनके दूध के लिए बेहतर कीमत मिलेगी।
  • पशुधन के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार होगा।
  • दुग्ध उत्पादों के प्रसंस्करण और विपणन के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा होगा।
  • नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

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Q. इस योजना के लिए कौन पात्र है?

उत्तर प्रदेश में रहने वाले सभी पशुपालक इस योजना के लिए पात्र हैं।

Q. इस योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

इस योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया अभी घोषित नहीं की गई है। अधिक जानकारी के लिए, आप पशुधन और दुग्ध विभाग, उत्तर प्रदेश की वेबसाइट देख सकते हैं या विभाग से संपर्क कर सकते हैं।

Q. योजना का बजट क्या है?

इस योजना का बजट 1000 करोड़ रुपये है।

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Q. UP Nand Baba Milk Mission 2024 से किन राज्यों को लाभ होगा?

यह योजना केवल उत्तर प्रदेश राज्य के लिए है।

Q. इस योजना की शुरुआत कब हुई?

इस योजना की शुरुआत 6 जून 2023 को हुई थी।

Q. क्या UP Nand Baba Milk Mission के तहत कोई अनुदान दिया जाता है?

हाँ, इस योजना के तहत किसानों को विभिन्न प्रकार के अनुदान दिए जाते हैं, जैसे कि पशुधन खरीदने के लिए अनुदान, चारा बनाने के लिए अनुदान, और दुग्ध उत्पादों के प्रसंस्करण और विपणन के लिए अनुदान।

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Q. इस योजना की सफलता के लिए क्या चुनौतियां हैं?

इस योजना की सफलता के लिए कुछ चुनौतियां हैं, जैसे कि- किसानों के बीच जागरूकता की कमी, बुनियादी ढांचे की कमी, और पशुधन रोगों का प्रकोप।

Q. UP Nand Baba Milk Mission यूपी के किसानों के लिए कैसे फायदेमंद होगा?

यह योजना यूपी के किसानों के लिए कई मायनों में फायदेमंद होगी। इससे उन्हें अपने दूध के लिए बेहतर कीमत मिलेगी, उनकी आय में वृद्धि होगी, और उनकी जीवन स्तर में सुधार होगा।

Q. यह योजना क्या यूपी को दूध उत्पादन में अग्रणी राज्य बना सकती है?

हाँ, यह योजना यूपी को दूध उत्पादन में अग्रणी राज्य बना सकती है। यदि योजना को सफलतापूर्वक लागू किया जाता है, तो यह राज्य में दूध उत्पादन को बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।

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